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Delhi Air Pollution: आज से दिल्ली में नहीं चलेंगे डीजल-पेट्रोल जनरेटर, केजरीवाल सरकार ने लगायी रोक

Updated at : 15 Oct 2020 11:26 AM (IST)
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Delhi Air Pollution: आज से दिल्ली में नहीं चलेंगे डीजल-पेट्रोल जनरेटर, केजरीवाल सरकार ने लगायी रोक

Delhi Air Pollution नयी दिल्ली : अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) सरकार ने आवश्यक या आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर बाकी सभी जगहों पर पेट्रोल और डीजल से चलने वाले जेनरेटर के इस्तेमाल पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है. ऐसा दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण (Delhi Air pollution) के स्तर को देखते हुए किया गया है. दूसरी ओर केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावडेकर (Prakash javadekar) ने कहा कि पराली जलाने से केवल 4-5 प्रतिशत वायु प्रदूषण होता है. बाकी के लिए स्थानीय कारक जिम्मेदार हैं. प्रदूषण नियंत्रण के लिए सीपीसीबी के 50 दलों को रवाना किया गया है.

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नयी दिल्ली : अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) सरकार ने आवश्यक या आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर बाकी सभी जगहों पर पेट्रोल और डीजल से चलने वाले जेनरेटर के इस्तेमाल पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है. ऐसा दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण (Delhi Air pollution) के स्तर को देखते हुए किया गया है. दूसरी ओर केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावडेकर (Prakash javadekar) ने कहा कि पराली जलाने से केवल 4-5 प्रतिशत वायु प्रदूषण होता है. बाकी के लिए स्थानीय कारक जिम्मेदार हैं. प्रदूषण नियंत्रण के लिए सीपीसीबी के 50 दलों को रवाना किया गया है.

एक सरकारी आदेश के मुताबिक, ‘दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) 15 अक्टूबर से अगले आदेश तक दिल्ली में डीजल, पेट्रोल या केरोसिन से चलने वाले सभी क्षमता के विद्युत जेनरेटर के उपयोग को प्रबंधित करती है. यह आदेश आवश्यक एवं आपातकालीन सेवाओं में इस्तेमाल किए जाने वाले जेनरेटर सेट पर लागू नहीं होगा.’ आवश्यक सेवाओं में स्वास्थ्य सुविधाएं, एलेवेटर, रेलवे सेवाएं, दिल्ली मेट्रो, हवाई अड्डे और अंतरराज्यीय बस टर्मिनल तथा नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर की तरफ से संचालित डाटा सेंटर शामिल हैं.

जीआरएपी के तहत जारी किया गया आदेश

क्रमिक प्रतिक्रिया कार्य योजना (जीआरएपी) के तहत यह निर्देश जारी किया गया है. जीआरएपी प्रदूषण रोधी उपाय है जिसे स्थिति की गंभीरता के मुताबिक दिल्ली और इसके आसपास के क्षेत्रों में लागू किया जाता है. इसे 2017 में पर्यावरण और वन मंत्रालय ने उच्चतम न्यायाालय की तरफ से अनिवार्य किये गये पर्यावरण प्रदूषण (रोकथाम और नियंत्रण) प्राधिकरण के मार्फत लागू करने के लिए अधिसूचित किया था.

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बिजली कंपनियों को निर्बाध बिजली आपूर्ति का निर्देश

डीपीसीसी ने बिजली कंपनियों को निर्देश दिया कि उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए. इसने आदेश जारी कर बृहस्पतिवार से जीआरएपी लागू करने के ईपीसीए के निर्देशों पर अमल करने के लिए कहा. ईपीसीए ने पहले निर्देश दिया था कि राजमार्ग और मेट्रो सहित बड़ी निर्माण कंपनियों को राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, प्रदूषण नियंत्रण समितियों को हलफनामा देना होगा कि धूल प्रबंधन के लिए वे तय नियमों का पालन करेंगे.

क्या फैक्ट्रियां भी बंद करवायेगी सरकार?

दिल्ली एनसीआर में पहली बार 2017 में लागू जीआरएपी उपायों के तहत बस और मेट्रो सेवाओं में बढ़ोतरी करना, पार्किंग शुल्क को बढ़ाना और हवा की गुणवत्ता खराब होने पर डीजल जेनरेटर का इस्तेमाल बंद करना शामिल है. स्थिति जब ‘विकट’ हो जाती है तो जीआरएपी ईंट-भट्ठे, पत्थर तोड़ने वाली मशीनों और हॉट मिक्स संयंत्रों को बंद करने, पानी का छिड़काव करने, सड़कों को मशीनों से साफ करने और प्राकृतिक स्रोतों से ऊर्जा उत्पादन को ज्यादा से ज्यादा करने की अनुशंसा करता है.

‘आपातकालीन’ स्थिति में जिन उपायों का अनुसरण करना है उनमें दिल्ली में ट्रकों का प्रवेश रोकना, निर्माण गतिविधियां रोकना और सम-विषम कार योजना को लागू करना शामिल है.

Posted By: Amlesh Nandan.

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