कार की चाबी पर एल्युमिनियम फॉइल लगाने का फायदा जानेंगे, तो बार-बार थैंक्यू कहेंगे आप

Keyless Entry वाली कारें Relay Attack का निशाना बन सकती हैं. जानिए लोग कार की चाबी को एल्युमिनियम फॉइल में क्यों लपेट रहे हैं, यह तरीका कैसे काम करता है और चोरी से बचने के दूसरे असरदार उपाय क्या हैं.
आजकल सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें लोग अपनी कार की चाबी को एल्युमिनियम फॉइल में लपेटते नजर आते हैं. पहली नजर में यह अजीब लग सकता है, लेकिन इसके पीछे कार की सुरक्षा से जुड़ा एक अहम कारण है. दरअसल, आधुनिक की-लेस एंट्री (Keyless Entry) वाली कारों में चोर अब ताला तोड़ने या शीशा फोड़ने की बजाय डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं. ऐसे में कई लोग दावा कर रहे हैं कि साधारण एल्युमिनियम फॉइल इस तरह की चोरी से बचाव में मदद कर सकती है. आइए जानते हैं कि यह तरीका कैसे काम करता है और विशेषज्ञ इसके बारे में क्या कहते हैं.
कैसे काम करती है की-लेस एंट्री टेक्नोलॉजी?
आज की ज्यादातर प्रीमियम और मिड-रेंज कारें की-लेस एंट्री फीचर के साथ आती हैं. इस सिस्टम में कार और चाबी लगातार वायरलेस रेडियो सिग्नल के जरिए संपर्क में रहते हैं. जैसे ही चाबी कार के पास पहुंचती है, वाहन उसे पहचान लेता है और बिना चाबी निकाले ही दरवाजे अनलॉक हो जाते हैं. यही सुविधा इसे बेहद आसान बनाती है, लेकिन इसी तकनीक का फायदा उठाकर साइबर अपराधी भी कार चोरी करने की कोशिश करते हैं.
क्या होता है Relay Attack और कैसे चुराई जाती है कार?
कार चोरी का सबसे चर्चित डिजिटल तरीका Relay Attack कहलाता है. इसमें चोर विशेष इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की मदद से कार की चाबी से निकलने वाले वायरलेस सिग्नल को पकड़कर उसे कार तक पहुंचा देते हैं. कार को ऐसा लगता है कि असली चाबी उसके बिल्कुल पास मौजूद है और वह खुद ही अनलॉक हो जाती है. कई मामलों में चोर कुछ ही सेकेंड में कार स्टार्ट करके लेकर फरार हो जाते हैं, जबकि चाबी घर के अंदर ही रखी होती है.
एल्युमिनियम फॉइल क्यों बन सकता है सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत?
एल्युमिनियम फॉइल का इस्तेमाल इसलिए किया जाता है क्योंकि यह इलेक्ट्रोमैग्नेटिक सिग्नल को काफी हद तक रोकने की क्षमता रखता है. यह सिद्धांत Faraday Cage जैसा काम करता है. यदि कार की चाबी को पूरी तरह फॉइल में लपेट दिया जाए, तो उसके वायरलेस सिग्नल बाहर नहीं निकल पाते. ऐसे में Relay Attack करने वाले डिवाइस चाबी का सिग्नल पकड़ नहीं पाते और कार को अनलॉक करना मुश्किल हो जाता है.
हालांकि, यह तरीका तभी प्रभावी हो सकता है जब फॉइल पूरी तरह चाबी को ढक दे. यदि कहीं से सिग्नल बाहर निकल रहा हो, तो सुरक्षा का फायदा कम हो सकता है.
सिर्फ फॉइल पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं
विशेषज्ञों का मानना है कि एल्युमिनियम फॉइल एक अस्थायी उपाय हो सकता है, लेकिन इसे स्थायी सुरक्षा समाधान नहीं माना जाना चाहिए. बेहतर होगा कि कार की चाबी को घर के मुख्य दरवाजे या खिड़की के पास रखने से बचें. यदि संभव हो तो चाबी को कमरे के अंदर किसी दराज या अलमारी में रखें.
आज बाजार में Faraday Pouch या Signal Blocking Pouch भी उपलब्ध हैं, जिन्हें खास तौर पर Keyless कारों की चाबियों के लिए डिजाइन किया गया है. ये फॉइल की तुलना में ज्यादा टिकाऊ और भरोसेमंद माने जाते हैं. वहीं कई नई कारों में Motion Sensor Key जैसी आधुनिक तकनीक भी दी जा रही है, जो लंबे समय तक स्थिर रहने पर सिग्नल भेजना बंद कर देती है.
क्या आपको भी अपनाना चाहिए यह तरीका?
अगर आपकी कार में Keyless Entry फीचर है, तो उसकी सुरक्षा को हल्के में नहीं लेना चाहिए. एल्युमिनियम फॉइल या सिग्नल ब्लॉकिंग पाउच जैसी सावधानियां Relay Attack जैसे डिजिटल अपराधों का जोखिम कम करने में मदद कर सकती हैं. इसके साथ ही हमेशा कार का सॉफ्टवेयर अपडेट रखें, सुरक्षित स्थान पर पार्किंग करें और निर्माता द्वारा दिए गए सुरक्षा फीचर्स का पूरा इस्तेमाल करें. थोड़ी-सी जागरूकता आपकी लाखों रुपये की कार को चोरी होने से बचा सकती है.
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By Rajeev Kumar
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