बारिश में टायरों के लिए अपनाएं ये 5 बेस्ट ट्रिक्स, मिलेगी स्मूद राइडिंग एक्सपिरियंस

Tyres Safety Tips during rain (Image Credit: ChatGPT)
बरसात में कार चलाना सिरदर्द बन सकता है. खासकर टायरों की देखभाल महत्वपूर्ण हो जाती है. इस लेख में हम आपको बताएंगे कि बारिश के मौसम में अपनी कार के टायरों की देखभाल कैसे करें और सुरक्षित ड्राइविंग का अनुभव कैसे पाएं.
बरसात का मौसम गाड़ी चालकों के लिए एक सिरदर्द होता है. लगातार या रुक-रुककर बारिश होने के चलते सड़कों पर पानी आ जाता है. ऐसे में ड्राइव करना आसान नहीं होता. मानसून में गाड़ी की टायरों का एक्स्ट्रा ध्यान देना जरूरी होता है. खराब या पंचर टायर से फिसलने का खतरा बढ़ जाता है. मानसून की बारिश सड़कों में नमी भर देता है, जिसके चलते वाहन के फिसलने के चांसेज बढ़ जाते हैं. ऐसे में टायर्स का देखभाल करना जरूरी है. चलिए आज हम बताते हैं कि गाड़ी चलाते समय कैसे सेफ रह सकते हैं.
समय पर टायर्स को चेंज करना जरूरी
मानसून के सीजन में अधिक बारिश के चलते ज्यादातर टायरों में परेशानी बढ़ने लगती है. इससे पहले की कोई दुर्घटना हो, टायरों को हर 5 हजार और 8 हजार किमी पर बदल जरूरी है. ऐसा करने से सामान्य घिसाई सही होती है. टायर्स की लाइफ वैल्यू भी बढ़ती है. खासकर मानसून में राइडिंग या ड्राइविंग के दौरान होने वाले खतरे कम हो जाते हैं.
सभी टायर्स ट्रेड की गहराई जांचें
अगर आप बारिश में रोड पर गाड़ी लेकर निकल रहे हैं, तो सबसे पहले एक बार टायर ट्रेड की गहराई जरूर जांच लें. घिसा हुआ ट्रेड जब गीली सड़क पर जाती है, तो ग्रिप को कमजोर कर करती है. ऐसे कंडीशन में हाइड्रोप्लानिंग का खतरा बढ़ जाता है. ट्रेड का काम गहराई को न्यूनतम ट्रेड वियर इंडिकेटर (TWI) स्तर को मेंटेन रखना होता है.
व्हील्स का एलाइनमेंट जरूरी
बरसात के समय में गाड़ी के व्हील्स की समय-समय पर जांच करना बेहद जरूरी हो जाता है. कई बार डिसबैलेंसड व्हील्स के चलते असमान टायर रब और खराब हैंडलिंग हो सकती है. पानी वाले सड़कों पर यह ज्यादातर देखने को मिलता है. ऐसे में पहियों का सही एलाइनमेंट की जांच करना जरूरी है. अच्छी बैलेंसिंग होने पर टायरों की कंपन कम होती है और स्मूद ड्राइविंग एक्सपिरियंस मिलता है.
सभी टायर्स प्रेशर का मेंटेनेंस जरूरी
बरसात होने पर गीली सड़क की वजह से अक्सर रोड एक्सीडेंट की संभावना बढ़ जाती है. इसके पीछे गाड़ी के टायरों का भी बड़ा रोल होता है. कम या अधिक एयर वाले टायरों को खराब हैंडलिंग और आसमान घिसाई हो सकती है. ऐसे में समय-समय पर अपनी बाइक के टायरों की जांच करते रहना जरूरी है. टायर प्रेशर पर एक्स्ट्रा ध्यान देना पड़ता है. कंपनी द्वारा दिए गए सभी पेपर इंस्ट्रक्शन के अनुसार ही उसपर काम करें.
बेटर क्वालिटी के टायर्स लगाएं
आपको अपनी गाड़ी में हमेशा बेहतर क्वालिटी के टायर्स लगवाने चाहिए. अच्छी क्वालिटी वाली टायरों को गीली सड़कों मजबूत ग्रिप मिलती है और स्किड होने की संभावना नहीं रहती है. गीली सड़कों के लिए बढ़िया कंपनी में बनी टायरों का इस्तेमाल करें. इससे हैंडलिंग पर मजबूत पकड़ रहती है और ऐसा करने से गाड़ी को ड्राइव करना आसान हो जाता है.
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लेखक के बारे में
By Shivansh Shekhar
शिवांश शेखर, प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के तौर पर काम कर रहे हैं. वह पिछले चार साल से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में हैं. इनको ऑटो और खेल बीट पर इंट्रेस्ट है। पूर्व में एसियानेट न्यूज, जागरण न्यू मीडिया, स्पोर्टस-कीडा में भी काम कर चुके हैं। इनके पास पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री है. इनसे [email protected] पर संपर्क किया जा सकता है.
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