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कोविड-19 महामारी पूर्व की तरह उड़ान भरने की जल्द मिल सकती है इजाजत, लेकिन शर्तों के साथ

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नागर विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी.
नागर विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी.
फोटो : पीटीआई.

नयी दिल्ली : देश में कोरोना वायरस महामारी शुरू होने के पहले की तरह उड़ान सेवाओं को बहाल करने की जल्द ही अनुमति मिल सकती है. इस बारे में सरकार ने कहा है कि कोविड-19 महामारी के पहले होने वाली उड़ानों की तरह विमानों का परिचालन करने करने की अनुमति दी जा सकती है, लेकिन इसमें केवल 75 फीसदी उड़ानों के परिचालन की इजाजत होगी.

नागर विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने गुरुवार को कहा कि विमानन कंपनियों को शीघ्र ही कोविड-19 महामारी से पहले होने वाली कुल अनुसूचित उड़ानों के 75 फीसदी उड़ानों के परिचालन की अनुमति दी जा सकती है. सरकार ने 2 सितंबर को कहा था कि घरेलू उड़ानों को कोविड पूर्व के 60 फीसदी के स्तर पर संचालित किया जा सकता है.

उससे पहले नागर विमानन मंत्रालय ने 26 जून को कोविड पूर्व के अधिकतम 45 फीसदी के स्तर पर घरेलू उड़ानों के परिचालन की अनुमति दी थी. देश में कोरोना वायरस महामारी की रोकथाम के लिए 25 मार्च से उड़ानों पर रोक लगा दी गई थी. दो महीने के बाद 25 मई से परिचालन दोबारा शुरू करने की मंजूरी दी गयी थी.

पुरी ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी आंतरिक सोच यह है कि हम इसे एक और सप्ताह या 10 दिनों के लिए देखेंगे. यदि आंकड़े (यात्रा करने वाले यात्रियों के) अच्छे रहेंगे, तो हम कोविड पूर्व के स्तर के 75 फीसदी पर घरेलू उड़ानों के परिचालन को मंजूरी दे देंगे. देश में नियमित रूप से होने वाली अंतरराष्ट्रीय यात्री उड़ानें कोरोना वायरस महामारी के कारण 23 मार्च से निलंबित हैं.

इसके साथ ही, सरकार ने यह भी साफ कर दिया कि विदेशी विमानन कंपनियों की उड़ानों को भारतीय विमानों की कीमत पर अनुमति नहीं दी जाएगी. नागर विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि यह जोरदार और स्पष्ट संदेश देने का वक्त आ गया है. उन्होंने कहा कि यह मुद्दा विदेशी विमानों को अनुमति देने या नहीं देने के बारे में नहीं है. हम चाहते हैं कि यहां विदेशी विमान संचालित हों, लेकिन मुझे लगता है कि यह जोरदार और स्पष्ट संदेश देने का वक्त आ गया है कि यह भारतीय विमानों की कीमत पर नहीं किया जाएगा.

केंद्रीय मंत्री ने इस बात का जिक्र किया कि विशेष उड़ानों के परिचालन के लिए विभिन्न देशों के साथ की गई द्विपक्षीय व्यवस्था के तहत हम पूरी बराबरी पर जोर नहीं दे रहे हैं. भारत में सभी विदेशी आर्थिक संस्थाओं के लिए अवसर है, लेकिन समान रूप से जहां वाणिज्यिक लाभ की बात है, हम अपनी विमानों के भी उन देशों में जाने पर वे सुविधाएं हासिल करने की आशा करते हैं.

Posted By : Vishwat Sen

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