ePaper

नीति आयोग ने कहा- कॉरपोरेट कर में कमी का राजकोषीय घाटे पर होगा मामूली असर

Updated at : 21 Sep 2019 9:14 PM (IST)
विज्ञापन
नीति आयोग ने कहा- कॉरपोरेट कर में कमी का राजकोषीय घाटे पर होगा मामूली असर

मुंबई : नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने शनिवार को कहा कि सरकार की ओर से 1.45 लाख करोड़ रुपये की कर छूट देने के फैसले का राजकोषीय घाटे पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा. उन्होंने कहा कि कंपनी कर में दी गयी छूट से उच्च वृद्धि हासिल होगी और कर संग्रह बढ़ेगा जिससे […]

विज्ञापन

मुंबई : नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने शनिवार को कहा कि सरकार की ओर से 1.45 लाख करोड़ रुपये की कर छूट देने के फैसले का राजकोषीय घाटे पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा. उन्होंने कहा कि कंपनी कर में दी गयी छूट से उच्च वृद्धि हासिल होगी और कर संग्रह बढ़ेगा जिससे नुकसान की भरपाई हो जायेगी.

सरकार ने अर्थव्यवस्था को सुस्ती से उबरने के लिए शुक्रवार को कई घोषणाएं की हैं. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कंपनियों के लिए प्रभावी कर की दर में करीब 10 प्रतिशत की कटौती की है. उन्होंने विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देते हुए इस क्षेत्र में आने वाली नयी कंपनियों के लिए कर दर को काफी कम कर दिया. वित्त मंत्री ने कहा कि नये कटौती प्रस्तावों से सरकारी खजाने को सालाना 1.45 लाख करोड़ रुपये का नुकसान होगा. कुमार ने एक टीवी चैनल के कार्यक्रम में कहा, मुझे नहीं लगता कि कर में दी गयी छूट से राजकोषीय आंकड़ों पर बड़ा असर होगा. कुछ असर होगा जो बेहद कम होगा. उन्होंने कहा कि इन उपायों से वृद्धि तेज होगी और इससे प्रत्यक्ष एवं परोक्ष करों का संग्रह भी बढ़ेगा. इससे राजस्व को होने वाले नुकसान की भरपाई हो जाने का अनुमान है.

कुमार ने कहा, पहले भी वृद्धि में उछाल आने के साथ हमारे करों में अच्छी वृद्धि रही है. अत: वृद्धि के तेज होने के साथ ही कर संग्रह भी बढ़ेगा. उन्होंने कहा कि उन्हें विनिवेश पर सरकार के जोर देने से भी उम्मीदें हैं. उन्होंने कहा, संपत्तियों की बिक्री से बजट के आकलन की तुलना में 52 हजार करोड़ रुपये अधिक मिलेगा. इसके अलावा रिजर्व बैंक ने भी बजट में शामिल राशि के मुकाबले 50 हजार करोड़ रुपये ज्यादा दिये हैं. उन्होंने कहा कि कर तथा इसके इतर के मोर्चों से अधिक राजस्व प्राप्त होने से सरकार को राजकोषीय नुकसान की भरपाई करने में मदद मिलेगी.

कुमार ने कहा कि जीडीपी की पांच प्रतिशत की वृद्धि दर अभी संकट नहीं है. ऊपर से यह चक्र का सबसे निचला स्तर है. उन्होंने कहा, हम इस साल करीब 6.50 प्रतिशत की वृद्धि दर हासिल कर लेंगे. हम अगले पांच साल में प्रति व्यक्ति आय को दो गुणा करने की पटरी पर लौट आयेंगे.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola