20.1 C
Ranchi
Monday, March 4, 2024

BREAKING NEWS

Trending Tags

विराग गुप्ता

लेखक और वकील

चुनावी बॉन्ड पर रोक के मायने

विधायक, सांसद, अफसर, जज और मंत्रियों सभी को संपत्ति का विवरण देना होता है. तो पार्टियां पारदर्शिता से आमदनी और खर्च का विवरण सार्वजनिक क्यों नहीं करतीं?

नकल माफिया के खिलाफ सख्ती जरूरी

रेलवे, यूपीएससी, बैंकिंग, जेइइ, नीट, एसएससी, नेट और यूपीएससी की परीक्षाओं और इंटरव्यू में धांधली रोकने के लिए नये कानून का इस्तेमाल होगा. इसमें तीन से दस साल की सजा और एक करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है.

नये कानून में रिहाई का रोडमैप

न्याय में देरी, मुकदमों के अंबार और लाखों कैदियों की वजह से पीड़ित परिवारों का सामाजिक और आर्थिक ढांचा दरक रहा है. पूर्व राष्ट्रपति कोविंद ने अमेरिकी उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश फ्रैंकफर्टर को उद्धृत करते हुए कहा था कि अदालतें लोकतांत्रिक समाज का अच्छा प्रतिबिंब बनने के लिए डिजाइन नहीं की गयी हैं.

नये कानूनों की सफलता राज्यों पर निर्भर

अभी तक दर्ज मुकदमों की सुनवाई पुराने कानूनों के अनुसार होगी. नये कानूनों को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गयी है, लेकिन इन्हें लागू करने की अधिसूचना नहीं जारी हुई है. उसके बाद दर्ज मामलों की लिखा-पढ़ी और सुनवाई नये कानूनों के अनुसार होगी.

अपराधों की बदलती प्रवृत्ति पर हो ठोस कार्रवाई

हमें पुलिस व्यवस्था, न्यायिक व्यवस्था और मौजूदा कानूनों में बड़े बदलावों के लिए समन्वित प्रयास करने की जरूरत है. अपराध दर्ज होने के साथ जल्द न्याय मिलने का अधिकार देश में सभी को हासिल है, जिसे सुनिश्चित करने में केंद्र सरकार की भूमिका महत्वपूर्ण है.

अदालतों में तारीख पे तारीख का बढ़ता नासूर

प्रधान न्यायाधीश के अनुसार पिछले दो महीनों में वकीलों ने सुनवाई के स्थगन के लिए 3688 पर्चियां दीं. इन्हीं दो महीनों में 2361 अर्जियों से जल्द सुनवाई का आग्रह किया गया है. कानून के अनुसार किसी मामले में तीन बार से ज्यादा स्थगन नहीं देना चाहिए.