Kisan Diwas Special: भारत में 47.7 फीसदी बच्चे खेतों में करते हैं काम, अन्य देशों का ऐसा है हाल

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Kisan Diwas Special: वर्ल्ड बैंक के मुताबिक, तजाकिस्तान में 23.8 फीसदी बच्चे खेतों में काम करते हैं, तो जॉर्डन में 26 फीसदी. डोमिनिकन रिपब्लिक के 28.5 फीसदी बच्चे खेतों में काम करते हैं, बांग्लादेश में यह आंकड़ा 34.1 फीसदी है

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Kisan Diwas Special: भारत में आज भी कृषि 43 फीसदी लोगों को रोजगार देता है. अपने देश में 47.7 फीसदी बच्चे खेतों में काम (Child Labour in Agriculture) करते हैं. ये हम नहीं कह रहे. वर्ल्ड बैंक ने इंटरनेशनल लेबर ऑर्गेनाइजेशन (ILO) के आंकड़ों के आधार पर यह जानकारी दी है. आईएलओ के आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2012 में भारत के 47.7 फीसदी बच्चे खेतों में काम करते थे. यह आंकड़ा कई छोटे और पिछड़े देशों से ज्यादा है.

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तजाकिस्तान में 23.8 फीसदी बच्चे करते हैं खेतों में काम

वर्ल्ड बैंक की इस रिपोर्ट के मुताबिक, तजाकिस्तान में 23.8 फीसदी बच्चे खेतों में काम करते हैं, तो जॉर्डन में 26 फीसदी. डोमिनिकन रिपब्लिक के 28.5 फीसदी बच्चे खेतों में काम करते हैं, बांग्लादेश में यह आंकड़ा 34.1 फीसदी है, चिली में 34.6 फीसदी, उरुग्वे में 36.7 फीसदी, जमैका में 36.8 फीसदी, कोस्टारिका में 41.5 फीसदी, वेनेजुएला में 41.7 फीसदी और जॉर्डन में 40.9 फीसदी बच्चे खेतों में काम करते हैं.

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1991 में 63 फीसदी लोगों को कृषि से मिलता था रोजगार

वर्ल्ड बैंक के मुताबिक, भारत में वर्ष 1991 तक 63 फीसदी लोगों को कृषि क्षेत्र में ही रोजगार मिलता था. वर्ष 2019 में यह आंकड़ा घटकर 43 फीसदी रह गया. इसी तरह वर्ष 2000 तक भारत में 70 फीसदी बच्चे खेतिहर मजदूर का काम करते थे, जबकि 12 वर्ष बाद यानी वर्ष 2012 में इसमें गिरावट आयी और यह 47.7 फीसदी रह गया. हालांकि, कई छोटे और पिछड़े देशों की तुलना में यह अब भी ज्यादा है.

भारत में 14 साल से कम उम्र के 1.7 फीसदी बच्चे करते हैं श्रम

वर्ल्ड बैंक के आंकड़े बताते हैं कि भारत के कुल श्रम बल में 15 साल से अधिक उम्र के लोगों की भागीदारी 51.1 फीसदी है. हालांकि, वर्ष 2012 में 7 से 14 साल की उम्र के सिर्फ 1.7 फीसदी बच्चे श्रम बल में शामिल हैं. इस मामले में भारत की स्थित बहुत देशों से बेहतर है.

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किर्गिस्तान में 14 साल से कम उम्र के श्रमिकों की संख्या सबसे ज्यादा

किर्गिस्तान में 99.4 फीसदी श्रम बल में शामिल हैं, जबकि तिमोर-लेस्ते में 98.2 फीसदी, मोल्दोवा में 97.1 फीसदी, इथियोपिया में 96.8 फीसदी, रोमानिया में 96.4 फीसदी, जांबिया में 96.3 फीसदी, लाओ पीडीआर में 96.0 फीसदी, यूगांडा में 94.4 फीसदी, गांबिया में 92.8 फीसदी, अजरबेजान में 91.9 फीसदी, नामीबिया में 91.5 फीसदी, नाइजीरिया में 90.8 फीसदी, मेडागास्कर में 90.6 फीसदी, कैमरून में 90.2 फीसदी, अलबानिया में 83.7 फीसदी, बांग्लादेश में 34.1 फीसदी बच्चे श्रम कार्य से जुड़े हैं.

14 साल से कम उम्र के सबसे ज्यादा श्रमिक इन देशों में
किर्गिस्तान99.4 फीसदी
तिमोर-लेस्ते98.2 फीसदी
मोल्दोवा97.1 फीसदी
इथियोपिया96.8 फीसदी
रोमानिया96.4 फीसदी
जांबिया96.3 फीसदी
लाओ पीडीआर96.0 फीसदी
यूगांडा94.4 फीसदी
गांबिया92.8 फीसदी
अजरबेजान91.9 फीसदी
नामीबिया91.5 फीसदी
नाइजीरिया90.8 फीसदी
मेडागास्कर90.6 फीसदी
कैमरून90.2 फीसदी
अलबानिया83.7 फीसदी
बांग्लादेश34.1 फीसदी
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