ePaper

RBI के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने 7 फीसदी GDP ग्रोथ के आंकड़े पर जताया संदेह

Updated at : 26 Mar 2019 6:32 PM (IST)
विज्ञापन
RBI के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने 7 फीसदी GDP ग्रोथ के आंकड़े पर जताया संदेह

नयी दिल्ली : भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने मंगलवार को भारत की 7 फीसदी की आर्थिक वृद्धि दर के आंकड़े पर संदेह जताया है. उन्होंने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आंकड़ों को लेकर उपजे संदेह को दूर करने के लिए एक निष्पक्ष समूह की नियुक्ति पर जोर दिया है. राजन ने […]

विज्ञापन

नयी दिल्ली : भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने मंगलवार को भारत की 7 फीसदी की आर्थिक वृद्धि दर के आंकड़े पर संदेह जताया है. उन्होंने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आंकड़ों को लेकर उपजे संदेह को दूर करने के लिए एक निष्पक्ष समूह की नियुक्ति पर जोर दिया है. राजन ने एक समाचार चैनल से साक्षात्कार में कहा कि जब देश में नौकरियों का सृजन नहीं हो रहा है, तब ऐसे में 7 फीसदी की वृद्धि दर का आंकड़ा संदेह के घेरे में आ जाता है. संदेह के इन बादलों को दूर किया जाना चाहिए. राजन अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) के मुख्य अर्थशास्त्री भी रह चुके हैं.

राजन ने कहा कि उन्हें यह नहीं पता है कि मौजूदा सांख्यिकी आंकड़े किस ओर इशारा कर रहे हैं. देश की सही वृद्धि दर का पता लगाने के लिए इन्हें ठीक किये जाने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि मैं नरेंद्र मोदी सरकार में एक मंत्री को जानता हूं, जिन्होंने कहा था कि नौकरियां नहीं हैं, तो हम कैसे 7 फीसदी की वृद्धि दर हासिल कर रहे हैं. इस मामले में एक संभावना तो यही है कि हम 7 फीसदी की दर से आगे नहीं बढ़ रहे हों. हालांकि, राजन ने मंत्री के नाम का खुलासा नहीं किया.

वित्त मंत्री मजबूत तरीके से वृद्धि दर के आंकड़ों का बचाव कर रहे हैं. उनका कहना है कि बिना रोजगार सृजन के अर्थव्यवस्था 7 से 8 फीसदी की वृद्धि दर हासिल नहीं कर सकती. उनका यह भी कहना है कि कोई बड़ा सामाजिक आंदोलन नहीं हुआ है, जो यह दर्शाता है कि यह रोजगारहीन वृद्धि नहीं है. राजन सितंबर, 2013 से सितंबर, 2016 तक रिजर्व बैंक के गवर्नर रहे. वृद्धि दर के आंकड़ों में संशोधन के बाद कुछ आर्थिक आंकड़ों को लेकर संदेह जताया जा रहा है.

इस पर उन्होंने कहा कि चीजों को साफ करने की जरूरत है और इसके लिए एक निष्पक्ष समूह गठित किया जाना चाहिए. नवंबर, 2018 में केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) ने पूर्ववर्ती कांग्रेस की अगुवाई वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार के कार्यकाल के दौरान के वृद्धि दर के आंकड़ों को घटा दिया था.

इसी तरह पिछले महीने सरकार ने 2017-18 की वृद्धि दर के आंकड़े को 6.7 फीसदी से संशोधित कर 7.2 फीसदी कर दिया है. इस बात को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं कि सरकार एनएसएसओ के श्रम संबंधी सर्वे के आंकड़े जारी नहीं कर रही है, जिसमें कथित तौर पर 2017 में बेरोजगारी की दर 45 साल के उच्चस्तर पर पहुंच चुकी है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola