भारत से बात करना चाहता है पाकिस्तान, पीएम शहबाज का बयान- जंग कोई विकल्प नहीं, चर्चा करने को हम तैयार!
Published by : Pritish Sahay Updated At : 01 Aug 2023 8:26 PM
इस्लामाबाद में आयोजित पाकिस्तान खनिज शिखर सम्मेलन में बोलते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि हमें किसी से कोई शिकायत नहीं है. हमारा फोकस अपने देश का विकास करना है. उन्होंने कहा है कि इसके लिए हम अपने पड़ोसी से भी बात करने को तैयार हैं
क्या भारत से एक बार फिर बात करना चाहता है पाकिस्तान… क्या पाकिस्तान सुधर रहा है या भारत की परेशानी बढ़ाने वाला फिर कोई चाल उसके दिमाग में चल रहा है. दरअसल पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक बार फिर भारत से बातचीत की इच्छा जताई है. हमेशा कश्मीर का राग अलापने वाला पाकिस्तान भारत से वार्ता करने की बात कह रहा है. आज यानी मंगलवार को इस्लामाबाद में एक बिजनेस समिट के दौरान पीएम शहबाज ने भारत का नाम लिए बगैर कहा कि हम अपने पड़ोसी से भी बातचीत करना चाहते हैं, जिसके साथ हमने तीन लड़ाइयां लड़ीं हैं. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इसमें जरूरी है कि सामने वाला भी उतनी ही गंभीरता से बातचीत करें. शरीफ ने कहा कि युद्ध कोई विकल्प नहीं है और वह अपने पड़ोसी देश से बात करने के लिए तैयार हैं.
पाकिस्तान की मीडिया के मुताबिक, इस्लामाबाद में आयोजित पाकिस्तान खनिज शिखर सम्मेलन में बोलते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि हमें किसी से कोई शिकायत नहीं है. हमारा फोकस अपने देश का विकास करना है. उन्होंने कहा है कि इसके लिए हम अपने पड़ोसी से भी बात करने को तैयार हैं, लेकिन शर्त यह है कि बातचीत में वो भी पूरी गंभीरता दिखाये. गौरतलब है कि आजादी और देश विभाजन के बाद से ही पाकिस्तान की छवि भारत के सबसे बड़े दुश्मन की रही है. भारत में आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने, उनकी पोषण करने और भारत के खिलाफ तमाम अभियान में पाकिस्तान की प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से भूमिका रही है. करगिल से लेकर मुंबई हमले में पाकिस्तान का सीधे तौर पर हाथ रहा है. पाकिस्तान की इसी हरकत के कारण भारत ने साफ कर दिया है कि आतंकवाद और बातचीत साथ नहीं चल सकते.
हर देश के साथ चाहते हैं सहयोग- शहबाज शरीफ
गौरतलब है कि इस्लामाबाद में पाकिस्तान मिनरल्स समिट में बोलते हुए पीएम शहबाज ने कहा कि हम हर देश के साथ सहयोग करना चाहते हैं. उन्होंने भारत का नाम लिए बगैर कहा कि, उस पड़ोसी के साथ भी जिसके साथ आजादी के बाद हमने तीन जंग लड़े हैं. उन्होंने पाकिस्तान की छवि पाक साफ करने की कोशिश करते हुए कहा कि हमारा देश कभी भी किसी के खिलाफ साजिश नहीं करता है और ही इसे बढ़ावा देता है. उन्होंने कहा कि हम बातचीत चाहते हैं और उम्मीद करते हैं कि पड़ोसी भी हमसे उसी गंभीरता से बात करें. उन्होंने कहा कि युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं है, और न ही यह कोई विकल्प है.
भारत विरोध से शहबाज ने की थी शासन की शुरुआत
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ आज भले ही भारत के साथ बातचीत करने की गुहार लगा रहे हैं. लेकिन इमरान खान को जिस दौर में वे सत्ता से बेदखल कर शासन की बागडोर अपने हाथ में ले रहे थे, उस समय उनके विचार भारत के पूरी तरह खिलाफ थे. कश्मीर मुद्दे को लेकर उन्होंने भारत से अच्छे संबंध न बनने की बात कही थी. उन्होंने कहा था कि कश्मीर मसले (Kashmir Dispute) के हल होने तक भारत से शांतिपूर्ण संबंध कायम नहीं हो सकते. साल 2022 के मई महीने में जब उनके नाम की मुहर लग रही थी तो उस समय उनके भारत विरोधी विचार उफान मारते हुए उमड़ रहे थे. पूर्व पीएम नवाज शरीफ के भाई शहबाज शरीफ ने साफ कर दिया था कि वह भारत के साथ शांति चाहते हैं, लेकिन जब तक कश्मीर विवाद का हल नहीं हो जाता, तब तक यह संभव नहीं है.
अनुच्छेद 370 खत्म करने के फैसले को बताया था अस्वीकार्य
गौरतलब है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब कश्मीर में अनुच्छेद 370 खत्म किया था उस समय पाकिस्तान के तात्कालिक राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने संसद का एक संयुक्त सत्र बुलाया था. हालांकि सत्र से उस समय पीएम रहे इमरान खान नदारद थे, जिस पर पाकिस्तान में खूब हंगामा हुआ था. इसी दौरान पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज के अध्यक्ष और तात्कालिक विपक्षी नेता शहबाज शरीफ ने भारत के इस कदम की कड़ी निंदा की था और इसे अस्वीकार्य बताया था. ऐसे में घोर तंगहाली से गुजर रहे पाकिस्तान के पीएम ने भारत से बातचीत करने की बात कह रहे हैं.
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