1957 में भारत में पहला बूथ यहां हुआ था कैप्चर, जाने मटिहानी विधानसभा की कहानी
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 13 Jul 2025 2:53 PM
Matihani Vidhan Sabha: मटिहानी विधानसभा क्षेत्र, बिहार के बेगूसराय जिले में स्थित एक ऐतिहासिक और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इलाका है. 1957 में यहीं से देश में पहली बार बूथ कैप्चरिंग की घटना दर्ज हुई थी. इस क्षेत्र का राजनीतिक इतिहास रोचक रहा है, जहां समय-समय पर वाम दलों, कांग्रेस, जेडीयू और एलजेपी के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला है.
Matihani Vidhan Sabha: बिहार के बेगूसराय जिले का मटिहानी विधानसभा क्षेत्र एक बार फिर सियासी चर्चाओं में है. जिस मटिहानी को आमतौर पर एक छोटा और शांत इलाका माना जाता है, उसका नाम भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में एक काले अध्याय के रूप में दर्ज है. वर्ष 1957 के आम चुनाव में यहीं के रचियाही गांव में देश में पहली बार बूथ कैप्चरिंग की घटना सामने आई थी, जिसने चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए थे.
गौरवशाली रहा है इतिहास
मटिहानी उत्तर बिहार में गंगा नदी के किनारे बसा हुआ है. प्राचीन काल में यह गुप्ता और पाल वंश के समय एक अहम प्रशासनिक और आर्थिक केंद्र था. मुगल काल में भी इसके महत्व के प्रमाण मिलते हैं. हालांकि वक्त के साथ मटिहानी की हालत बिगड़ी और आर्थिक गतिविधियों का केंद्र बेगूसराय शहर बन गया. आज मटिहानी की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर आधारित है. वर्ष 2022 में स्वीकृत एक नदी पुल परियोजना से यहां के विकास की नई संभावनाएं नजर आ रही हैं.
मटिहानी की स्थापना और CPI का वर्चस्व
राजनीतिक दृष्टिकोण से मटिहानी विधानसभा क्षेत्र की स्थापना 1977 में हुई. यह बेगूसराय लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है. शुरुआती दौर में यहां कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (CPI) का प्रभाव था, जिसने पहले सात में से पांच चुनाव जीते. बाद में नरेंद्र कुमार सिंह ने चार बार लगातार जीत हासिल की, जिनमें दो बार निर्दलीय और दो बार जेडीयू से चुनाव लड़ा.
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राजनीतिक समीकरणों की जानकारी
2020 में यह सीट लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के खाते में गई, जब राजकुमार सिंह ने मात्र 333 वोटों से जीत दर्ज की. दिलचस्प बात यह है कि अब वही राजकुमार सिंह जेडीयू में शामिल हो चुके हैं. 2020 के विधानसभा चुनाव में यहां NDA, महागठबंधन और वाम दलों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली. CPI(M) उम्मीदवार महज 765 वोटों से तीसरे स्थान पर रहे थे.
वहीं, 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के गिरिराज सिंह ने CPI को मटिहानी क्षेत्र में 20,383 वोटों से हराया. अब जब 2025 का चुनाव नजदीक है, तो एलजेपी और जेडीयू के बीच सीट को लेकर खींचतान की संभावना है.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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