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Budget 2025 Expectations: साइबर ठगों की खैर नहीं, सेना को कमान सौंपकर तगड़ा इंतजाम कर सकती है सरकार

Updated at : 27 Jan 2025 5:03 PM (IST)
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Budget 2025 Expectations

Budget 2025 Expectations

Budget 2025 Expectations: सेना और साइबर सुरक्षा पर खास ध्यान देते हुए इस बार रक्षा बजट में 7 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ सकता है. स्वदेशी उत्पादन, सीमाओं की सुरक्षा और पूर्व सैनिकों के कल्याण पर विशेष जोर देने की उम्मीद की जा रहीं है.

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Budget 2025 Expectations: बजट 2025 में भारतीय सेना को आत्मनिर्भर और अधिक सक्षम बनाने पर जोर दिया जा सकता है. स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देने, सीमाओं पर सुरक्षा सुधार, साइबर खतरों से निपटने और पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए ठोस योजनाएं इस बजट की मुख्य विशेषताएं हो सकती हैं. इस वर्ष के बजट में रक्षा क्षेत्र के लिए आवंटन में वृद्धि की संभावना है. पिछले वित्तीय वर्ष में यह बजट 6.21 लाख करोड़ रुपये था, जिसे बढ़ाकर 7 लाख करोड़ रुपये तक ले जाया जा सकता है.

साइबर सुरक्षा पर विशेष ध्यान

साइबर खतरों के बढ़ते जोखिम को देखते हुए, इस बजट में डिजिटल सुरक्षा पर अधिक फोकस किया जा सकता है. रक्षा बजट का एक हिस्सा साइबर हमलों से निपटने और सैन्य प्रणाली की सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए खर्च किया जा सकता है. यह पहल राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा को भी मजबूती प्रदान करेगी.

स्वदेशी रक्षा उपकरण निर्माण को प्राथमिकता

“मेक इन इंडिया” के तहत सरकार घरेलू रक्षा उपकरण निर्माण को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर सकती है. अनुसंधान एवं विकास (R&D) के लिए विशेष फंड का प्रावधान किया जा सकता है ताकि हथियार और उपकरण भारत में ही निर्मित हों. यह न केवल विदेशी आयात पर निर्भरता कम करेगा, बल्कि रोजगार के अवसर भी उत्पन्न करेगा.

सीमा सुरक्षा और आधारभूत ढांचे में सुधार

सीमा पर सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से, सीमा सुरक्षा बलों के लिए अधिक फंड आवंटित किया जा सकता है. निगरानी तंत्र को उन्नत बनाने और सीमावर्ती क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे के विकास पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा. यह कदम सीमा पर तैनात जवानों के काम को अधिक कुशल बनाने में सहायक होगा.

पूर्व सैनिकों के लिए विशेष योजनाएं

पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए बजट में विशेष प्रावधान होने की संभावना है. इसमें पेंशन योजनाओं में सुधार, चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार और रोजगार सृजन जैसे कदम उठाए जा सकते हैं. ये उपाय उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने और समाज में उनका योगदान बढ़ाने में मदद करेंगे.

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Abhishek Pandey

लेखक के बारे में

By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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