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इलेक्ट्रिक गाड़ियां और AI के दौर में तांबे की डिमांड, जानें क्यों बढ़ रहे हैं दाम

Updated at : 20 Feb 2026 5:43 PM (IST)
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Copper Price Today

Copper Price Today

Copper Price Today: आधुनिक तकनीक और हरित ऊर्जा की बढ़ती रफ़्तार ने तांबे को भविष्य का लाल सोना बना दिया है. इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, AI डेटा सेंटर्स और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर्स में भारी मांग के कारण इसकी कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर हैं, जिससे ग्लोबल मार्केट में सप्लाई का संकट गहरा गया है.

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Copper Price Today: आने वाला समय क्लीन एनर्जी और हाई-टेक मशीनों का है, और इन सबको चलाने के लिए जिस एक चीज की सबसे ज्यादा जरूरत है, वह है तांबा (Copper). कभी सिर्फ बिजली के तारों तक सीमित रहने वाला तांबा, अब दुनिया की सबसे कीमती औद्योगिक धातु बनता जा रहा है. मार्केट एक्सपर्ट्स इसे भविष्य की सबसे महत्वपूर्ण कमोडिटी मान रहे हैं.

सिर्फ बिजली के तार नहीं, इन सेक्टर्स में है भारी मांग

तांबे की मांग बढ़ने के पीछे सबसे बड़ी वजह आधुनिक तकनीक है:

  • एक इलेक्ट्रिक कार में सामान्य कार के मुकाबले कई गुना ज्यादा तांबे का इस्तेमाल होता है (बैटरी और मोटर के लिए).
  • दुनिया भर में बन रहे बड़े डेटा सेंटर्स और AI मशीनों में तांबे की वायरिंग का बहुत बड़ा रोल है.
  • सोलर पैनल और पवन चक्कियों (Wind Energy) के निर्माण में तांबा अनिवार्य है.

क्यों बढ़ रहा है कीमतों पर दबाव?

वर्तमान में COMEX मार्केट पर तांबे का भाव 5.7520 डॉलर प्रति पाउंड के आसपास देखा जा रहा है. इसका सीधा सा गणित है मांग बहुत ज्यादा है और सप्लाई कम. जब दुनिया भर के इन्वेस्टर देखते हैं कि स्टॉक कम हो रहा है, तो वे तांबे की खरीदारी बढ़ा देते हैं, जिससे कीमतें ऊपर की ओर भागने लगती हैं. इसके अलावा डॉलर की मजबूती और माइनिंग (खदानों) की स्थिति भी रेट पर असर डालती है.

सप्लाई की कमी बनी सिरदर्द

मांग तो बढ़ रही है, लेकिन तांबा पैदा करना उतना आसान नहीं रहा:

  • प्रदूषण कम करने के चक्कर में नई खदानों को मंजूरी मिलने में देरी हो रही है.
  • कई प्रमुख देशों में माइनिंग का काम धीमी गति से चल रहा है.
  • नई तकनीक और खदानों में निवेश उतना तेज़ नहीं है, जितनी तेज़ी से दुनिया को तांबे की ज़रूरत है.

आगे क्या होगा?

एक्स्पर्ट्स का साफ कहना है कि आने वाले समय में तांबे की कीमतें और बढ़ सकती हैं. अगर सप्लाई की समस्या जल्द हल नहीं हुई, तो सप्लाई-डिमांड गैप के कारण बाजार में तांबे की भारी किल्लत हो सकती है. अब तांबा सिर्फ एक धातु नहीं, बल्कि भविष्य की ऊर्जा क्रांति की रीढ़ बन चुका है.

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Anshuman Parashar

लेखक के बारे में

By Anshuman Parashar

अंशुमान पराशर पिछले दो वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के लिए बिजनेस की लेटेस्ट खबरों पर काम कर रहे हैं. इसे पहले बिहार की राजनीति, अपराध पर भी इन्होंने खबरें लिखी हैं. बिहार विधान सभा चुनाव 2025 में इन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और विस्तृत राजनीतिक कवरेज किया है.

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