आपकी EV भी कहीं आग के खतरे में तो नहीं? बचाव के लिए ध्यान में रखें ये बातें

Published by : Ankit Anand Updated At : 29 Jan 2026 2:39 PM

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सड़क पर खड़ी इलेक्ट्रिक SUV में लगी आग

Mahindra BE 6 EV में आग लगने के बाद EV सेफ्टी को लेकर फिर से बातें शुरू हो गयी हैं. आइए आपको बताते हैं कैसे टायर अलर्ट, बैटरी चेक, सही चार्जर और सॉफ्टवेयर अपडेट अपनाकर इलेक्ट्रिक व्हीकल में आग लगने के खतरे से बचा जा सकता है.

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EV Safety Tips: हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो खूब वायरल हुआ. वीडियो में Mahindra BE 6 EV आग की चपेट में दिखाई दी. इस वीडियो को सामने आने के बाद EV रखने वालों की चिंता बढ़ना लाजमी था. Mahindra ने इस पूरे मामले पर अपनी तरफ से साफ-साफ जानकारी दी है. कंपनी के मुताबिक, गाड़ी को करीब 10 मिनट तक लगभग 60 km/h की स्पीड पर चलाया गया, वो भी तब जब पीछे की दाईं तरफ वाली टायर पूरी तरह पिचकी हुई थी.

हैरानी की बात ये रही कि टायर प्रेशर को लेकर बार-बार अलर्ट आने के बावजूद गाड़ी चलती रही. कार के सेंसर डेटा से पता चला कि ESP और TCS सिस्टम लगातार एक्टिव होकर व्हील स्पिन कंट्रोल करने की कोशिश कर रहे थे. इसी दौरान पिचके टायर और सड़क के बीच ज्यादा घर्षण होने से हाई टेम्परेचर अलर्ट भी ट्रिगर हुआ.

वीडियो की जांच में भी ये साफ हो गया कि आग की शुरुआत पीछे की दाईं टायर के रबर से हुई थी. यह घटना एक बार फिर बताती है कि EV हो या पेट्रोल-डीजल कार, सेफ्टी अलर्ट्स को हल्के में लेना कितना खतरनाक हो सकता है. ऐसे में अगर आप EV चलाते हैं, तो ये कुछ काम की आदतें हैं जिन्हें अपनाकर आप आग लगने जैसी खतरनाक हालत से बच सकते हैं.

बैटरी को रेगुलर चेक करते रहें

इलेक्ट्रिक बाइक या कार में बैटरी ही दिल की तरह होती है. इसकी हेल्थ सीधे सेफ्टी असर डालती है. इसलिए समय-समय पर ऑथराइज्ड सर्विस सेंटर पर जाकर चेक कराना बहुत जरूरी है, ताकि बैटरी में सूजन, ज्यादा गर्म होना या लीक जैसे दिक्कतें पकड़ में आ जाए. ओवरचार्जिंग से भी आपको बचना चाहिए.

सर्टिफाइड चार्जर से ही चार्ज करें

हमेशा अपनी EV को मैन्युफैक्चरर के अप्रूव्ड चार्जर और केबल से ही चार्ज करें. सस्ते या बिना सर्टिफाइड वाले चार्जर इस्तेमाल करने से शॉर्ट सर्किट या ओवरहीटिंग का खतरा बना रहता है. ध्यान रखें कि चार्जिंग स्टेशन हवादार हो और एक्सटेंशन कॉर्ड का इस्तेमाल न करें.

EV को सही और स्मार्ट तरीके से पार्क करें

EV को कहां और कैसे पार्क किया जाता है, ये बात काफी मायने रखती है. कोशिश करें कि गाड़ी को तेज धूप में सीधे खड़ा न करें, क्योंकि ज्यादा गर्मी बैटरी पर बेवजह लोड डालती है. बेहतर यही है कि EV को छांव वाली या हवादार जगह पर पार्क किया जाए, ताकि अंदर ज्यादा गर्मी जमा न हो.

सॉफ्टवेयर अपडेट करते रहें

EV गाड़ियां काफी हद तक सॉफ्टवेयर पर चलती हैं. इससे ही बैटरी की परफॉर्मेंस से लेकर सेफ्टी सिस्टम तक सब कुछ कंट्रोल होता है. इसी वजह से कंपनियां समय-समय पर सॉफ्टवेयर अपडेट जारी करती रहती हैं, ताकि थर्मल मैनेजमेंट बेहतर हो, चार्जिंग सेफ रहे और किसी भी गड़बड़ी को पहले ही पकड़ लिया जाए. इसलिए समय-समय पर चेक करते रहें और ऑफिशियल अपडेट जरूर इंस्टॉल करें.

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लेखक के बारे में

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अंकित आनंद, डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. उन्हें पत्रकारिता में 2 साल से अधिक का अनुभव है और इस दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर अपनी मजबूत पकड़ बनाई है. अंकित मुख्य रूप से स्मार्टफोन लॉन्च, टेलीकॉम अपडेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी खबरें, गैजेट्स रिव्यू और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे विषयों पर काम करते हैं. इसके साथ ही वह ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़ी जरूरी और ट्रेंडिंग खबरों को भी कवर करते हैं. वह कार और बाइक से जुड़ी हर खबर को सिर्फ एक एंगल से नहीं, बल्कि टेक्निकल, यूजर एक्सपीरियंस और मार्केट ट्रेंड्स जैसे हर पहलू से समझकर पेश करते हैं. उनकी लेखन शैली सरल, स्पष्ट और यूजर्स-फर्स्ट अप्रोच पर बेस्ड है, जिसमें Gen Z की पसंद और उनकी डिजिटल समझ को भी ध्यान में रखा जाता है. बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. अपनी पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने मीडिया और डिजिटल स्टोरीटेलिंग की बारीकियों को समझा और धीरे-धीरे टेक और ऑटो जर्नलिज्म की ओर अपना फोकस बढ़ाया. शिक्षा पूरी करने के बाद अंकित ने Zee News में करीब 1 साल तक काम किया, जहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क वर्क, कंटेंट रिसर्च और न्यूज राइटिंग की बारीकियों को करीब से समझा. इस अनुभव ने उन्हें तेजी से बदलते न्यूज रूम माहौल में काम करने की क्षमता और खबरों को सरल तरीके से प्रस्तुत करने की कला सिखाई. अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की लाइफस्टाइल और फैसलों को भी असर डालती हैं. इसी सोच के साथ वह SEO-ऑप्टिमाइज्ड, रिसर्च-बेस्ड और सरल भाषा में कंटेंट तैयार करते हैं, ताकि पाठकों को सही और उपयोगी जानकारी आसानी से मिल सके.

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