Ration scam : कोर्ट ने दिया आदेश, ज्योतिप्रिय मल्लिक को अब घर का नहीं, मिलेगा जेल का खाना

ज्योतिप्रिय मल्लिक को पोईला बाइस सेल में रोजाना अखबार आता है. वहां अखबार के पन्नों को अलग-अलग कर दिया जाता है. कैदी बारी-बारी से एक-एक पन्ने को लेकर पढ़ते हैं. वन मंत्री को भी अब इसी तरह अखबार पढ़ने को मिलेगा.
पश्चिम बंगाल में राशन घोटाले में गिरफ्तार वन मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक (Forest Minister Jyotipriya Mallik) को अदालत के निर्देश के बाद से प्रेसिडेंसी जेल भेज दिया गया. बैंकशाल कोर्ट ने आदेश दिया कि ज्योतिप्रिय मल्लिक को घर का नहीं बल्कि जेल का खाना खाना होगा. अदालत सूत्रों के मुताबिक, मंत्री के डाइट चार्ट को लेकर बैंकशाल कोर्ट ने जेल प्रबंधन से रिपोर्ट मांगी थी. कोर्ट ने यह जानना चाहा था कि डॉक्टरों की सलाह के मुताबिक जेल में मंत्री के भोजन की सुविधा और बुनियादी ढांचा है या नहीं. सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट में जेल अधिकारियों ने कहा है कि मंत्री को जेल में चिकित्सकों की सलाह के अनुसार ही भोजन दिया जा रहा है. बता दें कि पूर्व खाद्य मंत्री के स्वास्थ्य संबंधी कुछ समस्याओं को उनके वकील ने अदालत के ध्यान में लाया था. इसके बाद ही अदालत ने जेल प्रबंधन से रिपोर्ट मांगी थी. प्रेसीडेंसी जेल के अधिकारियों ने अदालत को बताया कि डॉक्टरों के डाइट चार्ट के अनुसार भोजन उपलब्ध कराने के लिए बुनियादी ढांचा मौजूद है.
सूत्रों के अनुसार, मंत्री को जेल के सबसे हाई सिक्योरिटी सेल ‘पोइला बाइस’ में रखा गया है. इन दिनों धोखाधड़ी के मामलों में गिरफ्तार अधिकतर हैवीवेट नेता व मंत्री इसी सेल में रह रहे हैं. सूत्रों के अनुसार, जेल में ज्योतिप्रिय को एक कंबल व एक चादर दिये गये. वह जमीन पर कंबल बिछाकर सो रहे हैं. अदालत ने कोई अतिरिक्त सुविधा देने का निर्देश नहीं दिया है. जेल में पहली रात आरोपी मंत्री को ठीक से नींद नहीं आयी, क्योंकि उन्हें फर्श पर सोने की आदत नहीं है. फिलहाल वह जिस सेल में हैं, उसमें किसी अन्य कैदी को नहीं रखा गया है. टीवी, खाटिया, अखबार जैसी कोई सुविधा वहां नहीं है. पोईला बाइस सेल में रोजाना अखबार आता है. वहां अखबार के पन्नों को अलग-अलग कर दिया जाता है. कैदी बारी-बारी से एक-एक पन्ने को लेकर पढ़ते हैं. वन मंत्री को भी अब इसी तरह अखबार पढ़ने को मिलेगा.
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By Shinki Singh
10 साल से ज्यादा के पत्रकारिता अनुभव के साथ मैंने अपने करियर की शुरुआत Sanmarg से की जहां 7 साल तक फील्ड रिपोर्टिंग, डेस्क की जिम्मेदारियां संभालने के साथ-साथ महिलाओं से जुड़े मुद्दों और राजनीति पर लगातार लिखा. इस दौरान मुझे एंकरिंग और वीडियो एडिटिंग का भी अच्छा अनुभव मिला. बाद में प्रभात खबर से जुड़ने के बाद मेरा फोकस हार्ड न्यूज पर ज्यादा रहा. वहीं लाइफस्टाइल जर्नलिज्म में भी काम करने का मौका मिला और यह मेरे लिये काफी दिलचस्प है. मैं हर खबर के साथ कुछ नया सीखने और खुद को लगातार बेहतर बनाने में यकीन रखती हूं.
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