ePaper

पहली बार रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की तीन दिन की बैठक सोमवार से होगी शुरू

Updated at : 03 Jun 2018 3:04 PM (IST)
विज्ञापन
पहली बार रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की तीन दिन की बैठक सोमवार से होगी शुरू

ब्याज दर बढ़ाये जाने की है संभावनापहले ही कई बैंकों ने ब्याज दर बढ़ा दी है मुंबई: मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की तीन दिवसीय बैठक कल से होगी जिसमें इसके सदस्य मुख्य नीतिगत ब्याज दर तय करने के लिए मुद्रास्फीति में वृद्धि तथा कच्चे तेल के ऊंचे दाम पर विशेष रूप से गौर कर सकते […]

विज्ञापन


ब्याज दर बढ़ाये जाने की है संभावना
पहले ही कई बैंकों ने ब्याज दर बढ़ा दी है

मुंबई: मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की तीन दिवसीय बैठक कल से होगी जिसमें इसके सदस्य मुख्य नीतिगत ब्याज दर तय करने के लिए मुद्रास्फीति में वृद्धि तथा कच्चे तेल के ऊंचे दाम पर विशेष रूप से गौर कर सकते हैं. वित्त वर्ष 2017-18 की चौथी तिमाही में सात तिमाही में सर्वाधिक 7.7 प्रतिशत की वृद्धि दर तथा सामान्य मानसून की भविष्यवाणी से नीतिगत दर (रेपो) में कटौती की मांग कमजोर हुई है. रिजर्व बैंक के लिए महत्वपूर्ण आंकड़ा खुदरा मुद्रास्फीति नवंबर 2017 सेचार प्रतिशत से ऊपर बना हुआ है. सरकार ने रिजर्व बैंक को खुदरा मुद्रास्फीति दो प्रतिशित घट – बढ़ के साथचार प्रतिशत पर सीमित रखने की जिम्मेदारी दी है.

केंद्रीय बैंक ने मुद्रास्फीति संबंधी चिंता का हवाला देते हुए अगस्त 2017 से रेपो देर में कोई बदलाव नहीं किया है. ब्याज दर परिदृश्य में तेजी का रुख देखते हुए एसबीआई, पीएनबी और आईसीआईसीआई बैंक समेत कई बैंकों ने ब्याज दर बढ़ा दी है. कुछ बैंकों ने जमा दरों में भी बढ़ोतरी की है. देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई ने एक शोध रिपोर्ट में कहा, ‘‘ बाजार में नीतिगत दर में वृद्धि की जोरदार संभावना जतायी जा रही है लेकिन इसके बावजूद हमारा मानना है कि जमीनी हकीकत सतर्कता बरतने और नीतिगत दरों में किसी प्रकार का कोई कदम नहीं उठाने का आह्वान करती है. इसका कारण बताते हुए इसमें कहा गया है कि जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) आंकड़ा मजबूत है लेकिन निजी खपत की दर कम हो रही है.

यह 2017-18 में घटकर 6.6 प्रतिशत पर आ गयी जो पिछले साल 7.3 प्रतिशत थी. रेपो दर (जिस दर पर केंद्रीय बैंक बैंकों को कर्ज देता है) फिलहाल छह प्रतिशत है. वहीं रिवर्स रेपो 5.75 प्रतिशत तथा बैंक दर 6.25 प्रतिशत है. रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल की अध्यक्षता वाली एमपीसी की बैठक पहली बार तीन दिनों के लिए हो रही है. आमतौर पर यह बैठक दो दिन के लिए होती है. चालू वित्त वर्ष की दूसरी द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा की घोषणा छह जून को की जाएगी.

इक्रा लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और समूह के मुख्य कार्यपालक अधिकारी नरेश टक्कर ने कहा कि इस साल मानसून तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य तथा राजकोषीय जोखिम को लेकर स्पष्टता की कमी को देखते हुए तत्काल नीतिगत दर में वृद्धि की बात कहना जल्दबाजी होगी.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola