Bizarre News: चीन ने सैनिटरी पैड शेप में बनाया रेलवे स्टेशन! सोशल मीडिया पर फोटो वायरल

Published by : KumarVishwat Sen Updated At : 23 Apr 2024 10:09 AM

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चीन ने सैनिटरी पैड शेप में बनाया रेलवे स्टेशन का डिजाइन. फोटो: सोशल मीडिया

Bizarre News: सोशल मीडिया पर जब इसकी तस्वीर वायरल हुई, तो लोग इसका मजाक बना रहे हैं. वहीं, कुछ लोग इसकी आलोचना भी कर रहे हैं. इस बीच, अपनी सफाई में इसके डिजाइनर बार-बार यह बता रहे हैं कि उन्हें इस स्टेशन के डिजाइन बनाने की प्रेरणा बेर के फूलों से मिली है.

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Bizarre News: सैनिटरी पैड महिलाओं के पीरियड के दौरान यूज की जाने वाली चीज है. देश-दुनिया में महिलाओं को सैनिटरी पैड फ्री में उपलब्ध कराने की वकालत लंबे समय से की जा रही है. भारत में कई रेलवे स्टेशनों पर वेंडिंग मशीन लगाकर महिलाओं को फ्री में सैनिटरी पैड उपलब्ध कराया जा रहा है. आम तौर पर सैनिटरी पैड काफी सीक्रेट चीज है, जिसकी चर्चा सार्वजनिक तौर पर नहीं की जाती. लेकिन, भारत के पड़ोसी देश चीन ने सैनिटरी पैड को न केवल सार्वजनिक चर्चा का विषय बना दिया, बल्कि उसने सैनिटरी पैड शेप में एक रेलवे स्टेशन का डिजाइन भी तैयार किया है. इसकी एक फोटो सोशल मीडिया मंच ट्विटर (एक्स) पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है.

नानजिंग नॉर्थ में सैनिटरी पैड शेप वाला रेलवे स्टेशन

मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, चीन ने नानजिंग नॉर्थ में सैनिटरी पैड शेप में रेलवे स्टेशन का निर्माण कराने जा रहा है. इसे बनाने में करीब 2.7 बिलियन डॉलर खर्च आने की बात की जा रही है. डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार, सैनिटरी पैड शेप वाला यह रेलवे स्टेशन नानजिंग नॉर्थ में करीब 37.6 वर्ग किलोमीटर में फैला है. अनुमान लगाया जा रहा है कि यह रेलवे स्टेशन सालाना 36.5 मिलियन यात्रियों को सर्विस प्रोवाइड कराएगा.

बेर के फूलों पर बेस्ड है इसका डिजाइन

मीडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार, चीन का नानजिंग शहर बेर के फूलों के लिए प्रसिद्ध है. नानजिंग नॉर्थ रेलवे स्टेशन का डिजाइन भी बेर के फूलों पर ही आधारित है. इसके डिजाइन को तैयार करने वालों ने इसका फोटो जब सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, तो इंटरनेट यूजर ने इसकी तुलना सैनिटरी पैड से करना शुरू कर दिया. डेली मेल की रिपोर्ट में कहा गया है कि नानजिंग नॉर्थ रेलवे स्टेशन के डिजाइनरों ने इस चार पंखुड़ियों वाली इमारत को बेर के फूल जैसा बताया, लेकिन इंटरनेट यूजर्स ने अपनी प्रतिक्रिया में बताया कि बेर के फूलों में पांच पंखुड़ियां होती हैं. चीनी सरकार की निगरानी वाली सोशल मीडिया साइट वीबो पर एक यूजर ने कहा कि हम सभी तुरंत क्यों बता सकते हैं कि यह एक सैनिटरी पैड है, लेकिन आर्किटेक्ट नहीं बता सकते.

सोशल मीडिया पर मजाक का विषय बना रेलवे स्टेशन

सोशल मीडिया पर जब इसकी तस्वीर वायरल हुई, तो लोग इसका मजाक बना रहे हैं. Bizarre News: सोशल मीडिया पर जब इसकी तस्वीर वायरल हुई, तो लोग इसका मजाक बना रहे हैं. वहीं, कुछ लोग इसकी आलोचना भी कर रहे हैं. इस बीच, इसके डिजाइनर सफाई देने में जुटे हैं. उनका कहना है कि उन्हें इस स्टेशन के डिजाइन बनाने की प्रेरणा बेर के फूलों से मिली है, लेकिन इंटरनेट यूजर ट्रोल करते हुए यह बता रहे हैं कि बेर के फूल में चार पंखुड़ियां नहीं होती हैं. सोशल मीडिया पर कई लोग मजाक उड़ा रहे हैं, कई लोग इसे शर्मनाक भी कह रहे हैं. ट्विटर पर एक यूजर ने लिखा, ‘यह व्हिस्पर सैनिटरी पैड जैसा दिखाई दे रहा है, कृपया इसका डिजाइन बदलें.’ वहीं, एक दूसरे यूजर ने कहा कि पीरियड शेमिंग पर हमें इस पर गौर नहीं करना चाहिए. यह डिजाइन अपने समय से आगे है. एक अन्य यूजर ने लिखा कि हम लोगों को इसकी इमारत का डिजाइन नहीं देखना चाहिए, क्योंकि लोग आते-जाते इतना नहीं देख पाते.

क्या यह सच है कि चीन में एक रेलवे स्टेशन का डिजाइन सैनिटरी पैड जैसा है?

हाँ, नानजिंग नॉर्थ रेलवे स्टेशन का डिजाइन सैनिटरी पैड के आकार जैसा दिखाई देता है, जिससे यह सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है।

इस स्टेशन के डिजाइन में प्रेरणा कहाँ से मिली?

स्टेशन के डिजाइनरों ने कहा है कि उन्होंने इसका डिजाइन बेर के फूलों से प्रेरित होकर बनाया है, हालाँकि इंटरनेट यूजर्स ने इसे सैनिटरी पैड से जोड़ा है।

इस स्टेशन के निर्माण में कितनी लागत आएगी?

अनुमान है कि यह रेलवे स्टेशन सालाना 36.5 मिलियन यात्रियों को सेवाएं प्रदान करेगा।

सोशल मीडिया पर इस स्टेशन को लेकर क्या प्रतिक्रियाएं आई हैं?

सोशल मीडिया पर यूजर्स ने स्टेशन के डिजाइन का मजाक बनाया है, कुछ इसे शर्मनाक बता रहे हैं, जबकि अन्य इसे आधुनिक और अनोखा मान रहे हैं। डिजाइनरों ने सफाई दी है कि उन्होंने इसे बेर के फूल के आकार में बनाया है।

यह रेलवे स्टेशन कितने यात्रियों को सेवाएं देगा?

अनुमान है कि यह रेलवे स्टेशन सालाना 36.5 मिलियन यात्रियों को सेवाएं प्रदान करेगा।

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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