500 रुपये के नोट को लेकर बड़ी जानकारी, आपके पास भी है ऐसा नोट तो जानें क्या करें
Published by : Rajeev Kumar Updated At : 11 Dec 2022 12:40 PM
500 Rupee Note Real Or Fake ? मार्केट में इन दिनों चल रहे 500 रुपये के 2 तरह के नोटों में मामूली अंतर है. इनमें एक में हरी पट्टी आरबीआई गवर्नर के हस्ताक्षर के पास से होकर गुजरती है, जबकि दूसरी तरह के नोट में हरी पट्टी गांधीजी की तस्वीर के पास से होकर. इनमें एक तरह के नोटों को नकली बताया जा रहा है.
RBI 500 Rupee Note PIB Fact Check : 500 रुपये के नोट को लेकर एक बड़ी खबर सामने आयी है. सोशल मीडिया में ऐसे मैसेज सर्कुलेट हो रहे हैं जिसमें 500 रुपये दो नोटों में फर्क बताया जा रहा है. वीडियो में एक नोट को सही तो दूसरे को फेक बताया गया है. वीडियो में कहा जा रहा है कि 500 रुपये का ऐसा कोई भी नोट नहीं लेना चाहिए, जिसमें हरी पट्टी आरबीआई गवर्नर के हस्ताक्षर के पास न होकर गांधीजी की तस्वीर के पास हो. वायरल हो रहे ऐसे पोस्ट के चलते लोग भ्रम की स्थिति में हैं. ऐसे में इस वायरल पोस्ट की सच्चाई को लेकर पीआईबी ने फैक्टचेक किया है. आइए जानें-
मार्केट में इन दिनों चल रहे 500 रुपये के 2 तरह के नोटों में मामूली अंतर है. इनमें एक में हरी पट्टी आरबीआई गवर्नर के हस्ताक्षर के पास से होकर गुजरती है, जबकि दूसरी तरह के नोट में हरी पट्टी गांधीजी की तस्वीर के पास से होकर गुजरती है. इनमें से एक तरह के नोटों को नकली बताया जा रहा है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वायरल वीडियो का पीआईबी ने फैक्ट चेक किया है, जिसके बाद में इसकी सच्चाई सामने आयी है. इस वीडियो के फैक्ट चेक के बाद पता चला है कि यह वीडियो एकदम फर्जी है. मार्केट में चल रहे दोनों तरह के नोट मान्य हैं. अगर आपके पास इन दोनों में से कोई भी नोट है, तो बिल्कुल परेशान न हों. आरबीआई ने कहा है कि दोनों ही तरह के नोट सही हैं और मार्केट में चल रहे हैं.

अगर आपके पास भी इस तरह का कोई मैसेज आता है तो बिल्कुल परेशान न हों. इस तरह का फर्जी मैसेज किसी के साथ शेयर न करें. इसके अलावा, अगर आपके पास भी अगर कोई ऐसी खबर या वीडियो आती है, जिसपर आपको संदेह हो, तो आप भी उस खबर का फैक्ट चेक करा सकते हैं. इसके लिए आपको ऑफिशियल लिंक https://factcheck.pib.gov.in/ पर विजिट करना है. इसके अलावा आप व्हाट्सऐप नंबर +918799711259 या ईमेलः pibfactcheck@gmail.com पर भी वीडियो भेज सकते हैं.
Also Read: New Rules: 1 दिसंबर से हुए ये बड़े बदलाव, आपकी जेब पर डालेंगे सीधा असरएक वीडियो में यह चेतावनी दी जा रही है कि ₹500 का ऐसा कोई भी नोट नहीं लेना चाहिए, जिसमें हरी पट्टी आरबीआई गवर्नर के सिग्नेचर के पास न होकर गांधीजी की तस्वीर के पास हो।#PIBFactCheck:
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) December 7, 2021
▶️यह वीडियो #फ़र्ज़ी है
▶️@RBI के अनुसार दोनों ही नोट वैध हैं
विवरण:https://t.co/DuRgmS0AkN pic.twitter.com/SYyxG9MBs6
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By Rajeev Kumar
राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
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