चीन कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए भारत के साथ अनुभव साझा और जरूरी मदद करने को तैयार

चीन ने कोरोना वायरस प्रकोप से अपनी लड़ाई के दौरान भारत की ओर से भेजी गई मदद को लेकर सोमवार को इसकी 'सराहना' की. चीन ने कहा कि वह कोविड-19 से निपटने के अपने अनुभवों को नयी दिल्ली के साथ साझा करना पसंद करेगा और कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए जरूरी मदद मुहैया कराएगा.
बीजिंग : चीन ने कोरोना वायरस प्रकोप से अपनी लड़ाई के दौरान भारत की ओर से भेजी गई मदद को लेकर सोमवार को इसकी ‘सराहना’ की. चीन ने कहा कि वह कोविड-19 से निपटने के अपने अनुभवों को नयी दिल्ली के साथ साझा करना पसंद करेगा और कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए जरूरी मदद मुहैया कराएगा. भारत ने भी 26 फरवरी को एक सैन्य विमान के जरिये चीन के बुरी तरह प्रभावित वुहान में मास्क, दस्ताने और अन्य आपातकालीन चिकित्सा उपकरण समेत करीब 15 टन चिकित्सीय मदद भेजी थी. यह विमान 112 भारतीयों और कई विदेशी नागरिकों भी निकालकर लाया था.
यहां मीडिया को जारी विवरण में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने कहा कि उनके देश में कोरोना वायरस प्रकोप के दौरान मदद मुहैया कराने वाले 19 देशों के लिए चीन ने सहायता की पेशकश की है. उनकी 19 देशों की सूची में खासतौर पर भारत का नाम नहीं होने के सवाल पर गेंग ने कहा कि भारत और चीन के बीच आदान-प्रदान की एक बेमिसाल प्रणाली है और यह करीबी है.
उन्होंने कहा कि कोविड-19 के प्रकोप के बाद, चीन और भारत के बीच संवाद कायम हैं और दोनों के बीच सहयोग है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस की विपत्ति के दौरान चीन के लोगों के प्रति सहानुभूति व्यक्त की थी और भारत के विदेश मंत्री ने भी चीनी पक्ष से फोन पर बात की.
गेंग ने कहा कि हमें भारत की ओर से सहायता मिली और हम इसकी सराहना करते हैं. हमारे पास आदान-प्रदान का एक तंत्र है और चीन समय-समय पर भारत को जानकारी देता रहा है. उन्होंने कहा कि हम चीन में भारतीय नागरिकों को जरूरी सुविधाएं और सहायता मुहैया करवा रहे हैं. हम उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा को संरक्षित कर रहे हैं.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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