सड़कों पर गाड़ी के साथ दौड़ती मौत बेच रहा चीन

Published by : Rajeev Kumar Updated At : 21 Jan 2026 12:20 PM

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कार में घटिया एयरबैग से बढ़ सकता है खतरा

चाइनीज रिप्लेसमेंट एयरबैग हादसे में फटकर मौत का सबब बन रहे हैं. अमेरिका में NHTSA ने 10 हादसों में 8 मौतों की चेतावनी जारी की. सस्ते पार्ट्स से बचें और जान बचाएं.

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Made in China Airbag Defect: अमेरिका में इस्तेमाल होने वाली पुरानी गाड़ियों में चाइनीज एयरबैग अब जानलेवा साबित हो रहे हैं. सस्ते दामों पर बिकने वाले ये नकली या घटिया रिप्लेसमेंट एयरबैग हादसे के वक्त फट जाते हैं और धातु के टुकड़े ड्राइवर के चेहरे, गर्दन, छाती और आंखों में चुभो देते हैं. अमेरिकी सेफ्टी एजेंसी NHTSA ने जनवरी 2026 में अलर्ट जारी कर चेतावनी दी है कि ऐसे 10 हादसों में 8 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2 गंभीर रूप से घायल हुए. ये सब घटनाएं उन गाड़ियों में हुईं, जहां पहले हादसे के बाद ओरिजिनल एयरबैग की जगह ये चाइनीज पार्ट्स लगाये गए थे.

मौत का खेल कैसे शुरू हुआ

ये खतरनाक एयरबैग इन्फ्लेटर जिलिन प्रोविंस डेटियान्नुओ (DTN) कंपनी के बनाये हैं. अमेरिका में इनकी बिक्री प्रतिबंधित है, लेकिन इन्हें चोरी-छिपे आयात कर सस्ते में लगाया जा रहा है. हादसे के बाद गाड़ी रिपेयर करवाने वाले लोग सस्ते विकल्प चुनते हैं और यहीं खतरा घुस आता है.

कितनी खौफनाक है ये समस्या

सामान्य हादसों में बचने वाले ड्राइवर इन एयरबैग के फटने से मारे जा रहे हैं. धातु के बड़े-बड़े टुकड़ेशार्पनेल की तरह निकलते हैं, जो सीधे बॉडी में घुस जाते हैं. NHTSA के मुताबिक, ये पार्ट्स अवैध तरीके से आ रहे हैं और ज्यादातर शेवरलेमालिबू और ह्यूंडई सोनाटा जैसी गाड़ियों में पाये गए, खासकर जिनका सैल्वेज या रिबिल्ट टाइटल है.

चीन का सस्ता माल, मौत का सौदा

चीन से आने वाले ये आफ्टरमार्केट पार्ट्स बहुत सस्ते होते हैं, इसलिए लोकल गैरेज और ऑनलाइन प्लैटफॉर्म पर आसानी से मिल जाते हैं. लेकिन कंपनी की वेबसाइट पर खुद लिखा है कि अमेरिका में इनकी सेल मना है. फिर भी ये बाजार में घुस रहे हैं, जिससे परिवारों की जिंदगी दांव पर लग रही है.

NHTSA की सख्त चेतावनी

एजेंसी ने पुरानी गाड़ी खरीदने वालों, मालिकों और रिपेयर शॉप्स को तुरंत जांच करवाने की सलाह दी है. अगर गाड़ी में पहले एयरबैग खुल चुका है, तो ओरिजिनल या प्रमाणित पार्ट्स ही लगवाएं. NHTSA ने कहा, जो भी ये घटिया सामान ला रहा और लगा रहा है, वो अमेरिकी परिवारों की जान जोखिम में डाल रहा है.

भारत में भी सावधानी बरतें

हालांकि ये समस्या मुख्य रूप से अमेरिका में सामने आई है, लेकिन भारत में भी सस्ते चाइनीज स्पेयर पार्ट्स का चलन बढ़ रहा है. पुरानी कारों में रिपेयर के दौरान घटिया एयरबैग लगने का खतरा यहां भी है. एक्सपर्ट्स कहते हैं कि हमेशा ब्रांडेड, प्रमाणित पार्ट्स चुनें और सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता दें.

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राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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