कोरोना के चलते इस देश में गांजे की दुकानों के बाहर लंबी कतारें, अमेरिका में बंदूकों की बिक्री बढ़ी

People wait in a line to enter a gun store in Culver City, Calif., Sunday, March 15, 2020. Coronavirus concerns have led to consumer panic buying of grocery staples, and now gun stores are seeing a similar run on weapons and ammunition as panic intensifies. (AP Photo/Ringo H.W. Chiu)
देश और दुनिया में कोरोना वायरस (Covid-19) )का खतरा बढ़ने के साथ-साथ लोगों का डर भी बढ़ता जा रहा है. यूरोपीय देशों और अमेरिका में हालात ज्यादा खराब हैं. किसी भी मुसीबत से बचने के लिए लोगों ने घर में सामान इकट्ठा करना शुरू कर दिया है.
देश और दुनिया में कोरोना वायरस का खतरा बढ़ने के साथ-साथ लोगों का डर भी बढ़ता जा रहा है. यूरोपीय देशों और अमेरिका में हालात ज्यादा खराब हैं. किसी भी मुसीबत से बचने के लिए लोगों ने घर में सामान इकट्ठा करना शुरू कर दिया है. कोरोनावायरस के कहर के मद्देनजर लोग अलग-अलग तरीके अपनाकर बचाव की कोशिश कर रहे हैं. इसी क्रम में दो देशों निदरलैंड और अमेरिका की खबर आज हम आपको बता रहे है. कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए यूरोप के कई देशों में लॉकडाउन जैसी स्थिति हो गई है. जहां बाकी देशों में लोग सुपरमार्केट और केमिस्ट के पास कतार लगा रहे हैं, नीदरलैंड्स में यह नजारा गांजे की दुकानों के बाहर दिखा. तो वहीं अमेरिका में बंदूकों की बिक्री अचानक से बढ़ गई है. नीदरलैंड्स में एक सीमित मात्रा में गांजा खरीदना वैद्य है. राजधानी एम्सटर्डम दुनिया भर में इसके लिए जानी जाती है. यहां खुलेआम दुकानों में गांजा बिकता है और जिन दुकानों में इसे बेचा जाता है, उन्हें “कॉफी शॉप” कहते हैं.
मंगलवार शाम तक इन कॉफी शॉप के बाहर लंबी कतारें लगी हुई दिखीं. कोरोना के खतरे के मद्देनजर सरकार ने रेस्तरां, बार और कॉफी शॉप बंद करने का फैसला किया जिसके बाद गांजा लेने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी. चरस और गांजे के शौकीन लोग जितना मुमकिन हो सके इनका स्टॉक जमा कर लेना चाहते थे. गौरतलब है कि नीदरलैंड्स में अब तक कोरोना संक्रमण के एक हजार से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं और कम से कम 20 लोगों की मौत हुई है.
अब अगर बात करें अमेरिका की तो यहां कोरोना से अब तक 60 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. हजारों लोग संक्रमण की चपेट में हैं. कई राज्यों में बंद के हालात हैं. इसी बीच, अमेरिका के कई शहरों में बंदूकों और गोलियों की बिक्री बढ़ गई है. अमेरिकी संविधान के मुताबिक, बंदूक रखने को एक बुनियादी अधिकार माना गया है. अब कोरोना के कहर के बीच बंदूक की बिक्री बढ़ने का कारण खास डर है. अमेरिकी मीडिया के मुताबिक, लोग इसलिए हथियार खरीदना चाहते हैं ताकि वो जब मुसीबत में हों खुद का बचाव कर सके. लॉस एंजेल्स स्थित दुनिया के सबड़े बड़े गन स्टोर मेट्रो अटलांटा में बंदूक खरीदने के लिए लोगों की कतार लगी है. एक दिन में इस दूकान से करीब 30 हजार डॉलर के हधियारों की बिक्री हो रही है. अमेरिकी मीडिया के मुताबिक, यहा सामान्य दिनों के मुकाबले बंदूकों की बिक्री पांच गुणा बढ़ गई है.
इधर, किसी भी मुसीबत से बचने के लिए ब्रिटेन में लोगों ने घर में सामान इकट्ठा करना शुरू कर दिया है. हालात बहुत बिगड़ने पर अगर उन्हें घर में रहना पड़े या बार-बार बाज़ार जाने से बचने के लिए वो ज़्यादा से ज़्यादा सामान खरीदे रहे हैं. लेकिन सुपरमार्केट कंपनियों का कहना है कि लोगों की इस जल्दबाजी से दूसरों को ज़रूरत का सामान भी नहीं मिल पा रहा है. सुपरमार्केट्स ने खरीदारों से अपील की है कि वो जितना सामान ज़रूरी है सिर्फ़ उतना ही खरीदें. कोरोना वायरस के डर के चलते घर में सामान इकट्ठा न करें. एक संयुक्त पत्र में ब्रिटेन के खुदरा विक्रेताओं ने ग्राहकों से कहा है कि वो समझदारी से खरीदारी करें ताकि दूसरों के लिए बेहद ज़रूरी चीजों की कमी न पड़े.
अब तक 145 देशों में फैल चुके कोरोना वायरस से दुनियाभर में मौतों का आंकड़ा सात हजार पार कर गया है जबकि संक्रमितों की संख्या 180,000 से ज्यादा हो गई है. यूरोप में तेजी से फैल रहे कोरोना वायरस के कारण फ्रांस ने भी इटली और स्पेन की तरह प्रतिबंध लागू कर दिए हैं, जो कि युद्ध के समय के अलावा शायद ही कभी देखे गए होंगे. दर्जनों देशों ने अपनी सीमाएं सील करने के साथ ही कर्फ्यू लगाने के अलावा अधिकतर सार्वजनिक कार्यक्रम भी रद्द कर दिए हैं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




