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Business News Live: हरियाली के साथ बंद हुआ शेयर बाजार, सेंसेक्स 325 अंक चढ़ा, निफ्टी 19400 के निकला पार

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Business News Live: ग्लोबल मार्केट में कमजोरी के बीच आज भारतीय बाजार की प्रीओपनिंग कमजोर रही. BSE Sensex 68.68 अंक यानी 0.11 फीसदी की गिरावट के साथ 63,926.53 के स्तर पर कारोबार कर रहा था. वहीं NIFTY 43.55 अंक यानी 0.23 फीसदी की बढ़त के साथ 19353.70 के आसपास कारोबार कर रहा था. आज बाजार में कारोबारियों की नजर जियो फाइनेंशियल सर्विसेज के लिस्टिंग पर होगी. इसका असर बाजार में दिखने की संभावना है.

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इरेडा का चालू वित्त वर्ष में 4,350 करोड़ रुपये की आय का लक्ष्य

सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी इरेडा ने चालू वित्त वर्ष के दौरान परिचालन से 4,350 करोड़ रुपये की आय हासिल करने का लक्ष्य रखा है. भारतीय नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी लिमिटेड (इरेडा) ने सोमवार को एक बयान में कहा कि अगले वित्त वर्ष 2024-25 में परिचालन आय बढ़कर 5,220 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है. इस संबंध में कंपनी ने नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) के साथ एक प्रदर्शन-आधारित सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं. इस एमओयू के तहत सार्वजनिक उद्यम विभाग (डीपीई) के दिशानिर्देशों के अनुरूप रणनीतिक लक्ष्यों की रूपरेखा तैयार की गई है, जिन्हें इरेडा वित्त वर्ष 2023-24 और 2024-25 के दौरान हासिल करने का प्रयास करेगा. बयान में कहा गया है कि भारत सरकार ने 2023-24 के लिए 4,350 करोड़ रुपये और 2024-25 के लिए 5,220 करोड़ रुपये की परिचालन आय का लक्ष्य निर्धारित किया है. इरेडा ने पिछले वित्त वर्ष में 3,482 करोड़ रुपये की परिचालन आय दर्ज की थी. इरेडा के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (CMD) प्रदीप कुमार दास ने कहा कि कंपनी ने वित्त वर्ष 2023-24 की पहली तिमाही में सालाना आधार पर ऋण वितरण में 272 प्रतिशत की प्रभावशाली वृद्धि हासिल की और शुद्ध लाभ 30 प्रतिशत बढ़ा.

हरियाली के साथ बंद हुआ शेयर बाजार, सेंसेक्स 325 अंक चढ़ा, निफ्टी 19400 के निकला पार

सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय बाजार की कमजोर शुरूआत हुई. मगर, बाजार बंद होने तक शेयर मार्केट में हरियाली देखने को मिली. BSE सेंसेक्स 325 अंक चढ़ाकर बंद हुआ. जबकि, निफ्टी 19400 के निकला पार निकल गया.

जोमैटो ने बैटरी-स्वैपिंग सेवा के लिए बैटरी स्मार्ट के साथ किया समझौता

खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने वाले ऑनलाइन मंच जोमैटो ने सोमवार को कहा कि उसने बैटरी स्मार्ट के चार्जिंग स्टेशन पर अपने ‘डिलीवरी पार्टनर’ को बैटरी-स्वैपिंग सेवा प्रदान करने के लिए उसके साथ साझेदारी की है. बैटरी-स्वैपिंग या बैटरी स्विचिंग एक इलेक्ट्रिक वाहन तकनीक है. इसमें चार्जिंग स्टेशन पर इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी बदली जाती है. कंपनी की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, साझेदारी के तहत जोमैटो के ‘डिलीवरी पार्टनर’ 30 से अधिक शहरों में बैटरी स्मार्ट के 800 से अधिक स्वैप स्टेशनों का इस्तेमाल कर पाएंगे. जोमैटो के मुख्य परिचालन अधिकारी रिंषुल चंद्रा ने कहा कि बैटरी स्मार्ट के साथ साझेदारी से हमारे डिलीवरी पार्टनर अब बैटरी स्वैपिंग स्टेशनों के विशाल व सुलभ नेटवर्क का लाभ उठा सकते हैं. उन्होंने कहा कि जोमैटो ने 2030 तक पूरी तरह इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल करने की प्रतिबद्ध व्यक्त की है और वह क्लाइमेट ग्रुप के ईवी100 अभियान में शामिल हो गया है. बैटरी स्मार्ट के सह-संस्थापक पुलकित खुराना ने कहा कि जोमैटो के साथ साझेदारी नए और मौजूदा डिलीवरी पार्टनर को ईवी क्रांति में शामिल होने के लिए सशक्त बनाएगी.

आईआईएफएल होम फाइनेंस को आईएफसी से 10 करोड़ डॉलर का ऋण मिला

आईआईएफएल होम फाइनेंस लिमिटेड (आईआईएफएल एचएफएल) को इंटरनेशनल फाइनेंस कॉरपोरेशन (आईएफसी) से 10 करोड़ डॉलर तक का ऋण-वित्तपोषण मिल गया है. एक संयुक्त बयान में सोमवार को यह जानकारी दी गई. ऋण-वित्तपोषण से आईआईएफएल एचएफएल को महिलाओं सहित आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (ईडब्ल्यूएस) और निम्न-आय समूहों (एलआईजी) के लिए गृह वित्त बढ़ाने में मदद मिलेगी. बयान के अनुसार, ऋण समझौते के तहत 50 प्रतिशत धनराशि कर्ज लेने वाली महिलाओं के आवास वित्त को बढ़ावा देने के लिए निर्धारित की गई है. शेष का इस्तेमाल वंचित वर्ग के खरीदारों के हरित आवास के वित्तपोषण के लिए किया जाएगा. हालांकि बयान में अवधि और ब्याज दर जैसे ऋण विवरण की जानकारी नहीं दी गई. आईआईएफएल एचएफएल के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) मोनू रत्रा ने कहा कि इसके जरिए हमारा मकसद अन्य आवास वित्त कंपनियों और विकास वित्त संस्थानों के लिए मार्ग प्रशस्त करना है.

भारत का विदेशी व्यापार 2023 के पहले छह महीने में 800 अरब डॉलर के पार

भारत के सेवा क्षेत्रों में वृद्धि ने वैश्विक मांग में मंदी के बावजूद 2023 की पहली छमाही के दौरान देश के वस्तुओं व सेवाओं के कुल निर्यात और आयात को 800 अरब डॉलर के आंकड़े के पार पहुंचाने में मदद की. हालांकि पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में इसमें 2.5 प्रतिशत की गिरावट आई है. शोध संगठन जीटीआरआई ने अपनी एक रिपोर्ट में यह बात कही. ‘ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव’ (जीटीआरआई) के विश्लेषण के अनुसार इस साल जनवरी से लेकर जून तक वस्तुओं व सेवाओं का निर्यात 1.5 प्रतिशत बढ़कर 385.4 अरब डॉलर हो गया, जबकि जनवरी-जून 2022 में यह 379.5 अरब डॉलर था. हालांकि, समीक्षाधीन इन छह महीनों में आयात 5.9 प्रतिशत घटकर 415.5 अरब डॉलर हो गया, जबकि जनवरी-जून 2022 में यह 441.7 अरब डॉलर था. रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी-जून 2023 के दौरान भारत का विदेशी व्यापार (माल व सेवाओं का निर्यात तथा आयात) 800.9 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि (जनवरी-जून 2022) की तुलना में 2.5 प्रतिशत कम है. जीटीआरआई के सह-संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने कहा कि कुछ क्षेत्रों में प्रतिस्पर्धात्मकता खोने के कारण आंकड़ों मामूली गिरावट आई है. उन्होंने कहा कि 2023 के लिए विश्व व्यापार यूक्रेन में चल रहे युद्ध, उच्च मुद्रास्फीति, सख्त मौद्रिक नीति और वित्तीय अनिश्चितता सहित कई कारकों के कारण कमजोर है.

वॉल स्ट्रीट जर्नल ने चीन की अर्थ व्यवस्था पर किया बड़ा दावा, कहा- 40 साल का सफल वृद्धि मॉडल चरमरा

दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी चीन की अर्थव्यवस्था अब गहरे संकट में है और उसका 40 साल का सफल वृद्धि मॉडल चरमरा गया है. अमेरिका के एक प्रमुख दैनिक समाचार पत्र ने अपनी खबर में यह बात कही. ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ (डब्ल्यूएसजी) ने रविवार की अपनी बड़ी खबर में लिखा कि अर्थशास्त्री अब मानते हैं कि चीन बहुत धीमी वृद्धि के युग में प्रवेश कर रहा है. प्रतिकूल जनसांख्यिकी और अमेरिका तथा उसके सहयोगियों के साथ बढ़ती दूरियों से स्थिति और खराब हो गई है, जो विदेशी निवेश व व्यापार को खतरे में डाल रहा है. खबर में कहा गया कि यह केवल आर्थिक कमजोरी का दौर नहीं है बल्कि इसका असर लंबे समय तक दिख सकता है. वित्तीय दैनिक पत्र ने कहा कि अब (आर्थिक) मॉडल चरमरा गया है. वॉल स्ट्रीट जर्नल ने कोलंबिया विश्वविद्यालय में इतिहास के प्रोफेसर व आर्थिक संकटों के विशेषज्ञ एडम टोजे के हवाले से कहा कि हम आर्थिक इतिहास के सबसे नाटकीय बदलाव को देख रहे हैं. खबर में बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स के आंकड़ों के हवाले से कहा गया कि सरकार व राज्य के स्वामित्व वाली कंपनियों के विभिन्न स्तरों के कर्ज सहित कुल ऋण 2022 तक चीन के सकल घरेलू उत्पाद का करीब 300 प्रतिशत हो गया था, जो अमेरिकी स्तर को पार कर गया. यह 2012 में 200 प्रतिशत से भी कम था. दूसरी ओर, चीन के राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो (एनबीएस) ने जून में कहा था कि चीन का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) 2023 की पहली छमाही (H1) में सालाना आधार पर 5.5 प्रतिशत बढ़ा. पहली छमाही में चीन की जीडीपी 59,300 अरब युआन रहा.

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Madhuresh Narayan

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By Madhuresh Narayan

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