ePaper

SEBI ने सहारा पर फिर अपनाया कड़ा रुख, निवेशकों के 14 हजार करोड़ रुपये लौटाने का दिया आदेश

Updated at : 01 Nov 2018 7:05 PM (IST)
विज्ञापन
SEBI ने सहारा पर फिर अपनाया कड़ा रुख, निवेशकों के 14 हजार करोड़ रुपये लौटाने का दिया आदेश

नयी दिल्ली : सहारा समूह के खिलाफ बाजार नियामक सेबी ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया है. नियामक ने कहा है कि सहारा समूह की एक अन्य कंपनी ने नियमों का उल्लंघन करते हुए निवेशकों से 14,000 करोड़ रुपये जुटाये हैं. सेबी ने कंपनी और सुब्रत रॉय सहित उसके तत्कालीन निदेशकों को यह राशि […]

विज्ञापन

नयी दिल्ली : सहारा समूह के खिलाफ बाजार नियामक सेबी ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया है. नियामक ने कहा है कि सहारा समूह की एक अन्य कंपनी ने नियमों का उल्लंघन करते हुए निवेशकों से 14,000 करोड़ रुपये जुटाये हैं. सेबी ने कंपनी और सुब्रत रॉय सहित उसके तत्कालीन निदेशकों को यह राशि 15 फीसदी सालाना ब्याज के साथ निवेशकों का धन लौटाने का निर्देश दिया है.

इसे भी पढ़ें : सहारा को विश्वास अगले वित्त वर्ष तक वित्तीय संकट से बाहर निकल आयेगा समूह

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने अपने आदेश में समूह की कंपनी सहारा इंडिया कॉमर्शियल लिमिटेड (एसआईसीसीएल), उसके तत्कालीन निदेशकों और संबद्ध इकाइयों को बाजार या किसी भी अन्य सार्वजनिक इकाई से धन जुटाने पर प्रतिबंध लगा दिया है. सेबी का यह आदेश कंपनी द्वारा 1998 से 2009 के बीच बॉन्ड जारी कर करीब दो करोड़ निवेशकों से धन जुटाने से संबंधित है.

सेबी ने कहा है कि एसआईसीसीएल ने 1998-2009 के वित्तीय वर्षों में निवेशकों से कम से कम 14,106 करोड़ रुपये जुटाये. यह राशि एक करोड 98 लाख 39 हजार 939 निवेशकों से जुटायी गयी. सेबी ने यह नया आदेश ऐसे समय पारित किया है, जब सहारा समूह की दो अन्य कंपनियों की 24,000 करोड़ से अधिक की राशि लौटाने के सेबी के 2011 के आदेश को लेकर सुप्रीम कोर्ट में लंबे समय से कानूनी विवाद चल रहा है. सेबी ने तब सहारा समूह की सहारा इंडिया रीयल एस्टेट कारपोरेशन लिमिटेड (एसआईआरईसीएल) और सहारा हाउसिंग इनवेस्टमेंट कारपोरेशन लिमिटेड (एसएचआईसीएल) को निवेशकों का धन लौटाने का आदेश दिया था.

सहारा को इस पुराने मामले में सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सेबी के एक विशेष खाते में राशि लौटाने का निर्देश दिया गया है. समूह का कहना है कि वह पहले ही 98 फीसदी राशि सीधे निवेशकों के खाते में डाल चुका है और सेबी को इसके सबूत उपलब्ध करा दिये गये हैं. इसके अलावा, सहारा ने सेबी के खाते में भी बड़ी राशि डाली है, लेकिन उसने आरोप लगाया कि नियामक अब तक निवेशकों को इसमें से बहुत छोटी राशि ही लौटा सका है.

सहारा का कहना है कि निवेशक रुपये की वापसी के लिए सेबी का रुख नहीं कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें उनके रुपये मिल चुके हैं. एसआईसीसीएल के मामले में भी सेबी ने कहा है कि कंपनी ने उसे बताया है कि वह 18 करोड़ रुपये को छोड़कर शेष राशि वह पहले ही निवेशकों को नकदी के रूप में लौटा चुकी है. कंपनी के मुताबिक, बॉन्डधारकों द्वारा संपर्क नहीं किये जाने के कारण इस राशि को वापस नहीं किया जा सका है. हालांकि, नियामक का कहना है कि कंपनी ने बैंकिंग माध्यम से रुपये वापस करने का कोई साक्ष्य उसके सामने पेश नहीं किया है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola