सुषमा स्वराज का डिप्लोमेसी इफेक्ट : चीन आतंकी लखवी पर करेगा पुनर्विचार
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 25 Jun 2015 2:43 PM
काठमांडो : विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने 26/11 के मास्टरमाइंड जकीउर रहमान लखवी की रिहाई के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र में भारत की कवायद में चीन के अडचन डालने पर अपने चीनी समकक्ष वांग यी से मुलाकात की और कहा कि यह संबंधों में हुई प्रगति से अलग रुख है. नेपाल की मदद के लिए आयोजित […]
काठमांडो : विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने 26/11 के मास्टरमाइंड जकीउर रहमान लखवी की रिहाई के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र में भारत की कवायद में चीन के अडचन डालने पर अपने चीनी समकक्ष वांग यी से मुलाकात की और कहा कि यह संबंधों में हुई प्रगति से अलग रुख है. नेपाल की मदद के लिए आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के इतर बैठक में स्वराज ने चीनी विदेश मंत्री से कहा कि लखवी कोई ‘आम आतंकवादी’ नहीं है, वह 166 से ज्यादा लोगों की जान लेने वाले मुंबई आतंकी हमले का मास्टरमाइंड है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूपने बताया, ‘संयुक्त राष्ट्र 1267 कमेटी में चीन ने जकीउर रहमान लखवी पर जो रुख अख्तियार किया विदेश मंत्री ने उस मुद्दे को उठाया. उन्होंने कहा कि भारत और चीन दोनों आतंकवाद का शिकार है और इसलिए अच्छे और बुरे आतंकवादियों के बीच कोई भेद नहीं होना चाहिए.’ स्वरूप ने कहा, ‘सुषमा ने कहा कि मसले पर चीन का रुख भारत-चीन द्विपक्षीय संबंधों में जो उत्कृष्ट प्रगति हुई है, उससे अलग लगता है.’
उन्होंने कहा कि वांग ने स्वराज को आश्वस्त किया कि चीन सभी तरह के आतंकवाद का विरोध करता है और वह मामले पर गौर करेंगे. स्वरुप ने कहा, ‘उन्होंने (वांग) आश्वस्त किया कि कोई कारण नहीं है कि भारत और चीन आतंकवाद विरोधी प्रयासों पर और निकटता से काम नहीं करे.’ संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंध समिति की एक बैठक में भारत ने संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव का उल्लंघन कर 26/11 मुकदमे में लखवी की रिहाई के लिए पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी लेकिन चीनी प्रतिनिधियों ने इस आधार पर इसे रोक दिया कि नयी दिल्ली ने पर्याप्त सूचना नहीं मुहैया करायी है.
26/11 आतंकी हमले के सरगना लखवी को अप्रैल में पाकिस्तानी जेल से रिहा कर दिया गया था. भारत के अनुरोध पर पिछले सप्ताह संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंध कमेटी ने बैठक की. संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंध कमेटी के मौजूदा अध्यक्ष जिम मैकले को एक पत्र में संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि अशोक मुखर्जी ने पिछले महीने कहा था कि पाकिस्तान अदालत द्वारा लखवी की रिहाई खास समूहों और निजी शख्सों से निपटने में संयुक्त राष्ट्र के 1267 प्रस्ताव का उल्लंघन है.
प्रतिबंध का प्रावधान अलकायदा और लश्करे तैयबा सहित आतंकी समूहों से जुडे किसी व्यक्ति और समूह पर लागू होता है. इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लखवी की रिहाई को लेकर पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई के लिए संयुक्त राष्ट्र में चीन के कदम पर चीनी नेतृत्व के समक्ष भारत की चिंताएं व्यक्त की थीं.
लश्करे तैयबा का संस्थापक और जमात उद दावा(जेयूडी) का प्रमुख हाफिज सईद के करीबी रिश्तेदार लखवी (55) को दिसंबर 2008 में गिरफ्तार किया गया और 25 नवंबर 2009 को छह अन्य के साथ 26/11 हमला मामले में अभ्यारोपित किया गया. वांग के साथ स्वराज की बैठक को बहुत अच्छी बताते हुए स्वरूप ने कहा कि भारत और चीन के बीच नेपाल में पुनर्निर्माण कार्यों पर अपना सहयोग और समन्वय कैसे मजबूत करें, सहित कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई.
उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री के चीन के महत्वपूर्ण दौरे पर बहुत अच्छी चर्चा हुई थी, जहां स्वीकार किया गया कि केवल सरकार-सरकार के बीच ही नहीं बल्कि लोगों के बीच भी संबंध मजबूत हुआ है. स्वरूप ने कहा कि कैलाश मानसरोवर श्रद्धालुओं के लिए नाथू ला मार्ग को खोले जाने पर भी चर्चाहुईऔर विदेश मंत्री ने इस नये मार्ग को खोलने के लिए चीनी नेतृत्व का शुक्रिया अदा किया. स्वराज और वांग यहां दो महीने पहले 25 अप्रैल को भीषण भूकंप में तबाह नेपाल द्वारा फंड जुटाने के लिए पुनर्निर्माण पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में शिरकत करने आए हैं.
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