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प्याज के गिरते कीमतों से परेशान किसानों ने बेचे 50 पैसे प्रति किलो प्याज

Updated at : 02 May 2016 7:33 PM (IST)
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प्याज के गिरते कीमतों से परेशान किसानों ने बेचे 50 पैसे प्रति किलो प्याज

नयी दिल्ली/ रतलाम: मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में किसानों ने प्याज के गिरते मूल्य को लेकर जबर्दस्त विरोध प्रदर्शन किया है. किसानों ने 50 पैसे प्रति किलोग्राम बेचकर अपना विरोध जताया. गौरतलब है कि कभी प्याज के कीमत से लोगों के आंखों में आंसू आ जाते थे लेकिन अब प्याज की कम कीमत से […]

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नयी दिल्ली/ रतलाम: मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में किसानों ने प्याज के गिरते मूल्य को लेकर जबर्दस्त विरोध प्रदर्शन किया है. किसानों ने 50 पैसे प्रति किलोग्राम बेचकर अपना विरोध जताया. गौरतलब है कि कभी प्याज के कीमत से लोगों के आंखों में आंसू आ जाते थे लेकिन अब प्याज की कम कीमत से किसानों के आंसू निकल रहे हैं. घटती कीमतों की वजहों से किसानों को लागत मूल्य भी नहीं निकल पा रहा है. अपने इस हालात से परेशान किसानों ने विरोध प्रदर्शन का नायाब तरीका ढूंढ निकाला और आज रतलाम जिले में मात्र 50 पैसे प्रतिकिलोग्राम प्याज बेचा.

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प्याज निर्यात अप्रैल-जनवरी 2015-16 में 6.75 प्रतिशत गिरा
प्याज निर्यात पर प्रतिबंध के चलते वित्त वर्ष 2015-16 के पहले दस महीनों में इसका निर्यात मात्रा की दृष्टि से 6.75 प्रतिशत गिरकर 8.28 लाख टन रहा लेकिन मूल्य के हिसाब से निर्यात में अच्छी खासी वृद्धि हुई.राष्ट्रीय बागवानी शोध एवं विकास फांउडेशन (एनएचआरडीएफ) के आंकडों के अनुसार मूल्य के लिहाज से अप्रैल- जनवरी 2015-16 के दौरान प्याज निर्यात 35 प्रतिशत बढकर 2,161.70 करोड रुपये का रहा. विदेशों में अच्छी कीमत मिलने से यह वृद्धि दर्ज की गई. आंकडों के अनुसार आलोच्य अवधि में प्याज का निर्यात 8,28,656 टन रहा जबकि एक साल पहले इसी अवधि में 8,88,673 टन प्याज का निर्यात किया गया था.
प्याज निर्यात में कमी की मुख्य वजह इसका उंचा न्यूनतम निर्यात मूल्य (एमईपी) रहा. पिछले साल जून में इसका एमईपी बढकर 425 डालर प्रति टन कर दिया गया था. अगस्त में यह 700 डालर प्रति टन कर दिया गया. बेमौसमी वर्षा से उत्पादन घटने के कारण घरेलू बाजार में पिछले साल दाम काफी बढ गये थे. हालांकि, सरकार ने घरेलू बाजार में प्याज के दाम टूटने के बाद निर्यात प्रोत्साहन के लिये एमईपी कम करना पडा.
एमईपी वह दाम है जिससे कम पर किसी भी व्यापारी को निर्यात की अनुमति नहीं होती. सरकार की तरफ से जब निर्यात प्रतिबंध लगाये गये थे तब प्याज निर्यात से औसत मूल्य प्राप्ति 48,000 रुपये प्रति टन थी लेकिन सरकार द्वारा एमईपी हटा दिये जाने के बाद जनवरी में निर्यात प्राप्ति 14,997 रुपये प्रति टन ही रही. देश से 2014-15 में कुल 2,009.94 करोड रुपये का 10.86 लाख टन प्याज निर्यात किया गया. चालू फसल वर्ष 2015-16 :जुलाई से जून: के दौरान देश में प्याज उत्पादन रिकार्ड 203 लाख टन होने का अनुमान है. पिछले वर्ष 189.2 लाख टन प्याज का उत्पादन हुआ था. इससे पहले 2013-14 में 194 लाख टन का रिकार्ड प्याज उत्पादन हुआ था
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