Indian Wrestlers: स्पेन ने 21 भारतीय पहलवानों को वीजा देने से किया इंकार, जानें क्या है पूरा मामला

द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता महावीर प्रसाद ने स्पेन की निंदा की है. उन्होंने समाचार एजेंसी से बात करते हुए भारत सरकार से स्पेन पर जुर्माना और प्रतिबंध लगाने का आह्वान किया है. उन्होंने कहा कि ऐसा कदम उठाना किसी भी देश के लिए शर्म की बात हैं.
स्पेन द्वारा 21 भारतीय पहलवानों को वीजा नहीं दिए जानें के मामले में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने नाराजगी जताई है. दरअसल, स्पने में अंडर-23 कुश्ती चैंपियनशिप का आयोजन होने जा रहा है. इसके लिए 30 सदस्यीय टीम का चयन किया गया है. लेकिन स्पेन ने केवल 9 भारतीय पहलवानों का ही वीजा ग्रांट किया. वहीं, 21 लोगों के वीजा को रद्द कर दिया है. इसपर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए खट्टर ने कहा कि यह गंभीर मुद्दा है. वे इसे विदेश मंत्रालय के साथ साझा करेंगे.
स्पेन द्वारा विजा रद्द किए जाने से आक्रोशित मुख्य कोच और द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता महावीर प्रसाद ने स्पेन की निंदा की है. उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए भारत सरकार से स्पेन पर जुर्माना और प्रतिबंध लगाने का आह्वान किया है. उन्होंने कहा कि ऐसा कदम उठाना किसी भी देश के लिए शर्म की बात हैं. इस दौरान उन्होंने भारत द्वारा पाकिस्तान पर प्रतिबंध लगाने और यूडब्यूडब्ल्यू द्वारा जारी बयान को याद किया. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पर प्रतिबंध लगाने के बाद भारत को खरी खरी सुनाने वाला संगठन अब स्पेन पर बैन लगाता है या नहीं, यह हम सब की नजर पर है.
Also Read: सिमडेगा की बेटी सरस्वती कुमारी ने सीनियर कुश्ती में जीता कांस्य पदक
डब्ल्यूएफआई ने भी वीजा के मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. सहायक विनोद तोमर ने मीडिया से बात करते हुए कहा, भारत ने इस तरह की स्थिति का सामना पहले कभी नहीं किया था. उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा जारी मंजूरी पत्र और विश्व कुश्ती का निमंत्रण पत्र को स्पेन ने अनदेखा करते हुए वीजा देने से मना किया है. उन्होंने कहा, ऐसे फैसले स्पेन ने किस आधार पर लिए हैं, यह समझ से परे है. उन्होंने कहा कि डब्ल्यूएफआई के 9 मुख्य कोच ने भी वीजा के लिए आवेदन किया था, लेकिन उनमें से केवल 6 लोगों की वीजा की मंजूरी दी गई है.
प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी
लेखक के बारे में
By Piyush Pandey
Senior Journalist, tech enthusiast, having over 10 years of rich experience in print and digital journalism with a good eye for writing across various domains.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




