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माल्या ने भारतीय अधिकारियों से कहा, लंदन में हो मुझसे पूछताछ

Updated at : 20 Jul 2016 9:37 PM (IST)
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माल्या ने भारतीय अधिकारियों से कहा, लंदन में हो मुझसे पूछताछ

लंदन: सांसत में पडे भारतीय उद्योगपति विजय माल्या ने भारतीय अधिकारियों पर ‘‘प्रतिशोध की कार्रवाई” का आरोप लगाया और साथ ही कहा कि वे उनसे लंदन में पूछताछ कर सकते हैं. ‘फोर्स इंडिया फार्मुला 1′ के 60 वर्षीय मालिक माल्या ने इस हफ्ते प्रकाशित खेलपत्रिका ‘ऑटोस्पोर्ट’ के साथ अपने साक्षात्कार में कहा कि भारत में […]

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लंदन: सांसत में पडे भारतीय उद्योगपति विजय माल्या ने भारतीय अधिकारियों पर ‘‘प्रतिशोध की कार्रवाई” का आरोप लगाया और साथ ही कहा कि वे उनसे लंदन में पूछताछ कर सकते हैं. ‘फोर्स इंडिया फार्मुला 1′ के 60 वर्षीय मालिक माल्या ने इस हफ्ते प्रकाशित खेलपत्रिका ‘ऑटोस्पोर्ट’ के साथ अपने साक्षात्कार में कहा कि भारत में उनकी उपस्थिति असंभव है क्योंकि उनका कूटनीतिक पासपोर्ट निरस्त कर दिया गया है.

उन्होंने पत्रिका से कहा, ‘‘जो कुछ हो रहा है उसे प्रतिशोध की कार्रवाई के अलावा कुछ और नही कहा जा सकता. मुझे बस तूफान से पार निकलना होगा.” माल्या ने कहा, ‘‘उनके (भारतीय अधिकारियों के) पास किंगफिशर एयरलाइन्स के अनेक कार्यकारियों तक पहुंच है, और हजारों दस्तावेजों तक उनकी पहुंच है. अगर मुझसे पूछताछ करना ही बचा है तो लंदन आएं और मुझसे पूछताछ करें, रेडियो कान्फ्रेंस पर आएं और मुझसे पूछताछ करें, मुझे सवालों के साथ ईमेल भेजें और मैं जवाब दूंगा.
मेरे पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है.” उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन यह कुछ अंतरविरोधी और चिंताजनक है कि बस इस वजह से कि मैं भारत में मौजूद नहीं हूं, वे गिरफ्तारी वारंट भेजें और मेरा पासपोर्ट रद्द कर दें.” यूबी समूह के अध्यक्ष माल्या ने सवाल किया, ‘‘यह उनकी असली मंशा के बारे में मुझे में क्या विश्वास पैदा करेगा.अब निष्क्रिय हो चुकी किंगफिशर एयरलाइन्स से जुडे तकरीबन 1.4 अरब डालर के कथित कर्ज के संबंध में अदालती कार्रवाई का सामना कर रहे माल्या इस साल मार्च से ब्रिटेन में हैं.
पूर्व राज्यसभा सदस्य को हाल ही में इंग्लैंड के नार्थम्पटनशायर में ब्रिटिश ग्रांड प्रिक्स के दौरान सिल्वरस्टोन ट्रैक पर अपनी फोर्स इंडिया टीम का हौसला बढाते देखा गया था.‘किंग ऑफ गुड टाइम्स’ :अच्छे दिनों के बादशाह: के नाम से मशहूर माल्या ने पत्रिका से कानून के साथ अपने तजुर्बो के बारे में कहा कि वह पहले भी इससे गुजर चुके हैं.उन्होंने कहा, ‘‘जांच अधिकारियों से मेरा पहला सामना 1985 में हुआ. वे दो साल तक सब कुछ ले कर मेरे पीछे पडे रहे और अंतत: उन्होंने कुछ नहीं पाया और मुझे पूरी तरह आरोप-मुक्त कर दिया गया.” माल्या ने कहा, ‘‘बदकिस्मती से भारत में ये जांच एजेंसियां राजनीतिक औजार हैं जो किसी के पीछे पडने में नहीं हिचकिचाती हैं, और यह प्रक्रिया कुछ और नहीं बल्कि उत्पीड़न है.”
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