Business News in Hindi: बीएसई सेंसेक्स 106.62 अंक टूटकर 66,160 पर बंद, निफ्टी भी पड़ा सुस्त
Business News in Hindi: ग्लोबल मार्केट के दबाव के कारण आज फिर से भारतीय बाजार प्री-ओपनिंग में फ्लैट कारोबार करता नजर आ रहा है. सेंसेक्स 8.47 अंक यानी 0.01% की गिरावट के साथ 66,258.35 के स्तर पर कारोबार कर रहा है. जबकि, निफ्टी 24.60 अंक यानी 0.13% की गिरावट के साथ 19,635.30 के स्तर पर कारोबार कर रहा है. इस बीच GNIFTY भी चौथाई प्रतिशत टूटकर कारोबार कर रहा था. इस बीच अडाणी ट्रांसमिशन और बजाज फिनसर्व के परिणाम आने के बाद बाजार में कुछ सुधार
बीएसई सेंसेक्स 106.62 अंक टूटकर 66,160 पर बंद, निफ्टी भी पड़ा सुस्त
सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन बीएसई सेंसेक्स 106.62 अंक टूटकर 66,160.20 पर बंद हुआ. जबकि, एनएसई निफ्टी में 13.85 अंक की मामूली गिरावट दर्ज की गयी. ये 19,646.05 अंक पर बंद हुआ. इससे पहले भारतीय बाजार प्री-ओपनिंग में फ्लैट कारोबार करता नजर आ रहा है. सेंसेक्स 8.47 अंक यानी 0.01% की गिरावट के साथ 66,258.35 के स्तर पर कारोबार कर रहा है. जबकि, निफ्टी 24.60 अंक यानी 0.13% की गिरावट के साथ 19,635.30 के स्तर पर कारोबार कर रहा है. इस बीच GNIFTY भी चौथाई प्रतिशत टूटकर कारोबार कर रहा था.
डीजीसीए ने इंडिगो पर लगाया 30 लाख रुपये का जुर्माना
डीजीसीए ने इंडिगो एयरलाइंस पर 30 लाख रुपये का वित्तीय जुर्माना लगाया है. साथ ही, उन्हें डीजीसीए की आवश्यकताओं और ओईएम दिशानिर्देशों के अनुरूप अपने दस्तावेजों और प्रक्रियाओं में संशोधन करने का भी निर्देश दिया है.
महाराष्ट्र सरकार उद्योगपति रत्न टाटा को देगी ‘उद्योग रत्न’ पुरस्कार
महाराष्ट्र सरकार ने उद्योगपति एवं टाटा संस के मानद चेयरमैन रतन टाटा को पहला ‘उद्योग रत्न’ पुरस्कार देने का फैसला किया है. राज्य के एक मंत्री ने यह जानकारी दी. राज्य के उद्योग मंत्री उदय सामंत ने बृहस्पतिवार को राज्य विधान परिषद को बताया कि युवा उद्यमी, महिला उद्यमी और मराठी उद्यमी को भी पुरस्कार दिए जाएंगे. उन्होंने कहा कि विशिष्ट लोगों को दिए जाने वाले महाराष्ट्र भूषण पुरस्कार की तरह, राज्य सरकार ने रतन टाटा को उद्योग रत्न पुरस्कार देने का फैसला किया है. उन्होंने बताया कि एक समिति ने इस संबंध में फैसला किया. मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तथा अजीत पवार और उद्योग मंत्री के तौर पर वह इस समिति के सदस्य थे.
वित्त मंत्री की बड़ी घोषणा, अब भारतीय कंपनियां विदेश में हो सकती हैं सूचीबद्ध
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि भारतीय कंपनियां अब विदेशी शेयर बाजारों के साथ ही अहमदाबाद स्थित अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (आईएफएससी) पर सीधे सूचीबद्ध हो सकती हैं. सरकार ने इस संबंध में कोविड राहत पैकेज के तहत घोषणा की थी, जिसे तीन साल बाद मंजूरी मिली. इसके जरिए घरेलू कंपनियों को विदेश में विभिन्न शेयर बाजारों पर अपने शेयरों को सूचीबद्ध करके धन जुटाने में मदद मिलेगी. इस संबंध में एक प्रस्ताव पहली बार मई 2020 में महामारी के दौरान घोषित नकदी पैकेज के तहत पेश किया गया था. सीतारमण ने यहां कहा कि घरेलू कंपनियां अब विदेश में प्रतिभूतियों को प्रत्यक्ष रूप से सूचीबद्ध कर सकती हैं. मुझे यह घोषणा करते हुए भी खुशी हो रही है कि सरकार ने आईएफएससी एक्सचेंज पर सूचीबद्ध और गैर-सूचीबद्ध कंपनियों की प्रत्यक्ष सूचीबद्धता को मंजूरी देने का फैसला भी किया है.
मैजिकपिन ने ओएनडीसी के साथ मिलकर 70 रुपये प्रति किग्रा टमाटर बेचना शुरू किया
ई-कॉमर्स स्टार्टअप मैजिकपिन ने एनसीसीएफ के साथ हुए एक समझौते के तहत 70 रुपये किलोग्राम की दर से टमाटर बेचना शुरू किया है. कंपनी ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि ये टमाटर सरकार द्वारा समर्थित ओएनडीसी पर पंजीकृत चुनिंदा ऑनलाइन मंच के जरिए बेचे जाएंगे. बयान के मुताबिक उपभोक्ता इस व्यवस्था के तहत दिल्ली-एनसीआर और कुछ चुनिंदा शहरों में मैजिकपिन ऐप, पेटीएम, फोनपे के पिनकोड और मायस्टोर के जरिए टमाटर खरीद सकते हैं. मैजिकपिन के सीईओ और सह-संस्थापक अंशू शर्मा ने कहा कि हमें बहुत अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है. केवल दो दिनों में दिल्ली-एनसीआर में 90 से अधिक पिनकोड पर 1,000 ऑर्डर पहुंचाए गए हैं. एनसीसीएफ और ओएनडीसी की पहल का मकसद चुनौतीपूर्ण समय में उपभोक्ताओं की मदद करना है. इस पहल के तहत एक उपभोक्ता प्रति सप्ताह अधिकतम दो किलोग्राम टमाटर खरीद सकता है.
जीएसटी विभाग ने 557 करोड़ रुपये के फर्जी आईटीसी मामले में तीन लोगों को पकड़ा
वस्तु एवं सेवा कर (GST) विभाग के अधिकारियों ने फर्जी बिल बनाने वाले दो गिरोहों का पर्दाफाश करते हुए इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. ये गिरोह फर्जी तरीके से 557 करोड़ रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) दावा करने में शामिल 246 मुखौटा/ फर्जी कंपनियों से जुड़े हैं. वित्त मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, मामले में शामिल दो मुख्य साजिशकर्ताओं के लैपटॉप और मोबाइल फोन की जांच की जा रही है ताकि उनके द्वारा जारी किए गए फर्जी बहीखाता, चालान, ई-वे बिल आदि को वापस जुटाया जा सके. इसके अलावा, फर्जी जीएसटी बिल और अवैध नकदी प्रवाह के लेनदेन से जुड़ी व्हाट्सएप के चैट/ वॉयस संदेश भी मिले हैं. मंत्रालय के अनुसार, प्रारंभिक जांच में फर्जी कंपनियों के नाम पर बैंक खाते खोलने में बैंक अधिकारियों की संलिप्तता भी सामने आई है. बयान के अनुसार जीएसटी खुफिया महानिदेशालय (डीजीजीआई) की मेरठ क्षेत्रीय इकाई ने 246 मुखौटा/ फर्जी संस्थाओं से जुड़े फर्जी बिल बनाने वाले दो प्रमुख गिरोहा का खुलासा किया जिन्होंने 557 करोड़ रुपये की फर्जी आईटीसी जारी की है.
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By Prabhat Khabar Digital Desk
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