गर्भावस्था के दौरान जरूरी है विटामिन डी, नहीं तो.....
Updated at : 20 Feb 2018 5:50 AM (IST)
विज्ञापन

गर्भावस्था के दौरान मां में विटामिन डी की कमी हो, तो पैदा होनेवाले बच्चों में जन्मजात और वयस्क होने पर मोटापा बढ़ने की अधिक संभावना रहती है. पत्रिका ‘पेडिएट्रिक ओबेसिटी’ में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक, 532 मां-बच्चों के जोड़े की जांच की गयी, जिसमें बच्चे के जन्म से पहले मां में विटामिन डी को मापा […]
विज्ञापन
गर्भावस्था के दौरान मां में विटामिन डी की कमी हो, तो पैदा होनेवाले बच्चों में जन्मजात और वयस्क होने पर मोटापा बढ़ने की अधिक संभावना रहती है. पत्रिका ‘पेडिएट्रिक ओबेसिटी’ में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक, 532 मां-बच्चों के जोड़े की जांच की गयी, जिसमें बच्चे के जन्म से पहले मां में विटामिन डी को मापा गया.
पता चला है कि ऐसी मां से से जन्म लेनेवाले बच्चे की कमर चौड़ी होने या 6 साल की उम्र में बच्चे के मोटे होने की संभावना अधिक होती है. विटामिन डी को ‘सनशाइन विटामिन’ भी कहते हैं. इसे हृदय रोग, कैंसर, मल्टीपल स्क्लरोसिस और टाइप 1 डायबिटीज के खतरे से जोड़ा जाता है. इसका 95 फीसदी हिस्सा धूप से आता है, शेष पांच अंडा, फिश लिवर ऑयल, दूध, पनीर, दही से मिलता है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




