ePaper

रेलवे में दो बडे एफडीआई प्रस्तावों को हरी झंडी

Updated at : 08 Mar 2015 2:59 PM (IST)
विज्ञापन
रेलवे में दो बडे एफडीआई प्रस्तावों को हरी झंडी

नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को आगे बढाते हुए रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने बिहार में 2,400 करोड रुपये की लागत से डीजल व इलेक्ट्रिक इंजन कारखाना लगाने के बारे में दो बडे प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) प्रस्तावों को हरी झंडी दे दी है. रेलवे ने अच्छे खासे विलंब […]

विज्ञापन

नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को आगे बढाते हुए रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने बिहार में 2,400 करोड रुपये की लागत से डीजल व इलेक्ट्रिक इंजन कारखाना लगाने के बारे में दो बडे प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) प्रस्तावों को हरी झंडी दे दी है.

रेलवे ने अच्छे खासे विलंब के बाद मधेपुरा के इलेक्ट्रिक इंजन कारखाने व मरहोडा के डीजल इंजन कारखाने को लेकर चला आ रहा असमंजस समाप्त करते हुए ऊंचे मूल्य की संयुक्त उद्यम परियोजनाओं की वित्तीय बोली को अंतिम रूप दे दिया है. इसके लिए रेलवे ने बोली दस्तावेज की कई बार समीक्षा की.

रेल मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि दोनों संयंत्रों के लिए वित्तीय बोली दस्तावेजों वाले प्रस्ताव के लिए आग्रह (आरएफपी) तैयार हैं और छांटी गई बोली लगाने वाली कंपनियों को इसकी सूचना दे दी गई है. मधेपुरा के प्रस्तावित इलेक्ट्रिक इंजन कारखाने के लिए चार वैश्विक कंपनियों अल्सटाम, सीमंस, जीई व बाम्बार्डियर का नाम छांटा गया है.

वहीं मरहोडा के डीजल इंजन कारखाने के लिए दो बहुराष्ट्रीय कंपनियों जीई व ईएमडी का नाम छांटा गया है. इन दोनों कारखानों की अनुमानित लागत 1,200-1,200 करोड रुपये है. अधिकारी ने बताया कि वित्तीय बोली 31 अगस्त को खोली जाएगी. इस बीच में दो बोली पूर्व की बैठकें भी होंगी.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola