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शराब तस्करों का ट्रांजिट प्वाइंट बना समस्तीपुर

Updated at : 12 Dec 2017 5:23 AM (IST)
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शराब तस्करों का ट्रांजिट प्वाइंट बना समस्तीपुर

समस्तीपुर : उत्पाद अधिनियम के सख्त कानून के बाद भी शराब तस्करी का धंधा चोखा बना हुआ है. शराब तस्कर नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्र मिथिलांचल के समस्तीपुर को ट्रांजिट प्वाइंट बना रखा है. तस्कर शहर में शराब की खेप मंगाकर आसपास के अन्य जिलों में शराब सप्लाई करते हैं. तस्करी के इस खेल में बड़े-बड़े […]

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समस्तीपुर : उत्पाद अधिनियम के सख्त कानून के बाद भी शराब तस्करी का धंधा चोखा बना हुआ है. शराब तस्कर नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्र मिथिलांचल के समस्तीपुर को ट्रांजिट प्वाइंट बना रखा है. तस्कर शहर में शराब की खेप मंगाकर आसपास के अन्य जिलों में शराब सप्लाई करते हैं. तस्करी के इस खेल में बड़े-बड़े शराब माफिया पर्दे के पीछे बैठकर इसे हवा दे रहे हैं. शराब माफिया शराब तस्करी के लिए ट्रक चालक, सब्जी विक्रेता आदि का इस्तेमाल करते हैं. पुलिस के हत्थे भी ये प्यादा ही चढ़ रहे हैं, जबकि उनके आका तक पुलिस नहीं पहुंच पाती है. ऐसे में सीमावर्ती क्षेत्र में शराब तस्करी का खेल बदस्तूर जारी रहता है.

सूत्र बताते हैं कि नये साल के जश्न को लेकर शराब की बढ़ती मांग को देख शराब तस्कर शराब स्टॉक करने की तैयारी में जुट गये हैं. इसका फायदा उठाने के लिए तस्कर नकली शराब की खेप मंगा रहे हैं. शराब तस्कर बंगाल निर्मित शराब के अलावा कम कीमत पर पंजाब और हरियाणा निर्मित शराब खेप मंगा रहे हैं. शराब हरियाणा निर्मित लेबल का कई दफा पकड़ा जा चुका है, लेकिन शराब किसने भेजा और कौन डिलिवरी लेता इसका पता पुलिस अब तक नहीं लगा पायी है. ताकि शराब तस्करी के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया जा सके.
1729 छापेमारी 340 को दबोचा :
सूबे में शराबबंदी लागू होने के बाद से उत्पाद विभाग ने शराब माफियाओं पर शिकंजा कसने के लिए गुप्त सूचना के आधार पर वित्तीय वर्ष 2016-17 में 1729 छापेमारी गयी थी. वहीं 340 शराबियों एवं शराब कारोबारियों को जेल भेजने में सफलता हासिल की है. इधर, वित्तिय वर्ष 2017-18 में 20 नवंबर तक 1880 छापेमारी कर 273 मामले दर्ज कराये गये. इस क्रम में 251 शराबियों एवं शराब कारोबारियों को गिरफ्तार भी किया गया है.
तैयारी
शराब तस्करी का खेल जारी
नये साल के जश्न को लेकर शराब तस्कर स्टॉक करने की तैयारी में जुटे
जेल से बाहर आये शराब कारोबारियों की बन रही सूची
जेल से बाहर आये शराब के अवैध कारोबारियों की सूची बनाकर उन पर निगरानी रखी जा रही है. डीएम प्रणव कुमार का कहना है कि फिर से इनकी गिरफ्तारी होती है, तो स्पीडी ट्रायल के तहत सजा दिलायी जायेगी. बता दें कि एक अप्रैल से 20 नवंबर 2017 तक उत्पाद विभाग ने 251 को जेल भेजने में सफलता हासिल की. वहीं पटना हाइकोर्ट ने शराबबंदी कानून लागू होने के बाद शराब पीने या बिक्री करने या रखने के मामले में गिरफ्तार होने पर जमानत देने को लेकर जो नयी व्याख्या की है. उसका लाभ शराबियों व शराब कारोबारियों को मिल रहा है. एक अप्रैल से 20 नवंबर 2017 तक 209 को कोर्ट से शराबबंदी मामले में गिरफ्तार किया गया लोगों को नियमित जमानत दी है.
समस्तीपुर : उत्पाद अधिनियम के सख्त कानून के बाद भी शराब तस्करी का धंधा चोखा बना हुआ है. शराब तस्कर नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्र मिथिलांचल के समस्तीपुर को ट्रांजिट प्वाइंट बना रखा है. तस्कर शहर में शराब की खेप मंगाकर आसपास के अन्य जिलों में शराब सप्लाई करते हैं. तस्करी के इस खेल में बड़े-बड़े शराब माफिया पर्दे के पीछे बैठकर इसे हवा दे रहे हैं. शराब माफिया शराब तस्करी के लिए ट्रक चालक, सब्जी विक्रेता आदि का इस्तेमाल करते हैं. पुलिस के हत्थे भी ये प्यादा ही चढ़ रहे हैं, जबकि उनके आका तक पुलिस नहीं पहुंच पाती है. ऐसे में सीमावर्ती क्षेत्र में शराब तस्करी का खेल बदस्तूर जारी रहता है.
सूत्र बताते हैं कि नये साल के जश्न को लेकर शराब की बढ़ती मांग को देख शराब तस्कर शराब स्टॉक करने की तैयारी में जुट गये हैं. इसका फायदा उठाने के लिए तस्कर नकली शराब की खेप मंगा रहे हैं. शराब तस्कर बंगाल निर्मित शराब के अलावा कम कीमत पर पंजाब और हरियाणा निर्मित शराब खेप मंगा रहे हैं. शराब हरियाणा निर्मित लेबल का कई दफा पकड़ा जा चुका है, लेकिन शराब किसने भेजा और कौन डिलिवरी लेता इसका पता पुलिस अब तक नहीं लगा पायी है. ताकि शराब तस्करी के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया जा सके.
1729 छापेमारी 340 को दबोचा :
सूबे में शराबबंदी लागू होने के बाद से उत्पाद विभाग ने शराब माफियाओं पर शिकंजा कसने के लिए गुप्त सूचना के आधार पर वित्तीय वर्ष 2016-17 में 1729 छापेमारी गयी थी. वहीं 340 शराबियों एवं शराब कारोबारियों को जेल भेजने में सफलता हासिल की है. इधर, वित्तिय वर्ष 2017-18 में 20 नवंबर तक 1880 छापेमारी कर 273 मामले दर्ज कराये गये. इस क्रम में 251 शराबियों एवं शराब कारोबारियों को गिरफ्तार भी किया गया है.
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