EPFO, ESIC और पेंशन में बदलाव की तैयारी, कर्मचारियों को मिल सकती है राहत

Updated at : 08 Feb 2026 3:30 PM (IST)
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EPFO News: सरकार EPFO और ESIC की वेतन सीमा बढ़ाने, राष्ट्रीय फ्लोर वेज तय करने और EPS पेंशन में बढ़ोतरी पर विचार कर रही है. प्रस्ताव लागू होने पर करोड़ों कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा का फायदा मिल सकता है और श्रमिकों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है.

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EPFO News: देश के करोड़ों कर्मचारियों और मजदूरों के लिए जल्द ही राहत भरी खबर आ सकती है. श्रम एवं रोजगार मंत्रालय EPFO और ESIC की वेतन सीमा बढ़ाने, राष्ट्रीय फ्लोर वेज तय करने और कर्मचारी पेंशन योजना (EPS-1995) के तहत न्यूनतम पेंशन बढ़ाने जैसे अहम मुद्दों पर फैसला लेने की तैयारी में है. श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया ने हाल ही में कहा कि इन विषयों पर सरकार गंभीरता से विचार कर रही है और मजदूरों के हित में निर्णय लिया जाएगा.

मौजूदा नियम और बदलाव की मांग

फिलहाल EPFO के तहत वेतन सीमा ₹15,000 प्रति माह है, जबकि ESIC के लिए यह सीमा ₹21,000 है. वहीं EPS योजना के तहत न्यूनतम पेंशन ₹1,000 प्रति माह मिलती है. लंबे समय से कर्मचारी संगठन और ट्रेड यूनियन इन सीमाओं को बढ़ाने और पेंशन में सुधार की मांग कर रहे हैं, ताकि ज्यादा कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिल सके और महंगाई के दौर में आर्थिक सहारा मिल पाए.

सरकार और उद्योग के बीच संतुलन की चुनौती

EPFO और ESIC की वेतन सीमा बढ़ाने के मुद्दे पर कई बार चर्चा हो चुकी है, लेकिन अभी तक अंतिम फैसला नहीं लिया गया है. इसका कारण यह है कि ट्रेड यूनियन ज्यादा बढ़ोतरी चाहती हैं, जबकि उद्योग जगत लागत बढ़ने को लेकर चिंतित है. सरकार दोनों पक्षों के बीच संतुलन बनाते हुए ऐसा समाधान निकालने की कोशिश कर रही है, जिससे कर्मचारियों और उद्योग दोनों को नुकसान न हो.

नए लेबर कोड और भविष्य की योजना

सरकार का मानना है कि नए लेबर कोड्स लागू होने से मजदूरों को ज्यादा सुरक्षा मिलेगी और उद्योग व कर्मचारियों के बीच तालमेल बेहतर होगा. Code on Wages, 2019 के तहत राष्ट्रीय फ्लोर वेज तय किया जाएगा, जो पूरे देश में न्यूनतम मजदूरी का आधार बनेगा. वहीं Social Security Code, 2020 के जरिए पुराने श्रम कानूनों की जगह एक व्यापक सामाजिक सुरक्षा ढांचा तैयार किया गया है.

अगर EPFO, ESIC और पेंशन से जुड़े प्रस्ताव लागू होते हैं, तो इससे करोड़ों कर्मचारियों को सीधा फायदा मिल सकता है. ज्यादा लोगों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिलेगा, पेंशन में बढ़ोतरी संभव होगी और मजदूरों की आर्थिक स्थिति पहले से ज्यादा मजबूत हो सकती है.

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Abhishek Pandey

लेखक के बारे में

By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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