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ओईसीडी ने कहा, कोरोना वायरस से ग्लोबल इकोनॉमी में 2008 जैसी लौट सकती है आर्थिक मंदी

Updated at : 02 Mar 2020 10:15 PM (IST)
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ओईसीडी ने कहा, कोरोना वायरस से ग्लोबल इकोनॉमी में 2008 जैसी लौट सकती है आर्थिक मंदी

कोरोना वायरस ने वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इतना गहरा प्रभाव डाल रहा है कि दुनिया भर की एजेंसियां अपनी रिपोर्ट में वैश्विक अर्थव्यवस्था में 2008 की तरह आर्थिक मंदी की लौटने की बात कर रही हैं. इन्हीं एजेंसियों में से एक ओईसीडी यानी आर्थिक सहयोग और विकास संगठन ने सोमवार को जारी स्पेशल रिपोर्ट में इस बात का जिक्र किया है कि कोरोना वायरस की वजह से वैश्विक अर्थव्यवस्था में आर्थिक मंदी लौट सकती है.

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पेरिस : चीन से दुनिया भर में पसरे कोरोना वायरस की वजह से वैश्विक अर्थव्यवस्था में एक बार फिर 2008 जैसी आर्थिक मंदी लौट सकती है. सोमवार को आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (ओईसीडी) ने कहा कि दुनिया के कई देशों में कोरोना वायरस के फैलने से इस तिमाही में वैश्विक अर्थव्यवस्था में गिरावट आ सकती है. 2008 में उपजे अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संकट के बाद पहली बार ऐसा होगा.

आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (ओईसीडी) ने कोरोना वायरस के प्रभाव को लेकर सोमवार को जारी एक विशेष रिपोर्ट में कहा कि अभी भी यह उम्मीद की जा रही है कि इस साल कुल मिलाकर वैश्विक अर्थव्यवस्था में वृद्धि जारी रहेगी और अगले साल इसमें और तेजी आयेगी. हालांकि, संगठन ने 2020 के लिए वैश्विक आर्थिक वृद्धि के अपने अनुमान को करीब आधा फीसदी कम करके 2.4 फीसदी कर दिया है.

ओईसीडी ने कहा कि यदि कोरोना वायरस दुनिया में व्यापक तौर पर फैल जाता है और लंबे समय तक इसका असर रहता है, तो यह वृद्धि 1.5 फीसदी तक भी रह सकती है. वैश्विक जीडीपी में इससे पहले तिमाही-दर-तिमाही आधार पर 2008 के अंत में गिरावट दर्ज की गयी थी. उस समय दुनिया में वित्तीय संकट गहरा गया था. यदि वार्षिक आधार पर बात की जाए, तो 2009 में विश्व अर्थव्यवस्था में गिरावट आयी थी.

ओईसीडी ने कहा कि चीन में उत्पादन घटने का असर खासतौर पर एशिया पर तो पड़ ही रहा है. इसके साथ ही, वह कंपनियां भी इससे प्रभावित हो रही हैं, जो कि उसके माल पर निर्भर हैं. इस बीच, समाचार एजेंसी एएफपी की एक खबर के मुताबिक, समूह-7 (जी-7) और यूरोक्षेत्र के वित्त मंत्री बुधवार को आपस में फोन पर बातचीत करेंगे. मंत्री आपस में कोरोना वायरस की स्थिति को लेकर चर्चा करेंगे और उठाये जा रहे कदमों को लेकर समन्वय स्थापित करेंगे. फ्रांस के वित्त मंत्री ब्रुनो ली मायरे ने सोमवार को यह जानकारी दी.

मायरे ने फ्रांस-2 टेलीविजन पर कहा, ‘हमारे बीच यह बातचीत फोन पर होगी (क्योंकि आपको ज्यादा यात्रा करने से बचना चाहिए). यह समूह 7 (जी7) के बीच कोरोना वायरस को देखते हुए आपसी समन्वय स्थापित करने के लिए होगी.’ उन्होंने कहा कि इस प्रकार की एक बातचीत बुधवार को यूरोक्षेत्र के वित्त मंत्रियों के बीच भी होगी. इसमें भी समन्वित कार्रवाई को लेकर निर्णय किया जायेगा.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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