हम निजी निवेश की गति में सुधार के प्रयास कर रहे हैं : जेटली

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 21 Jan 2016 7:52 PM

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दावोस: वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए उपलब्ध हर अवसर का लाभ उठाने का विश्वास दिलाते हुए आज कहा कि देश को कुछ अतिरिक्त वृद्धि के इंजनों की जरुरत है और अब हमारा ध्यान निजी निवेश की गति में सुधार लाने पर है. विदेशी निवेशकों को बुनियादी ढांचा क्षेत्र में निवेश के […]

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दावोस: वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए उपलब्ध हर अवसर का लाभ उठाने का विश्वास दिलाते हुए आज कहा कि देश को कुछ अतिरिक्त वृद्धि के इंजनों की जरुरत है और अब हमारा ध्यान निजी निवेश की गति में सुधार लाने पर है. विदेशी निवेशकों को बुनियादी ढांचा क्षेत्र में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए जेटली ने विश्वास जताया कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) जैसे सुधार जल्द पारित हो जाएंगे क्योंकि राज्यसभा में संख्याबल जल्द ही अनुकूल हो जाएगा.

उन्होंने कहा कि ‘शोरशराबे के लोकतंत्र’ के बावजूद भारत में वास्तव में कोई भी सुधार प्रस्ताव इस तरीके से नहीं अटका है. जेटली उद्योग मंडल सीआईआई तथा सलाहकार कंपनी बीसीजी द्वारा विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की सालाना बैठक के दौरान नाश्ते पर आयोजित सत्र ‘भारत-दुनिया की वृद्धि का अगला इंजन’ पर आयोजित सत्र के दौरान अलग से बातचीत कर रहे थे. उन्होंने कहा, ‘‘हमारा शोरशराबे वाला लोकतंत्र है. लेकिन मैंने पाया है कि अब अधिक से अधिक लोग ऐसे हैं जो वृद्धि का समर्थन करते हैं, दूसरों :विपरीत सोच वालों: की संख्या काफी कम है.” वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि ‘‘ किसी भी अर्थव्यवस्था को वृद्धि के कई इंजनों की जरुरत होती है.” वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘पूर्व में हमारे पास ऐसे इंजनों की संख्या काफी कम थी. हमें कुछ और की जरुरत है. सार्वजनिक निवेश पर हमारा जोर है. हम बुनियादी ढांचे पर ध्यान दे रहे हैं और इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जबकि हम सब्सिडी को तर्कसंगत बना सके हैं.
वित्त मंत्री जेटली ने कहा कि लोग अंतत: उन वस्तुओं और सेवाओं के लिए भुगतान करेंगे जो वे खरीदना चाहते हैं. कमजोर वर्ग की सहायता के लिए प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे लक्षित समूहों तक लाभ सही ढंग से पहुंचाया जा सके. जेटली ने कहा कि कई सुधारवादी उपाय लंबित हैं. इनमें से कई इस बात का चिन्ह बन चुके हैं कि क्या भारत इस अडचन को पार कर पाएगा. उन्होंने कहा कि हम दुनियाभर के लोगों से भारत के बुनियादी ढांचे के विकास की कहानी का हिस्सा बनने को कह रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘‘मैंने हमेशा कहा है कि 7 से 7.5 प्रतिशत की वृद्धि हमारी वास्तविक क्षमता नहीं है. हमारे में इसमें एक से डेढ प्रतिशत और जोडने की क्षमता है. अभी भी गुंजाइश है. हम इस स्तर तक पहुंच पाएंगे.
” जीएसटी पर जेटली ने कहा कि अच्छी खबर यह है कि सभी राज्यों में सहमति है और एक को छोडकर अन्य राजनीतिक दल इसके पक्ष मंे हैं. उन्हांेने कहा कि क्षोभ की बात यह है जिस पार्टी ने जीएसटी का मसौदा बनाया है वही इस पर सहमत नहीं हो रही है. जेटली ने हालांकि कहा कि राज्यसभा में आंकडा जल्द अनुकूल होगा और मुझे उम्मीद है कि जीएसटी पारित हो जाएगा. उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्यों के लिए सुधार प्रक्रिया की महत्वपूर्ण भूमिका है. ‘‘हम सहकारी संघवाद की बात करते हैं, लेकिन मुझे यह देखकर खुशी है कि राज्य अब निवेश आकर्षित करने के लिए एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं
सत्र को संबोधित करते हुए सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा कि भारत विश्व अर्थव्यवस्था में एक चमकता सितारा है. यह काफी हद तक वैश्विक वृद्धि का अगला इंजन बन सकता है. जनरल इलेक्ट्रिक के वाइस चेयरमैन जॉन राइस ने कहा कि उनके समूह की भारत में बडी मौजूदगी है. वह देश हमारे लिए लंबे समय से रणनीतिक रुप से महत्वपूर्ण रहा है. राइस ने जीई की उस परियोजना की भी बात की जो 20 साल के लंबे इंतजार के बाद शुरू हुई है. उनकी इस बात पर जेटली ने कहा कि जीई का इंजन कारखाना काफी महत्वपूर्ण है. इस पर फैसले का वे लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। उन्होंने सबसे पिछडे राज्यों में इसके निर्माण का प्रस्ताव किया है. राइस ने यह भी कहा कि भारत में निर्णय प्रक्रिया की रफ्तार सुधरी है
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