वैश्विक अर्थव्यवस्था नये और अनिश्चित दौर की ओर- शक्तिकांत दास

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 27 Jul 2019 8:40 AM

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नयी दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक के गर्वनर शक्तिदास कांत ने राजधानी दिल्ली में ‘इंडियाज रिलेशन्स विद इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड’ नाम की किताब के विमोचन के मौक पर भारतीय अर्थव्यवस्था की चुनौतियों पर अपना पक्ष रक्षा.उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक अर्थव्यवस्था लगातार तनावपूर्ण व्यापारिक वार्ता के वातावरण में अनिश्चितता की ओर जा रही है. यही […]

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नयी दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक के गर्वनर शक्तिदास कांत ने राजधानी दिल्ली में ‘इंडियाज रिलेशन्स विद इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड’ नाम की किताब के विमोचन के मौक पर भारतीय अर्थव्यवस्था की चुनौतियों पर अपना पक्ष रक्षा.उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक अर्थव्यवस्था लगातार तनावपूर्ण व्यापारिक वार्ता के वातावरण में अनिश्चितता की ओर जा रही है. यही कारण है कि कुछ मसलों का समाधान निकालना कठिन होता जा रहा है.

शक्तिदास कांत ने कहा कि वर्तमान में जैसे-जैसे अर्थव्यवस्था का फैलाव व्यापक हो रहा है कुछ चुनौतियां सामने आ रही हैं. वर्तमान में भू-राजनीतिक टकराव में इजाफा हुआ है. संस्थाओं द्वारा लिये जाने वाले ऋण का स्तर ज्यादा है और विकसित होती अर्थव्यवस्था वाली सरकारों द्वारा समूह में लिये जाने वाले ऋण ने सकल घरेलू उत्पाद का 100 फीसदी पार कर लिया है. उन्होंने कहा कि इससे नीतियां बाधित होती हैं.

कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बीच व्यापक नीतियां बनाना मुश्किल कार्य है. शक्तिकांत दास का कहना है कि अधिकारियों द्वारा बनायी या सुझाई गयी नीतियों को व्यापक पैमाने पर लागू किये जाने की जरूरत है ताकि सुदृढ़ और स्थायी विकास का पैमाना स्थापित किया जा सके.

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