CNG कार में छुपा है बड़ा रिस्क, इन सेफ्टी रूल्स को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी

CNG कार
CNG कारें सस्ती और इको-फ्रेंडली जरूर होती हैं, लेकिन थोड़ी सी लापरवाही बड़ा खतरा बन सकती है. किट की रेगुलर चेकअप, ऑथराइज्ड स्टेशन से ही फ्यूलिंग, स्मोकिंग से दूरी और लीकेज पर तुरंत सावधानी बेहद जरूरी है. आइए इसे डिटेल में जानते हैं.
CNG कारें तेजी से पॉपुलर हो रही हैं. वजह है इनका कम रनिंग खर्च और पर्यावरण के लिए भी बेहतर माना जाना. लेकिन एक बात हमेशा याद रखनी चाहिए कि CNG आखिरकार एक कंप्रेस्ड गैस है. ऐसे में थोड़ी-सी लापरवाही भी बड़ा हादसा बन सकती है. यही कारण है कि CNG कार मालिकों के लिए कुछ जरूरी सेफ्टी नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है. आइए जानते हैं इन्हें.
CNG किट की रेगुलर चेकिंग करवाएं
CNG किट की सेफ्टी के लिए उसकी रेगुलर चेकिंग बहुत जरूरी है. हमेशा अपनी CNG किट और सिलेंडर को सिर्फ किसी ऑथराइज्ड सर्विस सेंटर से ही चेक करवाएं. हर 3 साल में सिलेंडर का हाइड्रो टेस्ट जरूर करवाएं, ताकि यह पता चल सके कि वह गैस के प्रेशर को सेफ तरीके से झेल सकता है या नहीं. कभी भी डैमेज या एक्सपायर हो चुके सिलेंडर का यूज न करें.
CNG भरवाते समय सेफ्टी का रखें ध्यान
CNG भरवाते समय कुछ छोटी-छोटी सावधानियां आपकी सेफ्टी के लिए बहुत जरूरी होती हैं. हमेशा गाड़ी का इंजन बंद करके ही बाहर निकलें और फ्यूलिंग एरिया के पास मोबाइल फोन इस्तेमाल करने बचें. साथ ही, सिर्फ भरोसेमंद और ऑथराइज्ड CNG स्टेशन से ही गैस भरवाएं, क्योंकि अनऑथराइज्ड पंप पर सेफ्टी स्टैंडर्ड की गारंटी नहीं होती.
स्मोकिंग से दूर रहें
गाड़ी के अंदर तो वैसे भी स्मोकिंग से बचना चाहिए, लेकिन CNG कार के आसपास तो यह बिल्कुल ही खतरनाक है. CNG एक बहुत ही ज्वलनशील गैस होती है. सिगरेट या लाइटर की छोटी सी चिंगारी भी बड़ा हादसा कर सकती है.
गैस लीकेज चेक करें
अगर आपको कभी कार के अंदर या आसपास गैस जैसी बदबू महसूस हो, तो इसे बिल्कुल हल्के में न लें. तुरंत इंजन बंद कर दें और दोबारा स्टार्ट करने की कोशिश न करें. साथ ही, गाड़ी में मौजूद कोई भी इलेक्ट्रिक स्विच (जैसे लाइट या AC) भी यूज न करें. सबसे पहले खुद को और दूसरों को गाड़ी से थोड़ा दूर ले जाएं और मदद के लिए कॉल करें. ध्यान रहे, आप एक्सपर्ट नहीं हैं, इसलिए कभी भी माचिस या लाइटर से लीकेज चेक करने की गलती न करें.
मेंटेनेंस और ड्राइविंग आदतें
गाड़ी की सही मेंटेनेंस और आपकी ड्राइविंग आदतें बहुत फर्क डालती हैं. समय-समय पर पाइप, वायरिंग और एयर फिल्टर जरूर चेक करते रहें ताकि कोई छोटी समस्या बड़ी न बन जाए. गाड़ी को धीरे और स्मूद तरीके से ही चलाएं और अचानक एक्सीलरेशन या ज्यादा लोड से बचें.
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लेखक के बारे में
By Ankit Anand
अंकित आनंद, प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के तौर पर काम कर रहे हैं. वह पिछले डेढ़ साल से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में हैं. टेक जर्नलिस्ट के तौर पर अंकित स्मार्टफोन लॉन्च, टेलीकॉम अपडेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) न्यूज, गैजेट्स रिव्यू और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़ी खबरें कवर करते हैं. इसके अलावा, वह ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़ी अहम खबरों पर भी लिखते हैं. अंकित ने GGSIP यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन में ग्रेजुएशन की है.
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