आधार संशोधन : नये प्रावधान से बायोमीट्रिक पहचान संख्या योजनाओं के तहत कोष जारी कर सकेंगे राज्य

नयी दिल्ली : सरकार ने आधार कानून में संशोधन के जरिये राज्यों को इस बायोमीट्रिक पहचान संख्या का इस्तेमाल करते हुए अपनी योजनाओं के तहत कोष जारी कर सकेंगे. लोकसभा ने पिछले हफ्ते तथा राज्यसभा ने इसी हफ्ते आधार कानून में संशोधन की अनुमति दी है, जिससे 12 अंकों की विशिष्ट संख्या का स्वैच्छिक इस्तेमाल […]
नयी दिल्ली : सरकार ने आधार कानून में संशोधन के जरिये राज्यों को इस बायोमीट्रिक पहचान संख्या का इस्तेमाल करते हुए अपनी योजनाओं के तहत कोष जारी कर सकेंगे. लोकसभा ने पिछले हफ्ते तथा राज्यसभा ने इसी हफ्ते आधार कानून में संशोधन की अनुमति दी है, जिससे 12 अंकों की विशिष्ट संख्या का स्वैच्छिक इस्तेमाल मोबाइल फोन का सिम कार्ड हासिल करने और बैंक खाता खोलने के लिए पहचान प्रमाण के रूप में किया जा सकेगा.
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इसके साथ ही, सरकार ने इसमें नयी धारा भी जोड़ी है. इसके तहत, राज्य अपनी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए आधार डेटा का इस्तेमाल कर सकेंगे. आधार एवं अन्य कानून (संशोधन) विधेयक, 2019 के अनुसार एक नयी धारा 5ए को जोड़ा गया है. प्रमुख कानून की धारा 7 में ‘भारत का समेकित कोष’ साथ शब्द ‘या तो राज्य का समेकित कोष’ जोड़ा गया है.
आधार कानून की धारा 7 भारत के समेकित कोष द्वारा वित्तपोषित वित्तीय और अन्य सब्सिडी, लाभ तथा सेवाओं की लक्षित आपूर्ति से संबंधित है. इसमें राज्य का समेकित कोष जोड़ने के बाद अब राज्य भी अपनी योजनाओं को बेहतर तरीके से लक्षित करने के लिए आधार डेटा का इस्तेमाल कर सकेंगे. राज्यसभा में सोमवार को इस संशोधन पर विधि एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कई राज्य सरकारें इस बारे में शिकायत करती रही हैं, इसलिए इस प्रावधान को जोड़ा गया है.
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