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प्रोत्साहन देने के उपायों से बाजार पर सकारात्मक प्रभाव की उम्मीद

Updated at : 18 Sep 2019 6:13 AM (IST)
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प्रोत्साहन देने के उपायों से बाजार पर सकारात्मक प्रभाव की उम्मीद

नयी दिल्ली : आर्थिक वृद्धि में तेजी लाने के लिए सरकार द्वारा किये गये प्रोत्साहन उपायों की घोषणा का बाजार पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है. बाजार विश्लेषकों के अनुसार इसके अलावा इस सप्ताह की वैश्विक गतिविधियों और थोक मुद्रास्फीति के आंकड़े से बाजार प्रभावित होगा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को निर्यातकों […]

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नयी दिल्ली : आर्थिक वृद्धि में तेजी लाने के लिए सरकार द्वारा किये गये प्रोत्साहन उपायों की घोषणा का बाजार पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है. बाजार विश्लेषकों के अनुसार इसके अलावा इस सप्ताह की वैश्विक गतिविधियों और थोक मुद्रास्फीति के आंकड़े से बाजार प्रभावित होगा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को निर्यातकों और रियल इस्टेट क्षेत्र के लिए 70,000 करोड़ रुपये से अधिक के उपायों की घोषणा की है.

इनमें अधूरी आवास परियोजनाओं को पूरा करने के लिए वित्त पोषण मुहैया कराने को लेकर एक कोष की स्थापना जैसी योजनाओं के लिए 30 हजार करोड़ रुपये का खर्च शामिल है. सरकार ने यह कदम ऐसे समय उठाया है, जब आर्थिक वृद्धि दर की रफ्तार कम होकर छह साल के निचले स्तर पर आ गयी है.
जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजय कुमार ने कहा, वित्त मंत्री के नये उपायों की घोषणा से यह साफ संदेश मिलता है कि सरकार आर्थिक वृद्धि को पटरी पर लाने की पुरजोर कोशिश कर रही है और वह इसे शीर्ष प्राथमिकता दे रही है. आवास और निर्यात को बढ़ावा देने के उपायों से रोजगार सृजन में तेजी आयेगी. उन्होंने कहा, विशेष रूप से निर्माण के करीब पहुंच चुकी ‘अटकी परियोजनाओं’ के लिए 10,000 करोड़ रुपये का कोष सराहनीय कदम है.
वैश्विक मोर्चे पर सऊदी अरब के दो बड़े तेल संयंत्रों पर ड्रोन हमले के बाद पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव का असर बाजार पर पड़ सकता है. इससे सऊदी अरब का आधे से अधिक उत्पादन प्रभावित हुआ है.
विदेशी निवेशकों ने सितंबर में किया Rs 1,841 करोड़ का निवेश
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने सितंबर के पहले पखवाड़े में पूंजी बाजारों में 1,841 करोड़ रुपये की पूंजी डाली. इससे पहले लगातार दो महीने पीएफआइ बाजार से पैसे निकाल रहे थे. विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिका-चीन के बीच व्यापार युद्ध में नरमी और अनुकूल वृहत आर्थिक आंकड़े के साथ ये निवेश हुए हैं.
ताजा आंकड़े के अनुसार एफपीआइ ने तीन से 14 सितंबर के बीच शेयर बाजारों से ‍Rs 2,031.02 करोड़ निकाले जबकि दूसरी तरफ Rs 3,872.19 करोड़ बांड में निवेश किये. इस प्रकार शुद्ध रूप से उनका निवेश Rs 1,841.17 करोड़ रहा. इससे पहले, एफपीआइ ने अगस्त में Rs 5,920.02 करोड़ और जुलाई में शेयर और बांड बाजार से Rs 2,985.88 करोड़ की शुद्ध निकासी की थी.70,000 करोड़ के उपायों की घोषणा वित्त मंत्री ने निर्यातकों और रियल इस्टेट क्षेत्र के लिए ‍‍की है
निर्यात में तेजी की उम्मीद
देश के निर्यातकों ने सरकार के निर्यात प्रोत्साहन के लिए उठाए गये कदमों को चुनौतीपूर्ण समय में प्रदान की गयी राहत बताते हुए इनका स्वागत किया. भारतीय निर्यात संगठनों के संघ (फियो) के अध्यक्ष शरद कुमार सर्राफ ने कहा कि जब वैश्विक व्यापार वृद्धि के नीचे जाने के आसार दिख रहे हैं, ऐसे में वित्त मंत्री की कर वापसी और प्रोत्साहन, निर्यात वित्तपोषण, निर्यात सुविधा और मुक्त व्यापार समझौतों इत्यादि के रूप में निर्यात क्षेत्र के लिए उठाए जाने वाले कदमों की घोषणा बहुत बड़ी राहत है. इन कदमों से न सिर्फ लघु अवधि में क्षेत्र की वृद्धि का दायरा बेहतर होगा बल्कि मध्यम और दीर्घावधि में भी आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी.
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