बिहार में निजी गाड़ियों को State Highway पर नहीं देना होगा Toll Tax, जानिए नया नियम

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बिहार में निजी गाड़ियों को Highway पर नहीं देना होगा Toll Tax

बिहार सरकार ने State Highway पर निजी वाहनों को टोल टैक्स से छूट देने का ऐलान किया है. जानिए किन गाड़ियों पर टोल लगेगा, नई दरें क्या हैं और आम लोगों पर इसका क्या असर होगा.

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Toll Tax : अगर आप बिहार में अपनी कार या बाइक से सफर करते हैं, तो आपके लिए राहत की खबर है. बिहार सरकार ने साफ कर दिया है कि राज्य के State Highway पर निजी वाहनों से कोई टोल टैक्स नहीं लिया जाएगा. हालांकि, कमर्शियल वाहनों को पहले की तरह टोल देना होगा.

हाल के दिनों में State Highway पर टोल वसूली को लेकर कई तरह की चर्चाएं और भ्रम थे. अब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि सरकार आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं डालना चाहती. इसलिए निजी उपयोग के लिए चलने वाली गाड़ियों को टोल टैक्स से पूरी तरह छूट दी जाएगी.

बिहार सरकार ने क्या फैसला लिया?

बिहार सरकार ने State Highway पर टोल व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है, लेकिन इसका दायरा सीमित रखा गया है.

सरकार के अनुसार.

  • निजी कार पर टोल नहीं लगेगा.
  • बाइक और स्कूटर भी टोल फ्री रहेंगे.
  • परिवार के निजी उपयोग वाले वाहन भी छूट के दायरे में होंगे.
  • केवल कमर्शियल वाहनों से टोल वसूला जाएगा.

इस फैसले का उद्देश्य सड़क निर्माण और रखरखाव के लिए राजस्व जुटाना है, जबकि आम नागरिकों को राहत देना भी सुनिश्चित करना है.

किन वाहनों को देना होगा टोल?

नई व्यवस्था के तहत केवल व्यावसायिक उपयोग वाले वाहन टोल टैक्स के दायरे में आएंगे.

इनमें शामिल हैं.

  • बस.
  • ट्रक.
  • टैक्सी.
  • मालवाहक वाहन.
  • हल्के कमर्शियल वाहन.

यानी जो वाहन व्यवसाय या माल ढुलाई के लिए इस्तेमाल होते हैं, उन्हीं पर टोल लागू होगा.

निजी वाहन मालिकों को क्या फायदा होगा?

इस फैसले से लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा.

मुख्य फायदे.

  • रोजाना यात्रा करने वालों का खर्च कम रहेगा.
  • परिवार के साथ यात्रा करना सस्ता होगा.
  • निजी कार और बाइक चालकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा.
  • State Highway पर यात्रा पहले की तरह टोल फ्री रहेगी.

अभी बिहार में टोल टैक्स की व्यवस्था क्या है?

फिलहाल बिहार में.

  • National Highway पर पहले की तरह टोल वसूला जाता रहेगा.
  • National Highway Authority of India (NHAI) या निजी कंपनियों द्वारा विकसित हाईवे पर कोई बदलाव नहीं हुआ है.
  • नया फैसला केवल State Highway से जुड़ा है.

इसका मतलब है कि यदि आप National Highway से सफर करेंगे तो वहां लागू टोल नियम पहले जैसे ही रहेंगे.

H2. State Highway पर प्रस्तावित टोल दरें

हालांकि मुख्यमंत्री ने निजी वाहनों को छूट देने की घोषणा कर दी है, लेकिन अधिसूचित दरें इस प्रकार हैं.

वाहनप्रस्तावित टोल दर
कार, जीप, वैन1.25 रुपये प्रति किलोमीटर
हल्के कमर्शियल वाहन2 रुपये प्रति किलोमीटर
बस और ट्रक4.25 रुपये प्रति किलोमीटर
भारी ट्रक6.65 से 8.10 रुपये प्रति किलोमीटर

अब निजी वाहनों पर यह शुल्क लागू नहीं होगा. ये दरें मुख्य रूप से कमर्शियल वाहनों के लिए प्रभावी रहेंगी.

क्या दूसरे राज्यों की निजी गाड़ियों को भी मिलेगी छूट?

फिलहाल सरकार ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि.

  • टोल छूट केवल बिहार में रजिस्टर्ड निजी वाहनों को मिलेगी.
  • या दूसरे राज्यों से आने वाली निजी कार और बाइक भी इस छूट का लाभ उठा सकेंगी.

इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी होने के बाद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी.

सरकार ने यह फैसला क्यों लिया?

सरकार का मानना है कि.

  • सड़कों के रखरखाव के लिए राजस्व जरूरी है.
  • कमर्शियल वाहन सड़क का अधिक उपयोग करते हैं.
  • आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ना चाहिए.

इसी संतुलन को ध्यान में रखते हुए निजी वाहनों को राहत और व्यावसायिक वाहनों पर टोल लागू करने का फैसला लिया गया है.

आम लोगों और ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर क्या असर होगा?

  • निजी वाहन मालिक : इन लोगों को सबसे ज्यादा राहत मिलेगी क्योंकि State Highway पर अतिरिक्त टोल नहीं देना पड़ेगा.
  • ट्रांसपोर्ट कंपनियां : बस, ट्रक और मालवाहक वाहनों की परिचालन लागत कुछ बढ़ सकती है, जिसका असर भविष्य में माल ढुलाई और किराए पर पड़ सकता है.
  • राज्य सरकार : कमर्शियल वाहनों से मिलने वाले राजस्व का उपयोग सड़क निर्माण, मरम्मत और नई परियोजनाओं में किया जा सकता है.


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Abhishek Pandey

लेखक के बारे में

By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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