कार के वाइपर ठीक से नहीं कर रहे काम? ऐसे करें ठीक, मिलेगी साफ विजिबिलिटी

कार वाइपर (Photo: My Auto Shop)
Car Wipers: बारिश में ड्राइविंग तभी मजेदार होती है जब विजिबिलिटी साफ होती है, और इसमें वाइपर की बड़ी भूमिका होती है. अगर वाइपर सही से काम नहीं कर रहे, तो हल्की सफाई, विंडशील्ड की केयर और समय पर ब्लेड बदलना जरूरी है. छोटी-छोटी चीजें आपकी ड्राइव को ज्यादा सेफ बना सकती हैं.
कई लोगों को बारिश में ड्राइविंग करना अच्छा लगता है, लेकिन मजा तब खराब हो जाता है जब आपकी कार के वाइपर ठीक से काम नहीं करते. जो चीज आपकी सेफ्टी के लिए बनी है. असल में, वाइपर ब्लेड्स समय के साथ घिस जाते हैं. गर्मी, धूल और बारिश के लगातार असर से उनका रबर हार्ड हो जाता है, क्रैक आने लगते हैं या फिर वो अपनी लचीलापन खो देते हैं.
नतीजा यह होता है कि विंडशील्ड पर पानी सही से साफ नहीं होता. कहीं लकीरें रह जाती हैं, कहीं धुंधलापन आ जाता है और विजिबिलिटी खराब हो जाती है. इतना ही नहीं, अगर शीशे पर धूल या तेल जमा हो जाए, तो नए वाइपर्स भी ठीक से काम नहीं कर पाते. तो सवाल यह है कि आखिर इसे ठीक कैसे किया जाए? आइए आपको बताते हैं.
गीले कपड़े से वाइपर ब्लेड्स को साफ करें
घर से निकलने से पहले आपको अपने वाइपर ब्लेड्स पर एक नजर जरूर डालनी चाहिए. अगर रबर घिसा हुआ दिख रहा है या इस्तेमाल करने पर शीशे पर लकीरें पड़ रही हैं, तो समझ जाइए कि अब इन्हें बदलने का समय आ गया है. कई बार हल्की-सी सफाई भी कमाल कर जाती है. एक गीले कपड़े से वाइपर ब्लेड्स को साफ करने पर धूल-मिट्टी हट जाती है और उनकी परफॉर्मेंस बेहतर हो जाती है.
विंडशील्ड को न करें नजरअंदाज
अक्सर लोग सिर्फ वाइपर बदलने पर ध्यान देते हैं, लेकिन असली समस्या गंदी विंडशील्ड भी हो सकती है. धूल, प्रदूषण और ऑयली परत कांच पर एक पतली लेयर बना देते हैं, जो वाइपर चलाने पर साफ होने की बजाय और फैल जाती है.
इसलिए सिर्फ पानी से काम चलाने के बजाय, समय-समय पर अच्छे ग्लास क्लीनर का इस्तेमाल करना जरूरी है. इससे ना सिर्फ जिद्दी गंदगी हटती है, बल्कि ड्राइव करते समय विजिबिलिटी भी एकदम क्लियर रहती है. साथ ही, यह भी ध्यान रखें कि विंडशील्ड वॉशर फ्लूड भरा हुआ हो. सूखे शीशे पर वाइपर चलाने से न सिर्फ ग्लास को नुकसान हो सकता है, बल्कि ब्लेड्स भी जल्दी खराब हो जाते हैं.
कब वाइपर बदल देना चाहिए?
कई लोग वाइपर को तब तक नहीं बदलते जब तक वो पूरी तरह खराब न हो जाए, लेकिन सच ये है कि समय पर इन्हें बदलना बहुत जरूरी है. आम तौर पर ज्यादातर कार कंपनियां सलाह देती हैं कि हर 6 महीने से 1 साल के बीच वाइपर ब्लेड बदल लेने चाहिए, खासकर अगर आप ज्यादा ड्राइव करते हैं या मौसम बदलता रहता है. अगर वाइपर चलाते समय आवाज आने लगे, कांच ठीक से साफ न हो रहा हो या ब्लेड में कोई कट-फट दिखाई दे, तो समझ लीजिए अब इन्हें बदलने का समय आ गया है.
यह भी पढ़ें: कार का AC घर पर ऐसे करें फिक्स, जानिए आसान टिप्स
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Ankit Anand
अंकित आनंद, प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के तौर पर काम कर रहे हैं. वह पिछले डेढ़ साल से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में हैं. टेक जर्नलिस्ट के तौर पर अंकित स्मार्टफोन लॉन्च, टेलीकॉम अपडेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) न्यूज, गैजेट्स रिव्यू और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़ी खबरें कवर करते हैं. इसके अलावा, वह ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़ी अहम खबरों पर भी लिखते हैं. अंकित ने GGSIP यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन में ग्रेजुएशन की है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




