West Bengal Election 2021: नंदीग्राम का सियासी संग्राम, जनता की नींद हराम

साल 2006 में सीपीएम सरकार के कार्यकाल में जिस आंतक से मुक्ति पाने और नंदीग्राम में शांति के लिए नंदीग्राम की जनता ने ममता बनर्जी को वोट किया था. इसके बाद ममता सत्ता में आयी और कुछ समय के लिए शांति भी हुई पर आज फिर से वही कहानी है. एक बार फिर नंदीग्राम अशांत है. सहमें हुए लोगों के जेहन में पुरानी यादें फिर से ताजा हो रही है. जो जख्म लगभग भर गये थे वो अब फिर से हरे हो रहे हैं. क्योंकि जिस शांति के लिए लोगों ने टीएमसी के लिए लोगों को वोट किया था, आज वो शांति नंदीग्राम में नहीं है.
साल 2006 में सीपीएम सरकार के कार्यकाल में जिस आंतक से मुक्ति पाने और नंदीग्राम में शांति के लिए नंदीग्राम की जनता ने ममता बनर्जी को वोट किया था. इसके बाद ममता सत्ता में आयी और कुछ समय के लिए शांति भी हुई पर आज फिर से वही कहानी है. एक बार फिर नंदीग्राम अशांत है. सहमें हुए लोगों के जेहन में पुरानी यादें फिर से ताजा हो रही है. जो जख्म लगभग भर गये थे वो अब फिर से हरे हो रहे हैं. क्योंकि जिस शांति के लिए लोगों ने टीएमसी के लिए लोगों को वोट किया था, आज वो शांति नंदीग्राम में नहीं है.
प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए