कालाधन वापसी के लिए विशेष जांच दल ने कुछ प्रगति की है:सुप्रीम कोर्ट

By Prabhat Khabar Digital Desk
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नयी दिल्‍ली: सरकार की ओर से कालाधन वापसी के लिए बनायी गयी विशेष जांच दल के कामों से उच्‍चतम न्‍यायालय संतुष्‍ट दिख रहा है. उच्चतम न्यायालय ने कहा कि विदेशी बैंकों में भारतीय नागरिकों का जमा काला धन वापस लाने के लिये विशेष जांच दल ने 'कुछ प्रगति' की है.

न्यायमूर्ति एच एल दत्तू, न्यायममूर्ति रंजना प्रकाश देसाई और न्यायमूर्ति मदन बी लोकूर की तीन सदस्यीय खंडपीठ ने विशेष जांच दल की प्रथम अंतरिम रिपोर्ट के अवलोकन के बाद टिप्पणी की, 'कुछ प्रगति हुयी है.' लेकिन न्यायालय ने याचिकाकर्ता वरिष्ठ अधिवक्ता राम जेठमलानी को विशेष जांच दल की रिपोर्ट का अवलोकन करने की इजाजत देने से इंकार कर दिया.

न्यायाधीशों ने जेठमलानी को काला धन वापस लाने के लिये अपनाये जाने वाले तरीकों के बारे में विशेष जांच दल और इसके सदस्यों के साथ मंत्रणा की अनुमति देते हुये कहा, 'हमने अंतरिम रिपोर्ट देखी. यह पूरी तरह गोपनीय है.' न्यायालय ने अपने आदेश में कहा, 'जेठमलानी और उनके वकील विशेष जांच दल के साथ विचार विमर्श करके विदेशी बैंकों में जमा काला धन भारत में वापस लाने के तरीकों के बारे में सुझाव देने के लिये स्वतंत्र हैं.' शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार से कहा कि जेठमलानी को भेजे गये जर्मन प्राधिकारियों के संदेश का जवाब दिया जाये. जेठमलानी ने जर्मन प्राधिकारियों को लिखा था कि उनके यहां बैंकों में काला धन जमा करने वाले व्यक्तियों की सूची में भारत के एक पूर्व प्रधान मंत्री का नाम भी कथित रुप से सामने आया है.

न्यायालय ने जेठमलानी से कहा कि जर्मन प्राधिकारियों को उनके द्वारा भेजे गये तीन पत्र अतिरिक्त सालिसीटर जनरल एन के कौल को सौंपे जायें जो इस मामले की सुनवाई की अगली तारीख पर 11 नवंबर को वक्तव्य देने के लिये सक्षम प्राधिकारियों से आवश्यक निर्देश प्राप्त करेंगे. न्यायालय ने कहा कि विशेष जांच दल को शीर्ष अदालत द्वारा सौंपी गयी जिम्मेदारी के संदर्भ में अगले दो महीने में आगे कार्यवाही करने का आग्रह किया जा रहा है.

शीर्ष अदालत ने विदेशों में जमा काला धन वापस लाने के इरादे से जेठमलानी द्वारा दायर याचिका पर अपने पूर्व न्यायाधीश एम बी शाह की अध्यक्षता में विशेष जांच दल गठित किया है. न्यायालय ने देश और विदेश में काले धन से संबंधित सारे मामलों की जांच के लिये दिशा निर्देश प्रदान करने के लिये न्यायमूर्ति शाह को विशेष जांच दल का अध्यक्ष और पूर्व न्यायाधीश अर्जित पसायत को इसका उपाध्यक्ष नियुक्त किया था.

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