Ease of trade policy और डिजिटाइजेशन से बढ़ा खुदरा एफडीआई

मुंबई : कारोबार सुगमता को बढ़ावा देने वाली सरकारी नीतियों, डिजिटलीकरण और खुदरा कारोबार की बदली रणनीतियों से भारत में खुदरा एवं थोक क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) बढ़ा है. एक रिपोर्ट में यह बात की गयी है. रीटेल सीएफओ समिट में सोमवार को डिलॉयट और रीटेलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा जारी एक संयुक्त […]
मुंबई : कारोबार सुगमता को बढ़ावा देने वाली सरकारी नीतियों, डिजिटलीकरण और खुदरा कारोबार की बदली रणनीतियों से भारत में खुदरा एवं थोक क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) बढ़ा है. एक रिपोर्ट में यह बात की गयी है. रीटेल सीएफओ समिट में सोमवार को डिलॉयट और रीटेलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा जारी एक संयुक्त रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक निवेशकों ने सरकार की सक्रिय नीतियों को सराहा है और अब भारत में निवेश करने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं.
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रिजर्व बैंक के अनुसार, 2017-18 में खुदरा एवं थोक व्यापार में एफडीआई 2016-17 के 2.7 अरब डॉलर की तुलना में लगभग दोगुना होकर 4.4 अरब डॉलर पर पहुंच गया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में वृहद आर्थिक माहौल के लगातार अनुकूल होते जाने और कारोबारी परिस्थितियों को आसान बनाने के प्रति सरकार के लगातार ध्यान देने से एफडीआई आगे भी बढ़ने का अनुमान है.
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By Prabhat Khabar Digital Desk
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