Business News: राकेश झुनझुन वाले के शेयर वाली अकासा एयर को अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन की मिली मंजूरी
Business News: आज भारतीय बाजार की फिर से कमजोर शुरूआत हो सकती है. एशिया के बाजारों में नरमी जारी है. इस बीच आज सुबह गिफ्ट निफ्टी भी नीचे कारोबार कर रहा है. फेडरल रिजर्व के फैसले का अमेरिकी बाजार पर असर देखने को मिला. इस बीच, रिलायंस इंडस्ट्रीज के केजी-डी6 जैसे कठिन क्षेत्रों से उत्पादित प्राकृतिक गैस के दाम में अगले महीने से करीब 14 प्रतिशत की कटौती की जा सकती है. इससे वैश्विक स्तर पर ईंधन कीमतों में कमी के बीच प्राकृतिक गैस के दाम घटने की उम्मीद की जा रही है.
राकेश झुनझुन वाले के शेयर वाली अकासा एयर को अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन की मिली मंजूरी
परिचालन शुरू करने के एक साल बाद ही अकासा एयर को अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन की मंजूरी नागर विमानन मंत्रालय से मिल गई है. कंपनी अब दक्षिण एशिया, दक्षिण-पूर्व एशिया एवं पश्चिम एशिया के गंतव्यों के लिए उड़ानें संचालित करने की योजना बना रही है. फिलहाल पायलटों की भारी किल्लत का सामना कर रही अकासा एयर के संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विनय दुबे ने बुधवार को कहा कि नागर विमानन मंत्रालय ने इस एयरलाइन को अंतरराष्ट्रीय अधिसूचित परिचालक का दर्जा दे दिया है. दुबे ने एक बयान में कहा कि यह नया दर्जा हमें अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भरने की मंजूरी देगा. इससे हम इस साल के अंत तक अपना अंतरराष्ट्रीय परिचालन शुरू करने का सपना पूरा करने के एक कदम समीप पहुंच गए हैं. उन्होंने कहा कि अब एयरलाइन विदेशी गंतव्यों के लिए उड़ान भरने के अधिकार दिए जाने संबंधी अनुरोध पर संबंधित अधिकारियों के साथ काम कर रही है. हम जल्द ही अपनी उड़ानों वाले अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों की जानकारी देंगे. अकासा एयर के सीईओ ने कहा कि एयरलाइन भारत से दक्षिण एशिया, दक्षिण-पूर्व एशिया और पश्चिम एशिया के गंतव्यों के लिए उड़ान भरने का लक्ष्य लेकर चल रही है. दरअसल, एयरलाइन के बेड़े में बोइंग 737 मैक्स विमान ही हैं जो इसी दायरे में उड़ानें भर सकते हैं.
औंधे मुंह गिरा भारतीय बाजार, सेंसेक्स 796 अंक टूटा, निफ्टी 19,900 के आसपास हुआ बंद
सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन भारतीय बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिला. बीएसई सेंसेक्स 796 अंक लुढ़क कर 66,800.84 पर बंद हुआ. जबकि, एनएसई निफ्टी 231.90 अंक की गिरावट के साथ 20 हजार के नीचे 19,901.40 अंक पर बंद हुआ.
एसजेवीएन ने बिजली परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिये पावर फाइनेंस के साथ करार किया
सार्वजनिक क्षेत्र की बिजली उत्पादक कंपनी एसजेवीएन लि. ने 1.18 लाख करोड़ रुपये की बिजली परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिये पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (पीएफसी) के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये हैं. शेयर बाजार को दी गयी सूचना के अनुसार, पीएफसी और एसजेवीएन ने परियोजनाओं के लिये वित्तीय सहायता को लेकर समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किये हैं. इन परियोजनाओं में प्रमुख रूप से नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं और ताप बिजली परियोजनाएं शामिल हैं. इन परियोजनाओं की लागत लगभग 1,18,826 करोड़ रुपये है. कंपनी के अनुसार, सावधि कर्ज के रूप में वित्तीय सहायता परियोजना लागत के 70 प्रतिशत तक प्रस्तावित है. इसे परियोजना जरूरतों के अनुरूप बढ़ाया जा सकता है. पावर फाइनेंस ने एक अलग बयान में कहा कि पीएफसी और एसजेवीएन लिमिटेड ने विभिन्न परियोजनाओं के लिये वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिये समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं.
अडाणी समूह के साथ संयुक्त उद्यम में 30 करोड़ डॉलर का निवेश करेगी टोटल एनर्जीज
फ्रांस की टोटल एनर्जीज एसई अडाणी समूह के साथ नवीकरणीय ऊर्जा परियोजना के लिए एक नए संयुक्त उद्यम में 30 करोड़ डॉलर का निवेश करेगी. भारतीय समूह ने बुधवार को शेयर बाजारों को यह जानकारी दी. अडाणी समूह की नवीकरणीय ऊर्जा कंपनी अडाणी ग्रीन एनर्जी लि. (एजीईएल) ने कहा कि टोटल सीधे खुद या अपनी सहयोगी इकाइयों के जरिये एजीईएल के साथ 50:50 अनुपात वाली संयुक्त उद्यम कंपनी के गठन के लिए 30 करोड़ डॉलर का निवेश करेगी. इस नई संयुक्त उद्यम कंपनी अडाणी ग्रीन एनर्जी ट्वंटी थ्री लि. (एजीईएल23एल) के पास 1,050 मेगावाट (एमडब्ल्यूएसी) है. इसमें पहले से परिचालन में आ चुका 300 मेगावाट शामिल है. इसके अलावा 500 मेगावाट निर्माण के चरण में है और 250 मेगावाट विकास के चरण में है. पोर्टफोलियो में सौर और पवन ऊर्जा दोनों शामिल हैं.
एशिया हेल्थकेयर ने एआईएनयू में बहुलांश हिस्सेदारी खरीदी, 600 करोड़ रुपये का निवेश करेगी
एशिया हेल्थकेयर होल्डिंग्स (एएचएच) ने एशियन इंस्टिट्यूट ऑफ नेफ्रोलॉजी एंड यूरोलॉजी (एआईएनयू) में बहुलांश हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया है. इसके साथ ही उसने एआईएनयू में 600 करोड़ रुपये का निवेश करने की घोषणा की है. एशिया हेल्थकेयर होल्डिंग्स ने बुधवार को बयान में कहा कि यह निवेश प्राथमिक और द्वितीयक माध्यम दोनों के जरिये होगा. एआईएनयू यूरोलॉजी और नेफ्रोलॉजी देखभाल का एक स्पेशियल्टी अस्पताल नेटवर्क है, जो रोबोटिक यूरोलॉजी सर्जरी में विशेषज्ञता के साथ चार शहरों में मौजूद है.
डेटा संरक्षण नियमों के अनुपालन के लिए एक साल का समय दे सकती है सरकार
सरकार डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 के मानदंडों का अनुपालन करने के लिए इकाइयों को एक साल का समय दे सकती है. इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने बुधवार को यह बात कही. उन्होंने कहा कि सरकार इकाइयों को अपनी प्रणाली को इसके अनुरूप ढालने के लिए एक साल का समय देने पर विचार कर रही है. उद्योग के साथ चर्चा के मौके पर पत्रकारों से अलग से बातचीत में चंद्रशेखर ने कहा कि डेटा संरक्षण बोर्ड और मंजूरी प्रबंधन सहित आठ नियमों के लिए दिशानिर्देश एक महीने में जारी कर दिए जाएंगे. मंत्री ने कहा, ‘उद्योग ‘एज-गेटिंग’ के लिए कुछ और समय चाहता है, अलग-अलग डेटा इकाइयों के लिए इस बदलाव को अलग-अलग समयसीमा चाहता है. हमें उम्मीद है कि ‘एज-गेटिंग’ को छोड़कर ज्यादातर नियमों के लिए बदलाव 12 माह में पूरा हो जाएगा.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए