अलीगढ़ में 'आदिपुरुष' मूवी के फिल्मांकन और डायलाॅग को लेकर विरोध, संस्कार भारती ने योगी सरकार से की बड़ी मांग
Published by : Radheshyam Kushwaha Updated At : 17 Jun 2023 3:37 PM
अलीगढ़. 'आदिपुरुष' मूवी के फिल्मांकन और डायलाग को लेकर संस्कार भारती ने विरोध जताया. संस्कार भारती ने कहा कि इस फिल्म को देखने से युवापीढ़ी पर बुरा असर पड़ेगा. इसलिए इस फिल्म पर तुरंत प्रतिबंध लगाना चाहिए.
अलीगढ़. आदिपुरुष फिल्म रिलीज होने के साथ ही विवादों में आ गई है. अलीगढ़ में भी आदिपुरुष फिल्म रिलीज होने के साथ ही विरोध के स्वर उठने लगे हैं. अलीगढ़ में भी इस के फिल्मांकन एवं डायलॉग पर कड़ा विरोध प्रदर्शित किया गया है. संस्कार भारती के जिला संयोजक भुवनेश वार्ष्णेय आधुनिक ने इस फिल्म को लेकर अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए योगी सरकार से इस फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है.
संस्कार भारती के जिला संयोजक भुवनेश वार्ष्णेय आधुनिक ने विरोध व्यक्त करते हुए कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर किसी की आस्था पर इस प्रकार से कुठाराघात नहीं कर सकते. इससे हमारी धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं. इस फिल्म में भगवान श्री राम एवं हनुमान का अपमान किया गया है. डायलॉग इतने फूहड़ हैं कि हम सब हैरान हैं. इस फिल्म को देखने से युवापीढ़ी पर बुरा असर पड़ेगा. इसलिए इस फिल्म पर तुरंत प्रतिबंध लगाना चाहिए. उन्होंने योगी सरकार से अपील की है कि इस फिल्म आदिपुरुष को यूपी में बैन कर पूर्णतया प्रतिबंध लगाया जाएं.
90 के दशक में आई रामानंद सागर की रामायण में सीता एवं राम की सौम्यता को ध्यान में रखा गया. लेकिन, इस फिल्म में वह सब गायब है. हनुमान जी के डायलॉग भी मुंबई के टपोरी की तरह प्रदर्शित कर हनुमान जी का अपमान किया गया है. रावण को पुष्पक विमान की जगह चमगादड़ पर जाते हुए दिखाया गया है. आखिर फिल्म निर्माता-निर्देशक आज की पीढ़ी को यह कौन सी रामायण दिखाना चाह रहे हैं.
Also Read: UP Weather Update: पश्चिमी यूपी में बारिश और तेज हवाओं से बदलेगा मौसम, पूर्वांचल में हीटवेव का कहर बरकरार
संस्कार भारती के बैनर तले भुवनेश वार्ष्णेय आधुनिक ने जनता से अपील की है कि ऐसी फिल्में न देखें, न अपने बच्चों को दिखाएं. इस फिल्म को लेकर शीघ्र ही सभी हिंदूवादी एक मंच पर आकर विरोध जताएंगे और फिल्म पर प्रतिबंध लगाने के सभी आगे आएं. संस्कार भारती की स्थापना कला संस्कृति के क्षेत्र में राष्ट्रीय चेतना लाने के उद्देश्य से की गई थी. संस्कार भारती की परिकल्पना 1954 में विकसित हुई थी और 1981 में लखनऊ में इसकी विधिवत स्थापना हुई थी. आज देश भर में संस्कार भारती की बारह सौ से अधिक इकाइयां है इसकी पृष्ठभूमि में भाउराव देवरस, नानाजी देशमुख, माधवराव देवली जैसे विद्वानों का चिंतन और परिश्रम था. वहीं, संस्कार भारती अब ओम राऊत की फिल्म आदि पुरुष पर बैन लगाने की मांग कर रही है.
रिपोर्ट- आलोक सिंह, अलीगढ़
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Radheshyam Kushwaha
पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. ज्योतिष शास्त्र, व्रत त्योहार, राशिफल के आलावा राजनीति, अपराध और पॉजिटिव खबरों को लिखने में रुचि हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










