Israel Palestine Conflict: हमास के हमले में 40 की मौत, बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा-हम युद्ध में हैं
Published by : Rajneesh Anand Updated At : 07 Oct 2023 10:36 PM
Some rise from the area of a power plant outside Ashkelon, Israel, on Saturday, Oct. 7, 2023. Palestinian militants in the Gaza Strip infiltrated Saturday into southern Israel and fired thousands of rockets into the country while Israel began striking targets in Gaza in response. AP/PTI(AP10_07_2023_000317B)
आतंकवादी समूह हमास ने शनिवार सुबह गाजा से इजराइल के पर हमले शुरू कर दिये, इस हमले से इजरायल बौखला गया और उसने युद्ध की घोषणा कर दी है. एपी न्यूज एजेंसी के अनुसार हमास के हमले में कम से कम 22 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है. वहीं इस हमले में 250 से अधिक लोगों के घायल होने की सूचना है. इस हमले से नाराज इजरायल सरकार के रक्षा मंत्री ने घोषणा कर दी है कि युद्ध छिड़ गया है. उन्होंने दावा किया कि इस युद्ध में इजराइल जीतेगा. गौरतलब है कि गाजा पर शासन करने वाले उग्रवादी समूह हमास और इजराइल के बीच वर्षों से गंभीर तनाव व्याप्त है. अब जबकि हमास ने इजरायल पर हमला किया है स्थिति और भी गंभीर हो गई है.
एयर इंडिया ने दिल्ली से इजराइल जाने वाली उड़ान रद्द की
इजराइल के तेल अवीव पर शनिवार को हमास आतंकवादियों के हमला करने के बाद एयर इंडिया ने नयी दिल्ली से वहां जाने वाली उड़ान रद्द कर दी. एयरलाइन तेल अवीव के लिए पांच साप्ताहिक उड़ानें संचालित करती है. ये उड़ानें- सोमवार, मंगलवार, बृहस्पतिवार, शनिवार और रविवार को होती हैं. कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि यात्रियों और चालक दल के सदस्यों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शनिवार को नयी दिल्ली से तेल अवीव के लिए उड़ान संख्या एआई 139 और वापसी की उड़ान एआई 140 को रद्द कर दिया गया है.
हमास के हमले में कम से कम 40 लोगों की मौत
इजराइल में हमास के हमले में कम से कम 40 लोग मारे गए हैं. यह जानकारी इजराइल की राष्ट्रीय बचाव सेवा ने दी.
इजरायल ने हमास को हमले के लिए नहीं उकसाया
हमास द्वारा इजरायल पर हमले की शुरुआत किए जाने पर आईडीएफ के पूर्व प्रवक्ता ने कहा कि यह हमले के लिए किसी भी तरह इजरायल ने नहीं उकसाया था, यह एक स्वतंत्र पहल थी. उनका कहना है कि ईरान फिलिस्तीनियों के क्षेत्रों में चाहे वह वेस्ट बैंक हो या गाजा में, लाखों की संख्या में पैसा डाल रहा है. इस पूरे क्षेत्र में अशांति पैदा करने की कोशिश कर रहा है.
दुश्मन को हमले की कीमत चुकानी होगी
हमास द्वारा किए गए हमले के बाद इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि हम युद्ध में हैं. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि हमारे दुश्मनों को इजरायल पर हमले की कीमत चुकानी होगी.
हमास के हमले से इजरायल बौखला
हमास के हमले से इजरायल बौखला गया है, तेल अवीव में इजराइली सैन्य मुख्यालय में मंत्रिमंडल की बैठक के बाद रक्षा मंत्री योव गैलेंट ने चेतावनी दी कि हमास ने आज सुबह दक्षिणी और मध्य इजराइल में रॉकेट हमला करके बड़ी गलती की है
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लेखक के बारे में
By Rajneesh Anand
रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.
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