Business News: सार्वजनिक क्षेत्र की साधारण बीमा कंपनियों में 2023-24 में और पूंजी नहीं डालेगी सरकार
Business News: आने वाले सोमवार को सप्ताह के पहले कारोबारी दिन बाजार से निवेशकों को काफी उम्मीद है. रिलायंस के एजीएम से भी बाजार को बूम की उम्मीद है. वहीं, रक्षा क्षेत्र की नवरत्न कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) को जुलाई और अगस्त 2023 में (अब तक) 3,289 करोड़ रुपये के नए रक्षा और गैर-रक्षा ठेके मिले हैं. इसका असर भी रक्षा क्षेत्र में काम करने वाली कंपनियों पर दिखने की उम्मीद है.
सार्वजनिक क्षेत्र की साधारण बीमा कंपनियों में 2023-24 में और पूंजी नहीं डालेगी सरकार
सरकार सार्वजनिक क्षेत्र की चार साधारण बीमा कंपनियों में चालू वित्त वर्ष (2023-24) में और पूंजी नहीं डालेगी. एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह बात कही है. उन्होंने कहा कि एक सरकारी गैर-जीवन बीमा कंपनी द्वारा चालू वित्त वर्ष में सरकार को लाभांश देने की संभावना है और ये कंपनियां अपने ‘सॉल्वेंसी मार्जिन’ के लक्ष्य को पा सकेंगी. सरकार ने पिछले साल तीन बीमा कंपनियों- नेशनल इंश्योरेंस कंपनी, ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी में 5,000 करोड़ रुपये की पूंजी डाली थी. चालू वित्त वर्ष के बजट में बीमा कंपनियों में पूंजी निवेश उपलब्ध नहीं कराया गया है.
वेदांता ने 1.1 अरब डॉलर की ‘लागत’ के मामले में सरकार के खिलाफ मध्यस्थता मुकदमा जीता
खनन कारोबारी अनिल अग्रवाल की अगुवाई वाली वेदांता लिमिटेड ने 9,545 करोड़ रुपये (1.16 अरब डॉलर) की लागत को स्वीकार नहीं करने के मामले में सरकार के खिलाफ मध्यस्थता का मुकदमा जीत लिया है. सरकार ने कंपनी के राजस्थान तेल और गैस क्षेत्रों से अधिक भुगतान की मांग की थी. दूसरी ओर वेदांता ने कहा था कि कुछ निश्चित लागत में 9,545 करोड़ रुपये खर्च हुए. सरकार ने तेल ब्लॉक की कुछ लागत को फिर से आवंटित करने और राजस्थान ब्लॉक से उत्पादित तेल के लिए पाइपलाइन बिछाने पर आने वाली लागत के एक हिस्से को अस्वीकार कर दिया था. ऐसे में अतिरिक्त लाभ पेट्रोलियम की मांग की गई.
इस्पात निर्माण में हाइड्रोजन का इस्तेमाल बढ़ाएगी टाटा स्टील, कार्बन उत्सर्जन में होगी बड़ी कमी
टाटा स्टील ने इस्पात बनाने की प्रक्रिया में हाइड्रोजन का इस्तेमाल बढ़ाने की योजना बनाई है. कंपनी ने झारखंड स्थित अपने जमशेदपुर संयंत्र में पायलट परियोजना के सफल होने के बाद यह फैसला किया है. टाटा स्टील के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) और प्रबंध निदेशक टी वी नरेंद्रन ने यह जानकारी दी. टाटा स्टील ने अप्रैल, 2023 में जमशेदपुर स्थित अपने इस्पात संयंत्र में ई-ब्लास्ट फर्नेस में 40 प्रतिशत इंजेक्शन सिस्टम का उपयोग करके हाइड्रोजन गैस इंजेक्ट करने का प्रयोग शुरू किया था. इस प्रयोग के नतीजों पर एक सवाल के जवाब में नरेंद्रन ने कहा कि यह बहुत सफल रहा. हम इसे बढ़ाएंगे, लेकिन हमें पूर्वी भारत में हरित हाइड्रोजन की जरूरत होगी, जिससे यह तय होगा कि इसका इस्तेमाल कैसे किया जा सकता है. हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि कंपनी हाइड्रोजन का उपयोग कितनी मात्रा में बढ़ाने की योजना बना रही है. ब्लास्ट फर्नेस में हाइड्रोजन का इस्तेमाल करके कोयले की खपत को कम किया जा सकता है, जिससे कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी.
सूचीबद्धता नियमों को पूरा करने में विफल रहने पर आईओसी, ओएनजीसी, गेल पर जुर्माना
शेयर बाजारों ने सूचीबद्धता नियमों को पूरा करने में विफल रहने पर सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम और गैस कंपनियों- इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC), ऑयल एंड नैचुरल गैस कॉरपोरेशन (ONGC) और गेल (Gail)सहित आधा दर्जन से अधिक कंपनियों पर जुर्माना लगाया है. इन कंपनियों ने स्वतंत्र और महिला निदेशकों की जरूरी संख्या से संबंधित सूचीबद्धता नियमों को अनुपालन नहीं किया है. अलग-अलग दी सूचना में कंपनियों ने बीएसई और एनएसई द्वारा लगाए गए जुर्माने का विवरण दिया गया है. हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि निदेशकों की नियुक्ति सरकार द्वारा की जाती है, और इसमें उनकी कोई भूमिका नहीं होती.
बी20 सम्मेलन में पीएम ने कहा-चंद्रयान-3 के पहुंचने के साथ त्योहारी सीजन शुरू हो गया
बी20 सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि चंद्रयान-3 के चंद्रमा पर पहुंचने के साथ भारत में त्योहारी सीजन 23 अगस्त से शुरू हो गया है. उन्होंने कहा कि हमने अफ्रीकी संघ को जी20 का स्थायी सदस्य बनने का न्योता दिया है. भारत ने कोविड महामारी के दौरान टीके का उत्पादन बढ़ाकर करोड़ों लोगों का जीवन बचाया. भारत उद्योग 4.0 क्रांति का चेहरा बनेगा. भविष्य की वैश्विक वृद्धि कारोबार क्षेत्र के भविष्य पर निर्भर.
इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता वाले क्षेत्र में शामिल कर सकती है केंद्र सरकार
केंद्र सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को प्राथमिकता वाले क्षेत्र की ऋण श्रेणी में शामिल करने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी. अधिकारी ने कहा कि हमें ईवी को प्राथमिकता वाले क्षेत्र में शामिल करने के लिए एक प्रस्ताव मिला है. हम बैंकों के लिए प्राथमिकता वाले क्षेत्र की ऋण श्रेणी को फिर से तैयार करने पर विचार करेंगे. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर भारतीय रिजर्व बैंक के साथ चर्चा की जानी है. आरबीआई के दिशानिर्देशों के अनुसार बैंकों को अपने समायोजित शुद्ध बैंक ऋण का 40 प्रतिशत प्राथमिकता वाले क्षेत्र को देना अनिवार्य है.
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