चुनाव प्रचार कर रही थीं जापानी पीएम, तभी किम जोंग ने जापान सी में दाग दीं बैलिस्टिक मिसाइलें, टेंशन में टोक्यो

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उत्तर कोरिया का तानाशाह किम जोंग उन.

North Korea Fires Ballistic Missile towards Japan: उत्तर कोरिया ने इस महीने की दूसरी आक्रामक कार्रवाई में बैलिस्टिक मिसाइल दागी है. इस बार उसका निशाना जापान सागर रहा. इस मिसाइल टेस्टिंग के बाद जापान की पीएम हरकत में आईं. उन्होंने मामले की जांच के लिए आदेश दिए हैं.

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North Korea Ballistic Missile Japan Sea: उत्तर कोरिया ने मंगलवार, 27 जनवरी को जापान सागर की ओर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं. जापान के रक्षा मंत्रालय और दक्षिण कोरियाई सेना दोनों ने इसकी पुष्टि की. जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि उत्तर कोरिया ने दो बैलिस्टिक मिसाइलें छोड़ी हैं. दक्षिण कोरियाई सेना के मुताबिक, ये मिसाइलें मंगलवार दोपहर करीब 3:50 बजे प्योंगयांग के उत्तर वाले इलाके से दागी गईं और जापान सागर की तरफ गईं. क्योदो न्यूज ने जापान के रक्षा मंत्रालय के हवाले से बताया कि दोनों मिसाइलें जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) के बाहर समुद्र में गिरीं.

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4 जनवरी के बाद यह पहली बार है जब उत्तर कोरिया ने इस तरह की मिसाइल छोड़ी है. योनहाप न्यूज के अनुसार, ये मिसाइलें करीब 350 किलोमीटर (लगभग 217 मील) तक गईं. दक्षिण कोरिया और अमेरिका के अधिकारी इन लॉन्च की पूरी जानकारी जुटा रहे हैं. मिसाइल छोड़े जाने के बाद जापान सरकार ने तुरंत प्रधानमंत्री कार्यालय में आपात बैठक बुलाकर हालात की जानकारी इकट्ठा करना शुरू किया.

चुनाव प्रचार कर रही थीं ताकाइची

मंगलवार का यह परीक्षण उस समय हुआ जब जापान की प्रधानमंत्री ताकाइची पूर्वोत्तर जापान के मियागी प्रांत के सेंदाई शहर में चुनाव प्रचार की शुरुआत के मौके पर लोगों को संबोधित कर रही थीं. उन्होंने सभी संबंधित विभागों को तुरंत जानकारी जुटाने और लोगों को समय पर खबर देने के निर्देश दिए. टोक्यो में प्रधानमंत्री कार्यालय में मुख्य कैबिनेट सचिव मिनोरू किहारा और एक आपात टीम हालात पर नजर रखे हुए हैं.

साउथ कोरिया के पीएम चीन जा रहे; तब भी दागी थी मिसाइल

दक्षिण कोरिया के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ ने भी बताया कि उन्होंने एक ‘उड़ने वाली चीज’ (प्रोजेक्टाइल) को उसी दिशा में जाते देखा, जिसे सियोल ‘ईस्ट सी’ कहता है. यह इस महीने उत्तर कोरिया का दूसरा मिसाइल परीक्षण है. 4 जनवरी के बाद यह दूसरी बार है जब उत्तर कोरिया ने इस दिशा में कुछ दागा है. उस दिन भी मिसाइलें तब छोड़ी गई थीं, जब दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिलने बीजिंग जाने की तैयारी कर रहे थे. यह परीक्षण ऐसे समय में हुआ है जब एक दिन पहले पेंटागन के वरिष्ठ अधिकारी एल्ब्रिज कोल्बी सियोल गए थे. उन्होंने दक्षिण कोरिया को अमेरिका का “आदर्श साथी” बताया था.

नॉर्थ कोरिया इतनी तैयारी क्यों कर रहा है?

हाल के सालों में उत्तर कोरिया ने मिसाइल परीक्षण काफी बढ़ा दिए हैं. जानकारों का मानना है कि वह अपनी निशाना साधने की ताकत बेहतर करना चाहता है, साथ ही अमेरिका और दक्षिण कोरिया पर दबाव बनाना चाहता है. कुछ विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि वह भविष्य में रूस को हथियार बेचने से पहले उनका परीक्षण कर रहा हो सकता है. आने वाले हफ्तों में उत्तर कोरिया की सत्ताधारी पार्टी की एक बड़ी बैठक भी होने वाली है, जो पांच साल बाद हो रही है. इस बैठक से पहले नेता किम जोंग उन ने मिसाइल बनाने के काम को बढ़ाने और उसे और आधुनिक बनाने का आदेश दिया है.

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