विदेशी छात्रों को अमेरिका से भेजने वाले आदेश पर ट्रंप ने लिया यू-टर्न, भारतीय छात्रों को बड़ी राहत

student visa, donald trump: जिन छात्रों के क्लास कोरोना वायरस के कारण ऑनलाइन चल रहे हैं उन विदेशी छात्रों का वीजा रद्द करने का अमेरिका के विवादास्पद फैसले पर डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने यू टर्न ले लिया है. ट्रंप प्रशासन ने अपने इस नियम को रद्द करने पर सहमति व्यक्त की है. छह जुलाई को ट्रंप प्रशासन ने कहा था कि अमेरिका में जिन छात्रों की केवल ऑनलाइन क्लास हो रही हैं, उन्हें अपने देश वापस चले जाना चाहिए.
Student visa, donald trump: जिन छात्रों के क्लास कोरोना वायरस के कारण ऑनलाइन चल रहे हैं उन विदेशी छात्रों का वीजा रद्द करने का अमेरिका के विवादास्पद फैसले पर डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने यू टर्न ले लिया है. ट्रंप प्रशासन ने अपने इस नियम को रद्द करने पर सहमति व्यक्त की है. छह जुलाई को ट्रंप प्रशासन ने कहा था कि अमेरिका में जिन छात्रों की केवल ऑनलाइन क्लास हो रही हैं, उन्हें अपने देश वापस चले जाना चाहिए.
ट्रंप प्रशासन का यह यू-टर्न एक राष्ट्रव्यापी आक्रोश के बाद सामने आया है. 17 अमेरिकी राज्यों और कोलंबिया के साथ-साथ गुगल, फेसबुक और माइक्रोसॉफ्ट जैसी शीर्ष अमेरिकी आईटी कंपनियों ने इसका विरोध किया था. अमेरिका में कोरोना वायरस के बढ़ते मामले के कारण ट्रंप प्रशासन ने यह आदेश दिया था.
ट्रंप प्रशासन के इस आदेश के खिलाफ मैसाचुसेट्स इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नॉलजी(एमआईटी) और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी कोर्ट चले गए थे. मैसाचुसेट्स के डिस्ट्रिक्ट जज एलिसन बरो ने कहा कि अब सभी पक्षों में समझौता हो गया है. इससे पहले अमरीका के प्रवासी और कस्टम निदेशालय (आईसीई) ने कहा था कि नियम न मानने पर छात्रों को जबरन वापस उनके देश भेजा जायगा.
ट्रंप प्रशासन के यूटर्न की घोषणा अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए एक बड़ी राहत है, जिसमें भारत के छात्र भी शामिल हैं. एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2018-2019 शैक्षणिक वर्ष में अमेरिका में 10 लाख से अधिक विदेशी छात्र थे. स्टूडेंट एंड एक्सचेंज विजिटर प्रोग्राम (एसईवीपी) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार जनवरी में अमेरिका के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में 1,94,556 भारतीय छात्रों का नामांकन हुआ था.
पिछले हफ्ते 136 से अधिक कांग्रेसियों और 30 सीनेटरों ने अंतरराष्ट्रीय छात्रों पर अपने आदेश को रद्द करने के लिए ट्रंप प्रशासन को लिखा था. कांग्रेस के अयान्या प्रेसले ने कहा कि यह पूरे देश में एमए7 और पूरे देश में उच्च शिक्षा के छात्रों, आयोजकों और संस्थानों के लिए एक बड़ी जीत है, जो इस नियम के खिलाफ खड़े हुए और संघर्ष किया.
अपने जुलाई के नोटिस में आईसीई (अमेरिकी आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन ) ने सभी छात्र वीज़ा धारकों को कहा था, जिनके विश्वविद्यालय पाठ्यक्रम केवल ऑनलाइन पेश किए गए हैं , उन्हें देश को छोड़ देना चाहिए. इस फैसले के खिलाफ 17 राज्यों और कोलंबिया ने कई अंतरराष्ट्रीय छात्रों का साथ दिया. कहा गया वे जिन देशों और समुदायों से आते हैं, उनमें डिस्टेंस शिक्षा असंभव होगी.
posted By: Utpal kant
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