ePaper

Misleading Advertisements: सुप्रीम कोर्ट ने बाबा रामदेव को एक सप्ताह में हलफनामा दाखिल करने का आखिरी मौका दिया

Updated at : 02 Apr 2024 1:26 PM (IST)
विज्ञापन
Misleading Advertisements: सुप्रीम कोर्ट ने बाबा रामदेव को एक सप्ताह में हलफनामा दाखिल करने का आखिरी मौका दिया

shambhu border opening hearing news

Misleading Advertisements: सुप्रीम कोर्ट ने विज्ञापन मामले में पतंजलि से कहा कि यह पूरी तरह से अवज्ञा है. जानें सुनवाई के दौरान क्या हुआ.

विज्ञापन

Misleading advertisements : योग गुरु रामदेव (baba ramdev) , पतंजलि आयुर्वेद के प्रबंध निदेशक (एमडी) आचार्य बालकृष्ण (patanjali) मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए. भ्रामक विज्ञापनों के मुद्दे पर कोर्ट ने रामदेव और पतंजलि के प्रबंध निदेशक से कहा कि आपको यह सुनिश्चित करना चाहिए था कि आपके पवित्र वचन के संबंध में हलफनामा दायर किया गया है.

जानें कोर्ट में क्या-क्या हुआ

  • विज्ञापन मामले में नया हलफनामा दाखिल करने के लिए अधिक समय दिए जाने संबंधी पतंजलि की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कभी-कभी चीजों को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचना चाहिए.
  • कोर्ट ने विज्ञापन मामले में पतंजलि से कहा कि यह पूरी तरह से अवज्ञा है, केवल उच्चतम न्यायालय ही नहीं, देश भर की सभी अदालतों द्वारा पारित हर आदेश का सम्मान किया जाना चाहिए.
  • विज्ञापन मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने रामदेव और पतंजलि के एमडी से कहा कि आपको न्यायालय में दिए गए वचन का पालन करना होगा, आपने हर सीमा को तोड़ दिया है.

    Read Also : Misleading advertisements: पतंजलि ने सुप्रीम कोर्ट से मांगी माफी, जानें हलफनामे में क्या कहा
  • रामदेव के वकील ने पतंजलि के ‘भ्रामक’ विज्ञापन मामले की सुनवाई कर रहे सुप्रीम कोर्ट से कहा कि मेरी उपस्थिति को दर्ज करने और बिना शर्त माफी पर गौर करने का अदालत से अनुरोध करता हूं.
  • सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पतंजलि के ‘भ्रामक’ विज्ञापन मामले की सुनवाई कर रहे सुप्रीम कोर्ट से कहा कि जो हुआ वह नहीं होना चाहिए था.
  • सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आश्चर्य है कि जब पतंजलि कंपनी जोर-शोर से यह कह रही थी कि एलोपैथी में कोविड का कोई इलाज नहीं है तब सरकार ने अपनी आंखें बंद क्यों रखी.
  • सुप्रीम कोर्ट ने हलफनामे में पतंजलि के प्रबंध निदेशक के उस बयान को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि औषधि और प्रसाधन सामग्री (जादुई उपचार) अधिनियम पुराना है.
  • सुप्रीम कोर्ट ने रामदेव, बालकृष्ण को एक सप्ताह में हलफनामा दाखिल करने का आखिरी मौका दिया है.
  • सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि रामदेव, बालकृष्ण 10 अप्रैल को सुनवाई की अगली तारीख पर उसके समक्ष उपस्थित रहेंगे.
विज्ञापन
Agency

लेखक के बारे में

By Agency

Agency is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola