राजधानी एक्सप्रेस से भी ज्यादा बेहतर होगी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन? रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी ये जानकारी
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 11 Jan 2024 2:24 PM
Vande Bharat sleeper: वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों के चेयर कार की तरह स्लीपर वर्जन भी आने वाला है. जानिए इसकी कुछ खासियत और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने क्या दी जानकारी
Vande Bharat sleeper Train: भारतीय रेलवे आने वाले महीनों में वंदे भारत एक्सप्रेस का पहला स्लीपर वर्जन पेश करने के प्लान पर काम कर रही है. इस संबंध में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का बयान सामने आया है. उन्होंने बताया है कि वंदे भारत स्लीपर की तैयारी चल रही है जिसपर तेजी से काम जारी है. मार्च तक आने का इसका जो टारगेट है लगभग हम उसतक पहुंच चुके हैं. बहुत जल्द हम पहला वंदे भारत स्लीपर पटरी पर दौड़ते देखेंगे. मीडिया रिपोर्ट की मानें तो राजधानी एक्सप्रेस से बेहतर बताई जा रही नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का निर्माण भारतीय रेलवे इंटीग्रल कोच फैक्ट्री के सहयोग से बीईएमएल (BEML) द्वारा किया जा रहा है.
#WATCH गांधीनगर (गुजरात): वंदे भारत स्लीपर ट्रेन पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, "वंदे भारत स्लीपर की प्रगति बहुत अच्छी है और मार्च तक आने का इसका जो लक्ष्य है लगभग हम उस लक्ष्य तक पहुंच गए हैं। बहुत जल्द हम पहला वंदे भारत स्लीपर देखेंगे।" pic.twitter.com/5BCttzNTX2
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 11, 2024
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन राजधानी एक्सप्रेस से कैसे साबित होगी अच्छी
एक खबर अंग्रेजी वेबसाइट टाइम्स ऑफ इंडिया ने प्रकाशित की है. इसमें सूत्रों के हवाले से जानकारी दी गई है कि वंदे भारत एक्सप्रेस में यात्रियों की सुविधाओं के बारे में जो खबर आ रही है उसके अनुसार, मौजूदा प्रीमियम ट्रेन राजधानी एक्सप्रेस और तेजस एक्सप्रेस ट्रेनों से बेहतर हैं. जैसे, यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बर्थ के किनारे अतिरिक्त कुशनिंग दी गई है, ऐसा इसलिए ताकि जब यात्री सोते या आराम करते समय करवट लें तो यह अधिक आरामदायक उनके लिए साबित हो.
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन कुछ खास विशेषताएं जानें यहां
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राजधानी एक्सप्रेस ट्रेनों की तुलना में बेहतर कुशनिंग के साथ अधिक आरामदायक बर्थ इसमें होंगी.
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ऊपरी बर्थ पर चढ़ने में आसानी के लिए बेहतर डिजाइन वाली सीढ़ी यात्रियों के लिए खास होगी.
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बेहतर कप्लर्स के साथ ये होगा जिसमें जर्क नहीं लगेगा.
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बेहतर परिवेश अनुभव के लिए इंटीरियर में क्रीम, पीले और लकड़ी के रंगों का यूज किया जा किया गया है.
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सेंसर आधारित लाइट की व्यवस्था की गई है.
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कोचों के गलियारे क्षेत्र में आसान आवाजाही के लिए पट्टियों के माध्यम से फर्श पर बेहतर लाइट की व्यवस्था नजर आएगी.
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एंटी-स्पिल सुविधाओं के साथ वॉश बेसिन इसमें होगा.
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सेंसर आधारित इंटर कम्युनिकेशन डोर भी इसमें है.
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स्वचालित बाहरी यात्री दरवाजे के साथ-साथ इसमें मॉड्यूलर पेंट्री, क्रैश योग्य विशेषताएं, दिव्यांगों के लिए विशेष बर्थ और शौचालय, फर्स्ट एसी कार में गर्म पानी से शॉवर, एर्गोनॉमिक रूप से डिजाइन की गई गंध मुक्त शौचालय प्रणाली इस ट्रेन में खास होगा.
ये भी खास चीजें होंगी जो यात्रियों को लुभाएगी
वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों के चेयर कार की तरह स्लीपर वर्जन भी 160 किमी प्रति घंटे की गति क्षमता वाली होगी जिससे जल्दी यात्री अपने गंतव्य तक पहुंच जाएंगे. वंदे भारत स्लीपर ट्रेन विशेष रूप से रात की ट्रेन यात्राओं के लिए फायदेमंद साबित होगी. 16 कोच वाले वंदे भारत स्लीपर प्रोटोटाइप में 11 एसी 3 टियर कोच, 4 एसी 2 टियर कोच और एक एसी फर्स्ट कोच नजर आएगा. ट्रेन में कुल 823 यात्रियों की बर्थ क्षमता होगी.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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